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‘सबको माफ करो, सबसे माफी मांगो, अब जाओ’, हरीश को दिल्ली एम्स लाया गया

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद हरीश राणा को 14 मार्च को दिल्ली के एम्स लाया गया है। दिल्ली एम्स में डॉक्टरों और परिवार के सामने हरीश राणा को जीवन से मुक्त किया जाएगा। हरीश राणा को कभी न ठीक होने वाली बीमारी है, इसी वजह से वह पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में थे। पिछले 13 वर्षों से हरीश राणा संघर्ष भरा जीवन काट रहे थे। हरिश को जल्द ही संसार और शारीरिक दर्द से मुक्ति दी जाएगी।

हरीश राणा का परिवार के साथ एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद खिला रहे हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उनसे कहती है कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए जाओ। इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो रहे हैं। बता दें कि हरीश राणा को इंजेक्शन या दवाई देकर इच्छामृत्यु नहीं दी जाएगी, बल्कि उनका लाइफ सपोर्ट हटा दिया जाएगा, जिससे उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो जाएगी।

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मां और बहन समेत पूरे परिवार की आंखें नम

जब हरीश को गाजियाबाद से दिल्ली एम्स ले जाया जा रहा था, तब हरीश की मां, बहन और छोटा भाई भावुक थे। हरीश के पिता अशोक ने कहा, ‘हम सबसे माफी मांगते हैं। ईश्वर ने यह सब हमें देखने के लिए दिया है। आगे हम यही चाहते हैं कि हमारा बेटा जहां भी रहे, जिस परलोक में रहे, हम उसे कभी भूल नहीं पाएंगे। हमारे रिश्तेदारों, डॉक्टरों और कोर्ट के वकीलों ने हमारा बेहद सहयोग दिया है। उसके लिए हम सबके आभारी हैं।’

हरीश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हरीश इस समय दिल्ली एम्स में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हरीश के साथ उनकी मां और बहन खड़ी दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो में हरीश की बहन उन्हें शहद चटा रही है। वीडियो में जहां एक तरफ परिवार हरीश के लिए दुखी है, वहीं दूसरी तरफ इस वीडियो को देखकर कई लोग भावुक हो उठे हैं। एक्स अकाउंट पर कई लोगों ने कमेंट भी किया।

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कपिल गौर ने लिखा, ‘हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि यह अटूट ममता, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं की पराकाष्ठा है। 13 साल एक लंबा अरसा होता है। एक पूरा दशक बीत गया, दुनिया बदल गई, लेकिन उस कमरे में वक्त जैसे ठहर गया था। हरीश को दी जा रही यह विदाई दुखद तो है।’

दूसरे व्यक्ति तनवीर अहमद ने कहा, ‘वाकई मुझे यह दृश्य देखकर रोना आ रहा है। मां-बाप खुद अपने बेटे के लिए मृत्यु मांगकर लाए, कैसा होगा वह पल जब कोर्ट ने आदेश दिया। इच्छामृत्यु शब्द ही बुरा है, लेकिन हरीश भाई का 13 साल का बीता हुआ समय बेहद पीड़ादायक रहा। साथ ही माता-पिता दोनों इस दुख की घड़ी में यह सफर करते रहे।’

अचानक से शुगर बढ़ने पर डायबिटीक मरीज को क्या करना चाहिए? डॉक्टर से जानिए

भारत को ‘डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है। दुनियाभर में 54 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। यह बीमारी शरीर में इंसुलिन हार्मोन की गड़बड़ी की वजह से होती है। इस बीमारी के बारे में अगर सही समय पर पता नहीं चला तो आपके दिल, किडनी समेत अन्य अंग खराब हो सकते हैं।

इस बीमारी से पीड़ित लोगों को ब्लड शुगर नियंत्रित करने की सलाह दी जाती है। ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने से परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई बार ऐसा होता है कि डायबिटीज के मरीज में अचानक से शुगर का लेवल बढ़ जाता है। हमने इस बारे में बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर महेश डी. एम से बात की।

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अचानक से क्यों बढ़ जाता है शुगर?

डायबिटीज के मरीज में शुगर बढ़ने का मुख्य कारण हाई कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली चीजों का सेवन अधिक करना है। इसके अलावा इंसुलिन और डायबिटीज की दवाई नहीं लेने का कारण ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियां कम करने, हार्मोनल बदलाव, पर्याप्त नींद नहीं लेना और स्टेरॉयड सेमत कुछ दवाओं को लेने से भी शुगर बढ़ सकता है। इन लोगों को तनाव लेने से बचना चाहिए।

शुगर को कंट्रोल करने के लिए क्या करें?

डॉक्टर महेश के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का शुगर एकदम से बढ़ गया तो उसे सबसे पहले शुगर चेक करवाना चाहिए। साथ में डायबिटीज की दवा लेनी चाहिए।

  • शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • अधिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली ड्रिंक्स को पीने से परहेज करना चाहिए।
  • प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों का सेवन करें।
  • हल्की एक्सरसाइज और वॉक पर जाएं।
  • लगातार शुगर की जांच करें।
  • अगर आपको उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव

डायबिटीज के मरीज को चीनी वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर से मिठाइयां, केक, शुगर वाली ड्रिंक्स, सफेद चावल का सेवन कम करें।

  • रात में ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए।
  • शराब और सिगरेट से दूर रहें।
  • खाना जरूर खाएं। भूखे पेट न रहें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग करें।
  • घंटों एक ही जगह पर न बैठे रहे।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

शुगर को नियंत्रित रखने के लिए क्या खाएं?

  • संतुलित आहार का सेवन करें। अपनी डाइट में ब्राउन राइस और साबूत अनाज को शामिल करें।
  • इसके अलावा हरी सब्जियां, दालें, बींस, अंडा, मछली, लीन मीट, हेल्दी फैट वाले नट्स और सीड्स खाएं। इन दोनों चीजों की मात्रा कम रखें।
  • सेब और अमरूद का सेवन करें।
  • नियमित रूप से आहार लें।
  • चीनी वाली चीजों का सेवन करने से परहेज करें।
  • तली-भूनी चीजों को खाने से बचें।

HbA1c टेस्ट कराने को क्यों कहता है डॉक्टर?

HbA1c टेस्ट एक दिन की रीडिंग देने के बजाय पिछले दो से तीन महीनों में औसत ब्लड शुगर को दिखