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बांग्लादेश में देखते ही देखते नदी में जा गिरी बस, 23 लोगों की मौत, कई लापता

बांग्लादेश में एक बड़े बस हादसे की जानकारी सामने आई है। बुधवार को कम से कम 40 लोगों को ले जा रही एक बस नाव पर चढ़ने की कोशिश करते समय पद्मा नदी में गिर गई। इस हादसे में अभी तक 23 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। कई यात्रियों के लापता होने की आशंका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना दक्षिण-पश्चिमी राजबारी में दौलाडिया टर्मिनल पर शाम लगभग 5 बजकर 15 मिनट पर हुई और बस पद्मा नदी में गिर गई। इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह बस नदी में गिर गई।

जानकारी के मुताबिक, बस सवार लोग ईद की छुट्टियां मनाकर ढाका वापस लौट रहे थे। उसी दौरान ये दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे के समय वहां पर अन्य लोग भी मौजूद थे जिन्होंने इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी और उसके बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। कई लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं। बचाव कर्मी लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटें हैं और उन्हें आशंका है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। घटनास्थल पर फायर सर्विस, नेवी और पुलिस की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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6 घंटे बाद निकाली बस

इस हादसे के करीब 6 घंटे बाद रेस्क्यू शिप हमजा की मदद से डूबी हुई बस को नदी से बाहर निकाला गया। बांग्लादेश के मशहूर अखबार ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, रात के करीब सवा 11 बजे बस का कुछ हिस्सा दिखाई दिया और साढे 11 बजे तक क्रेन के जरिए पूरी बस को बाहर खींच लिया गया। इस दौरान नदी के किनारे काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि 23 शव बरामद किए जा चुके हैं। रात होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका गया था, जिसे सुबह होते ही फिर से शुरू किया गया।

तैरकर निकले यात्री

इस हादसे में कुछ यात्रियों ने नदी में तैरकर अपनी जान बचाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में तैरकर अपनी जान बचाने वाले एक यात्री ने बताया कि वह तो किसी तरह तैरकर नदी के किनारे आ गया लेकिन उसकी पत्नी और बच्चे उसकी आंखों के सामने पानी में डूब गए। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि इस हादसे में वह तो सुरक्षित बच गया लेकिन उसका परिवार अभी लापता है।

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लापता लोगों की तलाश जारी

इस हादसे में कुछ लोगों की जान चली गई और उनके शव बरामद कर लिए गए तो कुछ किसी तरह से अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। हालांकि, अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि अंधेरे के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कत आई लेकिन नेवी और गोताखोरों की टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। प्रशासन सर्च ऑपरेशन को और ज्यादा तेज कर रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

मोबाइल विवाद बना हत्याकांड, पति ने पत्नी के सिर पर मारी लोहे की रॉड

News Desk

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में चौंकाने वाली वारदात हुई है। यहां के बीजपुर क्षेत्र के महुआ वारी सीरसोती में मंगलवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने भयावह रूप ले लिया। आरोप है कि कन्हैया जाटव ने अपनी पत्नी सुमन जाटव के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। इसके बाद सुमन के सिर तेजी से खून बहने लगा और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बता दें कि ये घटना मंगलवार रात लगभग 12 बजे की है, जब मोबाइल चलाने को लेकर कन्हैया और सुमन के बीच कहासुनी हुई। इस हमले में सुमन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद परिजनों की सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची और घायल को एनटीपीसी धन्वंतरी अस्पताल में ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान रात लगभग डेढ़ बजे डॉक्टरों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि मृतका सुमन अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। वह 2 बेटे और 2 बेटियों की मां थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी पति एनटीपीसी बीजपुर में एक निजी कंपनी में कारपेंटर का काम करता है। मामले में आगे की जांच जारी है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि दोषी से पूछताछ की गई है। हमारी टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।

सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि ग्राम महुआ बारी अंतर्गत थाना बीजपुर में एक पति-पत्नी के बीच में विवाद हो गया। इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए पीआरवी जब मौके पहुंची तो उन्हें यह पता चला कि कन्हैया जो म्योरपुर थाना अंतर्गत रहता है। उसका किसी बात को लेकर पत्नी सुमन से विवाद हो गया था। इसके बाद, उसने लोहे की रॉड को अपनी पत्नी के सिर पर मार दिया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ईरानी फिल्ममेकर कियारोस्तामी के घर पर बमबारी

News Desk

तेहरान। ईरान के मशहूर दिवंगत फिल्म निर्देशक अब्बास कियारोस्तामी के घर पर हालिया बमबारी में नुकसान पहुंचने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह हमला शिराज में हुआ, जहां अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
कियारोस्तामी के बेटे अहमद कियारोस्तामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार रात हुई बमबारी में उनके पिता के घर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने लिखा कि उनकी मां ने उन्हें फोन कर अपनी सलामती की जानकारी दी, लेकिन बाद में पता चला कि उनके पिता का घर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना पर ईरान का विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या कियारोस्तामी का घर भी अमेरिका के लिए किसी “खतरे” का हिस्सा था? उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, सभ्यता और पहचान पर भी हमला है।
उल्लेखनीय है कि अब्बास कियारोस्तामी ईरान के सबसे प्रतिष्ठित फिल्मकारों में गिने जाते थे। उनकी फिल्म टेस्ट ऑफ चेरी को 1997 में कान्स फिल्म समारोह में प्रतिष्ठित पाल्मे डीओर पुरस्कार मिला था। वहीं उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म सर्टिफाइड कॉपी में फ्रांसीसी अभिनेत्री जूलियट बिनोश ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कियारोस्तामी का 2016 में निधन हो गया था, लेकिन उनकी फिल्मों को आज भी विश्व सिनेमा में खास स्थान प्राप्त है।
इस बीच, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने को लेकर सकारात्मक बातचीत जारी है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस पर संदेह जताया है।
मंगलवार को भी हमले जारी रहे, जिसमें ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्रों को निशाना बनाया। फारस की खाड़ी के देशों से भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। लगातार बढ़ते इस तनाव ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तर सिक्किम में सड़क बंद, 200 पर्यटक फंसे

News Desk

नई दिल्ली। सिक्किम के उत्तरी हिस्से में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे ज्यादा असर चुंगथांग क्षेत्र में देखा गया, जहां प्रमुख सड़कों के बंद होने से आवागमन ठप हो गया है। भूस्खलन के कारण इलाके में करीब 200 पर्यटक फंस गए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

मंगन जिले के कलेक्टर अनंत जैन ने बताया कि मंगलवार रात चुंगथांग-लाचेन मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसके चलते लाचेन जा रहे पर्यटक बीच रास्ते में ही रुक गए। प्रशासन ने फंसे हुए पर्यटकों के लिए तुरंत राहत की व्यवस्था की। उन्हें रात भर के लिए आईटीबीपी कैंप और गुरुद्वारे में ठहराया गया, जहां भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़क बहाली का काम जारी है। मौसम को देखते हुए हालात की समीक्षा की जाएगी और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

इस बीच, कुछ पर्यटक गंगटोक लौट गए हैं और उन्होंने अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, लाचुंग मार्ग, जो मंगलवार रात बंद हो गया था, अब साफ कर दिया गया है और वहां से पर्यटकों को सुरक्षित गंगटोक भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि लाचेन मार्ग को हाल ही में 9 मार्च को ही दोबारा खोला गया था, जो 2023 में आई विनाशकारी हिमनद झील विस्फोट से आई बाढ़ के बाद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, भारी बर्फबारी के चलते प्रमुख पर्यटन स्थल त्सोमगो झील और नाथूला दर्रा फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद हैं।

वंदे भारत ट्रेन के खाने में मिले जिंदा कीड़े, अफसर बोला केसर है, अब लगा जुर्माना

भारतीय रेलवे ने इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) वंदे भारत एक्सप्रेस में खाना परोसने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। रेलवे ने यह कार्रवाई यात्रियों की शिकायत पर की है जिसमें खाने में जिंदा कीड़े होने का दावा किया गया था। रेलवे ने अब आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, वहीं संबंधित वेंडर यानी कैटरिंग कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उस वेंडर का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म करने का आदेश दे दिया है।

रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा, ’15 मार्च को ट्रेन संख्या 21896 (पटना – टाटानगर वंदे भारत एक्स) में पाई गई अनियमितता के संबंध में यात्री की ओर से भोजन की गुणवत्ता पर की गई शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना और कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन के आदेश दिए हैं।’

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क्या है पूरा मामला?

पटना से टाटानगर के बीच चलने वाली ट्रेन में यात्रियों को परोसे गए खाने की क्वालिटी को लेकर 15 मार्च को एक शिकायत सामने आई थी। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें जो खाना दिया गया, उसमें कीड़े पाए गए। घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और रेलवे सवालों के घेरे में आ गया। इस मामले में जिस यात्री ने शिकायत की थी उन्होंने बताया कि डिनर में परोसी गई दाल और दही में जीवित कीड़े नजर आए. पहले तो इस बात को नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब यात्रियों ने खुद अपनी आंखों से प्लेट में कीड़े चलते हुए देखे, तो उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया।

11 दिन पुराना खाना परोसा

वीडियो में देखा जा सकता है कि जब यात्रियों ने पैंट्री अटेंडेंट से जवाब मांगा तो उसने स्वीकार किया कि दही के कप 4 मार्च को बने थे और उन्हें 15 मार्च को परोसा जा रहा था। जब यात्रियों ने एक्सपायरी डेट को लेकर सवाल किया तो कर्मचारी ने लापरवाही भरा जवाब देते हुए कहा कि यह एक्सपायरी नहीं, मैन्युफैक्चरिंग डेट है। यात्रियों का गुस्सा इस बात पर था कि परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। आरोप है कि जब यात्रियों ने पैंट्री मैनेजर से शिकायत की, तो उसने शुरुआत में इसे केसर बताकर टालने की कोशिश की लेकिन बाद में लिखित शिकायत देने की बात कहने लगा।

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जांच में क्या सामने आया?

इस मामले में विवाद बढ़ा तो रेलवे ने जांच शुरू कर दी। रेलवे की जांच में पाया गया कि खाने की क्वालिटी निर्धारित मानकों के हिसाब से नहीं थी। इसके बाद रेलने ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी और वेंडर दोनों पर जुर्माना लगाया है। रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। रेलने ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केमिकल-स्टील और एल्युमिनियम पर असर, ईरान युद्ध से कितना परेशान हो रहा भारत?

पश्चिम एशिया में तेजी से गहराता युद्ध संकट भारत में भी मुश्किलें पैदा कर रहा है। देश में गैस सिलेंडर की किल्लतों के बीच कई और सेक्टर्स पर इसके दुष्प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के उर्जा संयंत्रों पर हमले कर रहे हैं। जवाब में ईरान खाड़ी के लगभग आधा दर्जन देशों के उर्जा संयंत्रों के ऊपर हमला कर रहा है। इसके असर दुनिया के साथ ही भारत के स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल और यहां तक ​​कि शराब निर्माताओं को परेशानी आ रही है।

भारतीय निर्माताओं को युद्ध की वजह से अटके हुए शिपमेंट, गैस की कमी और पेमेंट की दिक्कतों की वजह से ऑपरेशनल रुकावटे आ रही हैं। इनमें से ज्यादातर सेक्टर्स होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। होर्मुज से बड़े पैमाने पर कच्चा माल भारत पर पहुंचता था।

अलग-अलग क्षेत्रों में अटके कार्गो

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण सेक्टर सप्लाई चेन के समुद्री रास्तों में अलग-अलग क्षेत्रों पर कार्गो के अटके होने की वजह से अनिश्चितता से जूझ रहा है। इसी की वजह से भारत निर्माता की ऑपरेशन की लागत बढ़ सकती है और प्रोडक्शन के घंटे भी कम हो सकते हैं।

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सरकार कर रही है उपाय

हालांकि, केंद्र सरकार ने हर महीने औसत कमर्शियल एलपीजी जरूरत का 20 फीसदी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए देने का फैसला किया है। यह काम राज्य सरकारों के साथ समन्वय करके से किया जाएगा। इसके अलावा, घरेलू उपभोक्ताओं के बीच पैनिक बुकिंग के बीच मांग को स्थिर करने के लिए ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में घरों द्वारा सिलेंडर बुकिंग के बीच न्यूनतम गैप को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, शहरी घरों के लिए यह 25 दिन ही रहेगा।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में कहा कि एलपीजी और गैस चैनलों पर दबाव कम करने के लिए दूसरे फ्यूल ऑप्शन एक्टिवेट किए जा रहे हैं। केरोसीन तेल रिटेल आउटलेट और PDS चैनलों के जरिए लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया जा रहा है।

ज्यादा से ज्यादा केरोसीन देने की बात

वहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक बयान में कहा कि एक लाख किलोलीटर के स्टैंडर्ड तिमाही एलोकेशन के अलावा, सरकार ने योग्य लोगों को बांटने के लिए राज्य सरकारों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसीन तेल जारी किया है। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के इस्तेमाल के लिए राज्यों को ज्यादा मात्रा में कोयला देने का निर्देश दिया है।

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होर्मुज स्ट्रेट कितना जरूरी?

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट के जरूरी चोकपॉइंट से समुद्री रास्ते के पूरी तरह रुकने से भारत के एलपीजी आयात पर भारी असर पड़ा है। देश अपनी एलपीजी की लगभग 60 फीसदी जरूरतें पूरी करने के लिए आयात पर निर्भर है और 90 फीसदी एलपीजी आयात होमुर्ज स्ट्रेट के जरिए ही पश्चिम एशिया से होता है। इसका साफ मतलब है कि भारत में एलपीजी की खपत का लगभग 55 फीसदी हिस्सा अभी उपलब्ध नहीं है।

इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के बजाय घरों को एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू किया है। रिफाइनरियों को एलपीजी प्रोडक्शन को ज्यादा से ज्यादा करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्हें पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन से प्रोपेन, ब्यूटेन और दूसरी चीज़ों को एलपीजी प्रोडक्शन की ओर मोड़ने का निर्देश दिया है।

27 मार्च को पीएम पद की शपथ लेंगे बालेंद्र शाह

News Desk

काठमांडू । नेपाल के नए प्रधानमंत्री के तौर पर बालेन्द्र शाह 27मार्च को शपथ लेने जा रहे हैं। उनके इस शपथग्रहण समारोह को विशेष बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस समारोह की टाइमिंग इसलिए भी खास है, क्योंकि शपथग्रहण के लिए रामनवमी का दिन चुना गया है। यह वही समय होगा जब अयोध्या के राममंदिर में विशेष पूजा की जा रही होगी।
शपथग्रहण का शुभ मुहूर्त शुक्रवार को चैत्र नवरात्र के श्रीरामनवमी की तिथि को तय किया गया है। शपथग्रहण का समय स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर तय किया गया है। यह वही समय है जब अयोध्या में राम मंदिर में रामनवमी के अवसर पर विशेष पूजा होगी। राष्ट्रपति भवन शीतल निवास के तरफ से लोगों को भेजी जा रही शपथग्रहण के निमंत्रण के अनुसार बालेन्द्र शाह इसी शुभ समय में शपथ लेने वाले हैं।
स्वस्ति वाचन और शंखनाद बनाएंगे आयोजन को खास
बालेन्द्र की टीम के तरफ से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि पंचांग में शुभ मुहूर्त देख कर शपथग्रहण का समय तय किया गया है। यह शपथग्रहण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न होकर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा विशेष आयोजन भी होगा। शपथग्रहण समारोह के दौरान 108 हिन्दू बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन किया जाएगा, जिसे शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसके साथ ही 107 बौद्ध लामा गुरु भी मंगल पाठ करेंगे, जिससे बौद्ध परंपरा के अनुसार शांति और समृद्धि की कामना की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद किया जाएगा, जिससे पूरा शपथग्रहण समारोह सनातन धर्म की ध्वनि से गुंजायमान होगा। इस प्रकार यह आयोजन नेपाल की बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाएगा, जहां विभिन्न परंपराओं को एक साथ सम्मान दिया जाता है। कुल मिलाकर, बालेन्द्र शाह का शपथग्रहण समारोह धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रतीकों और राष्ट्रीय महत्व के एक भव्य आयोजन के रूप में आयोजित होने जा रहा है, जो देश में नई सरकार के गठन के साथ नई उम्मीदों और ऊर्जा का संदेश भी देगा।

अब तो भारत आना तय! नीरव मोदी को बड़ा झटका, प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज

लंदन हाई कोर्ट ने बुधवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। नीरव मोदी ने भारत में अपने प्रत्यर्पण के मामले को फिर से खोलने की मांग की थी लेकिन अब उन्हें बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी को भारत में 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में प्रत्यर्पित किया जाना है। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन का दरवाजा खटखटाया था।

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम की सहायता से उसकी याचिका के खिलाफ दलीलें पेश कीं। जांच अधिकारियों सहित सीबीआई अधिकारियों की एक टीम सुनवाई के लिए लंदन गई थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिका में बताए गए हालात इतने मजबूत नहीं थे कि पहले के प्रत्यर्पण आदेश पर दोबारा विचार किया जाए। इस आदेश के बाद अब नीरव मोदी के लिए यह कानूनी रास्ता भी बंद हो गया है।

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CBI ने क्या बताया?

सीबीआी की एक स्पेशल टीम इस मामले में सुनवाई के लिए लंदन गई थी। सीबीआई की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘हथियार कारोबारी संजय डारी मामले में आए फैसले के आधार पर मामले में दोबारा सुवाई शुरू करने की अर्जी दायर की गई थी। हालांकि, सीबीआई के निरंतर प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।’

सीबीआई की प्रवक्ता ने बताया कि मोदी की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिका और उससे संबंधित परिस्थितियां इतनी असाधारण नहीं थीं कि मामले में दोबारा सुनवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘सीबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महत्वपूर्ण वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, और इस मामले में कार्यवाही 2018 से जारी है।’

नीरव मोदी की याचिका खारिज कर चुका है कोर्ट

CBI 2018 से ही मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, क्योंकि वह एक सरकारी बैंक से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले में शामिल था। सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन की अदालतों ने 2019 में मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी और उसकी पिछली अपीलों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि अदालतों को कोई कानूनी खामी नहीं मिली और भारत में उसके साथ किए जाने वाले व्यवहार के संबंध में दिए गए आश्वासनों को स्वीकार कर लिया गया था।

याचिका में क्या कहा?

इस मामले में एक अधिकारी ने कहा, ‘ एक अस्थायी कानूनी बाधा ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी की लेकिन इसे अगस्त 2025 में हटा दिया गया। नीरव मोदी ने संभावित दुर्व्यवहार के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए और यह सवाल उठाया कि क्या भारतीय अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। उसने इसके साथ ही मामले पर दोबारा सुनवाई के लिए आवेदन किया था।’

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क्या हैं आरोप?

नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर सरकारी बैंक पीएनबी के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। अकेले नीरव मोदी पर ही 6 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी का आरोप है। सीबीआई की प्रवक्ता ने बताया कि नीरव मोदी एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी है, जिस पर भारत में अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पीएनबी को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी ने अकेले ही 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इसी मामले में नीरव मोदी 19 मार्च 2019 से गिरफ्तार है।

‘भारत दलाल देश नहीं हो सकता’, सर्वदलीय बैठक में बोले विदेश मंत्री

ईरान युद्ध की वजह से देश में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ चिंताओं को लेकर मंथन किया। इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया और युद्ध में भारत की भूमिका को लेकर बातें साफ कीं।

सरकार ने बैठक में इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलिए बनने का ऑफर देकर अपनी कूटनीति का फायदा उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान झगड़ों में खुद को शामिल करने में माहिर रहा है।

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जयशंकर ने कहा क्या?

जयशंकर ने सरकार की तरफ से बैठक में कहा, ‘भारत दलाल देश नहीं हो सकता।’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बातचीत में उनसे कहा था कि युद्ध से सभी को नुकसान हो रहा है और ट्रंप पर इस झगड़े को जल्दी सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया था।

पश्चिमी एशिया में जगह बना रहा है पाकिस्तान?

क्या पाकिस्तान पश्चिमी एशियाई देशों के बीच अपनी जगह बना रहा है? इसपर विदेश मंत्री जयशंकर ने याद दिलाया कि वह 1971 में चीन और अमेरिका के बीच और फिर 1981 में अमेरिका और ईरान के बीच भी बिचौलिया की भूमिका में था।

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ईरान के साथ भारत के रिश्ते

उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा करने के लिए हर तरह से काम करता है। जयशंकर ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ईरान के साथ उसके अच्छे रिश्ते बने हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-ईरान बातचीत के फॉर्मेट और भविष्य के बारे में ज्यादा साफ जानकारी नहीं है और इस बात पर भी पक्का नहीं है कि ईरान की तरफ से कौन बातचीत करेगा।

सर्वदलीय बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद भवन में हुई। कांग्रेस की तरफ से सांसद मुकुल वासनिक, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, एनसीपी की सुप्रिया सुले और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत आदि विपक्षी सांसद शामिल हुए। इसमें सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हिस्सा लिया।

हनुमान जी की तस्वीर पवित्र स्थान पर लगाना शुभ रहता है

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सनातन धर्म वास्तु और ज्योतिष की मानी जाए तो किसी भी प्रकार की तस्वीर या मूर्ति को घर में रखने से पहले कुछ बातों का जानना बहुत ज़रूरी है।वास्तु और ज्योतिष के साथ-साथ हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में भी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं को रखने से चमत्कारी प्रभाव देती हैं। इसलिए शास्त्रों में इनकी प्रतिमाओं और तस्वीरों को रखने के बहुत से महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाने से सभी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।हनुमान जी की तस्वीर का महत्व और उससे जुड़े कुछ वास्तु नियम-
शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और इसी वजह से उनकी तस्वीर बेडरूम में न रखकर घर के मंदिर में या किसी अन्य पवित्र स्थान पर रखना शुभ रहता है।
वास्तु वैज्ञानिकों के अनुसार हनुमान जी का चित्र दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए क्योंकि हनुमान जी ने अपना प्रभाव अत्यधिक इसी दिशा में दिखाया है जैसे लंका दक्षिण में है, सीता माता की खोज दक्षिण से आरंभ हुई, लंका दहन और राम-रावण का युद्ध भी इसी दिशा में हुआ। दक्षिण दिशा में हनुमान जी विशेष बलशाली हैं।
इसी प्रकार से उत्तर दिशा में हनुमान जी की तस्वीर लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली हर नकारात्मक शक्ति को हनुमान जी रोक देते हैं। वास्तु अनुसार इससे घर में सुख और समृद्धि का समावेश होता है और दक्षिण दिशा से आने वाली हर बुरी ताकत को हनुमान जी रोक देते हैं।
जिस रूप में हनुमान जी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हों ऐसी तस्वीर को घर में लगाने से किसी भी तरह की बुरी शक्ति प्रवेश असंभव है।

वास्तु के अनुरुप रखें सामान

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हर कोई घर में सुख-शांति और धन चाहता है और इसके लिए लोग कई उपाय करते है। कुछ लोग पूजा-पाठ, हवन तो कुछ घर वास्तु के अनुसार बनवाते हैं। वहीं वास्तु के अनुसार अगर आप घर में कुछ चीजें दिशा के अनुसार रखते हैं तो इसका भी असर आपके जीवन पर पड़ता है।
जानते हैं वास्तु से जुड़ी कुछ बातें:
1 ड्रेसिंग टेबल के साथ दर्पण पूर्व या उत्तर की दीवारों पर होना चाहिए।
2 अलमारी शयन कक्ष के उत्तर पश्चिमी या दक्षिण की ओर होनी चाहिए। टीवी, हीटर और एयर कंडीशनर दक्षिण पूर्वी दिशा के कोने में स्थित होना चाहिए।
3 पढ़ने और लिखने की जगह पूर्व या शयन कक्ष के पश्चिम की ओर होनी चाहिए जबकि पढ़ाई करते समय मुंह पूर्व दिशा में होना चाहिए।
बेडरूम में सेफ या तिजोरी दक्षिण की दीवार के साथ रखनी चाहिए। खुलते समय उसका मुंह उत्तर की तरफ खुलना चाहिए। इससे धन में कमी नहीं आएगी।
4 दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम कोना कभी खाली नहीं रखना चाहिए।
5 बेडरूम के साथ लगता बाथरूम, कमरे के पश्चिम या उत्तर में होना चाहिए।
6 सोते समय एक अच्छी नींद के लिए सिर पूर्व या दक्षिण की तरफ होना चाहिए।

आज का मौसम: कश्मीर से कन्याकुमारी तक बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

एक बार फिर मौसम खराब होने के संकेत मिल रहे हैं और मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बीते 24 घंटों में कुछ जगहों पर ही हल्की बारिश हुई लेकिन अगले 24 घंटों में कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है। 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है जिसका असर देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कहीं बारिश तो कहीं तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। उत्तर भारत से पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत तक आज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटे मौसम साफ रहा और आसमान में सूरज चमकता रहा। मौसम विभाग ने पूरे एक हफ्ते का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार, 27 मार्च को हल्की बारिश के अलावा 20-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद शनिवार यानी 28 मार्च को फिर मौसम थोड़ा साफ होगा और हल्के बादल छाए रहेंगे। 29 और 30 मार्च को एक बार फिर हल्की बारिश हो सकती हैं। मार्च के शुरुआत में बढ़ी गर्मी से इस बारिश से राहत मिलेगी। इसके साथ ही दिल्ली वालों को लंबे समय बाद प्रदूषण से भी राहत मिलने की संभावना है।

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आज का मौसम

इन राज्यों में होगी बारिश

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 27 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। 29 और 30 मार्च को कुछ जगहों पर आंधी और तेज तूफानी हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की इस चेतावनी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। फसल की कटाई के समय इस तरह के मौसम से किसानों को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है।

पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिनों तक मौसम बदला रहेगा। 27 मार्च को काले बादल छाने और तेज 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, ओडिशा, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, मेघालय, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के हिस्सों पर आंधी-तूफान और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ओले गिरने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

हिमाचल और कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही आज उत्तराखंड में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। 27 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और 30-50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 28 से 30 मार्च के बीच फिर से बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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मध्य भारत और दक्षिण भारत का मौसम

मौसम का मिजाज कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश में बदल रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दक्षिण भारत में भी मौसम परेशानी बढ़ा सकता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। केरल में 27 से 29 मार्च के बीच बिजली चमकने और बारिश का असर रहेगा।

इसके अलावा मध्य भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी 29 मार्च तक हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा। वहीं महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूरी होती है मन्नत, कहां हैं ये अनोखे मंदिर?

देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां की पूजा की परंपरा अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान मंदिर में स्वास्तिक बनाना शुभ और मंगलकारी होता है। स्वास्तिक को समृद्धि, सौभाग्य और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि सीधा स्वास्तिक बनाना बेहद शुभ होता है लेकिन भारत में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है। यह पूजा परंपरा सामान्य पूजा परंपरा से बेहद अलग और अनोखी है।

भारत में कुछ प्राचीन मंदिर हैं जहां श्रद्धालु उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा करने की अनोखी और विशिष्ट परंपरा निभाते हैं। इन मंदिरों में भक्त अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए दीवारों पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं फिर मनोकामना पूरी होने के बाद उसी उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। अब सवाल उठता है कि कौन-कौन से मंदिर हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है और इसके पीछे क्या रहस्य है।

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मध्य प्रदेश के भैंसवा माता मंदिर, उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर और मथुरा के गरुड़ गोविंद मंदिर जैसे मंदिरों में भगवान की आराधना उल्टा स्वास्तिक बनाकर की जाती है। इन मंदिरों में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।

भैंसवा माता का मंदिर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक गांव में भैंसवा माता का मंदिर स्थित है। यह मंदिर सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है, जहां लाखों श्रद्धालु संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने आते हैं। इस मंदिर में निसंतान दंपत्ति उल्टा स्वास्तिक बनाकर संतान प्राप्ति की मनोकामना भैंसवा माता के समक्ष रखते हैं।

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मनोकामना के साथ ही मंदिर की दीवार पर भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। उल्टा स्वास्तिक बनाने का अर्थ होता है कि भक्त की इच्छा अधूरी है। भैंसवा मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है, उसकी कामनाएं एक महीने के भीतर पूरी हो जाती हैं। जिन भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती है, वे माता के मंदिर में फिर आते हैं और धन्यवाद रूप में दीवार पर बने उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने के बाद दंपत्ति मंदिर में बच्चों के पालने भी चढ़ाते हैं। इसी वजह से मंदिर में आज भी जगह-जगह पालने टंगे हुए देखे जा सकते हैं।

चिंतामण गणेश मंदिर

यह मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। चिंतामण गणेश मंदिर का निर्माण लगभग 1700 ईस्वी के आसपास हुआ था। इस मंदिर में भगवान गणेश के साथ उनकी दोनों पत्नियां रिद्धि और सिद्धि की पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर की मान्यता है कि भक्त जो भी मनोकामना मांगते हैं, भगवान की कृपा से वह पूरी हो जाती है।

चिंतामण गणेश मंदिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक जो भी भक्त अपनी समस्या, परेशानी या इच्छा लेकर आता है, वह अपनी इच्छा पूरी कराने के लिए मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाता है। जब भक्त की मनोकामना पूरी हो जाती है, तब वह मंदिर आकर उसे सीधा करता है। हालांकि, यह भी मान्यता है कि जो भक्त मनोकामना पूर्ण होने के बाद मंदिर आकर स्वास्तिक सीधा नहीं करता, उसकी इच्छा अधूरी रह जाती है।

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गरुड़ गोविंद मंदिर

गरुड़ गोविंद मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है। इस मंदिर में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस मंदिर में स्वास्तिक बनाते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

मथुरा के गरुड़ गोविंद मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने के पीछे मुख्य कारण मनोकामना पूर्ति की अटूट आस्था है। भक्तगण मन्नत मांगते समय दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और इच्छा पूरी होने के बाद दोबारा आकर उसे सीधा करते हैं। इस प्रक्रिया को भगवान विष्णु के सामने अपनी प्रार्थना रखने और धन्यवाद देने के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

डिस्क्लेमर- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

ईरान से पारसियों के अनोखे मंदिर में 1300 साल से जल रही आग, इसी की होती है पूजा

ईरान से अपनी जान बचाकर भारत आए पारसी समुदाय के मंदिर दुनिया के सबसे रहस्यमयी और पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माने जाते हैं, जहां सदियों से एक ‘पवित्र अग्नि’ बिना बुझे जल रही है। इन मंदिरों को ‘अगियारी’ या ‘आतिश बेहराम’ कहा जाता है और इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी मूर्ति की नहीं बल्कि साक्षात् अग्नि की पूजा होती है। गुजरात के उडवाड़ा में बना ‘ईरानशाह आतिश बेहराम’ भारत का सबसे खास पारसी मंदिर है क्योंकि माना जाता है कि यहां जल रही आग वही है जिसे पारसी लोग करीब 1300 साल पहले ईरान से अपने साथ चिंगारी के रूप में लेकर आए थे।

पारसी समुदाय का इतिहास सिर्फ गुजरात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत में भी इनकी विरासत बहुत पुरानी है। सिकंदराबाद के महात्मा गांधी रोड पर स्थित सेठ विक्काजी–सेठ पेस्टनजी मेहरजी मंदिर दक्षिण भारत का सबसे पुराना पारसी मंदिर है, जिसे 1847 में बनाया गया था।

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इसके ठीक सामने शहर का सबसे युवा मंदिर खान बहादुर एदुलजी सोहराबजी चेनाई अंजुमन दर-ए-मेहर स्थित है, जिसने साल 2020 में अपने 100 साल पूरे किए हैं। हैदराबाद के आबिड्स इलाके में साल 1904 में बना बाई मानेकजी नसरवानजी चेनॉय दर-ए-मेहर तीसरा मुख्य मंदिर है, जो उस समय वहां रहने वाले पारसी लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था।

हजारों साल से जल रही पवित्र आग

इन मंदिरों में जलने वाली आग को सिर्फ साधारण आग नहीं बल्कि ईश्वर का नूर माना जाता है। उडवाड़ा के मंदिर में मौजूद विजयी अग्नि को तैयार करने के लिए प्राचीन समय में 16 अलग-अलग स्नोतों से आग इकट्ठा की गई थी, जिसमें आसानी बिजली से लगी आग भी शामिल थी। मंदिर के दस्तूर यानी पुजारी दिन में पांच बार खास मंत्रों के साथ इस अग्नि की सेवा करते हैं और इसमें चंदन की सूखी लकड़ियां अर्पित की जाती हैं। यह आग कभी बुझने नहीं दी जाती क्योंकि इसे पारसी संस्कृति की जीवंत आत्मा माना जाता है।

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मंदिर के कड़े नियम और स्वच्छता

पारसी मंदिर में प्रवेश करने के नियम बहुत सख्त होते हैं और यहां स्वछता का स्तर बहुत ऊंचा होता है। मंदिर के मुख्य हिस्से में सिर्फ पारसी समुदाय के लोगों को ही जाने की इजाजत होती है ताकि वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता बनी रहे। अंदर जाने से पहले श्रद्धालु अपने हाथ-मुंह धोते हैं और सिर को टोपी या रुमाल से ढकना जरूरी होता है। मंदिर के अंदर कोई शोर-शराबा नहीं होता और भक्त शांत मन से पवित्र अग्नि की ओर मुख करके अपनी दुआएं मांगते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

औषधि स्नान ग्रहों के दुष्प्रगभाव को कम करें

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ग्रहों की स्थिति का आपके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर यह अनुकूल होते हैं तो आपके जीवन में सब कुछ अच्छा् चलता है। ग्रहों की दशा बदलने पर व्य़क्ति को अमीर से गरीब और राजा से रंक बनने में देर नहीं लगती। आज हम आपको बता रहे हैं औषधि स्नाकन के माध्यलम से 9 ग्रहों के दुष्प्रमभाव को कम करने के उपाय…
सूर्य के दुष्प्रिभाव को कम करने के लिए
इलाइची, केसर एपवं गुलहठी, लाल रंग के फूल मिश्रित जल द्वारा स्नागन करने से सूर्य के दुष्प्रिभाव कम होते हैं।
चंद्र की पीड़ा के निवारण के लिए
सफेद चंदन, सफेद फूल, सीप, शंख और गुलाब जल मिश्रित पानी से नहाने से आपकी राशि पर चंद्र के दुष्प्रनभाव कम होते हैं।
ऐसे दूर कर सकते हैं मंगल की पीड़ा
लाल चंदन, लाल फूल, बेल वृक्ष की छाल, जटामांसी, हींग मिश्रित जल से नहाने से मंगल ग्रह के दुष्प्रिणों को भी कम किया जा सकता है।
बुध की कृपा ऐसे कर सकते हैं प्राप्त।
अगर आप चाहते हैं कि आप पर बुध की कृपा दृष्टि बनी रहे तो आपको अपने स्नाेन के जल में अक्षत, जायफल, गाय का गोबर मिश्रित करके स्नातन करना होगा।
गुरु के दुष्प्रदभाव ऐसे करें दूर
सफेद सरसों, दमयंती, गूलर और चमेली के फूल मिलाकर स्नामन करने से आप पर गुरु के दुष्प्रिभावों का असर बहुत कम होता है।
शुक्र को ऐसे कर सकते हैं प्रसन्नफ
शुक्र को आपके वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। शुक्र को खुश रखने से आपका वैवाहिक जीवन सदैव खुशहाल रहता है। इसके लिए बस आपको अपने स्नारन के जल में जायफल, मैनसिल, केसर, इलाइची और मूली के बीज मिलाकर नहाना होगा। ऐसा करने से शुक्र ग्रह के दुष्प्ररभाव दूर हो सकते हैं।
शनि ग्रह के प्रकोप से ऐसे बचें
शनि को न्याहय के देवता का सम्मा्न प्राप्त् है। यह व्याक्ति को उसके कर्म के अनुरूप परिणाम देते हैं। अत: हमको अपने कर्म तो दुरुस्तभ रखने ही चाहिए साथ ही कुछ विशेष चीजों को स्नाबन के जल में मिलाकर नहाने से आप शनि के दुष्प्रणभावों से दूर रह सकते हैं। इन चीजों में सरसों, काले तिल, सौंफ, लोबान, सुरमा, काजल आदि शामिल हैं।
राहु की पीड़ा ऐसे कर सकते है दूर
इसके लिए आप स्नाशन औषधि के रूप में लोबान, कस्तूवरी, गजदंत आदि सामग्री से मिश्रित जल से स्ना न करके राहु की पीड़ा को दूर कर सकते हैं।
केतु की पीड़ा ऐसे करें दूर
लाल चंदन और छाग मूत्र मिश्रित जल से स्ना न करके आप केतु के दुष्प्रगभावों को अपने आप खत्मस कर देंगे।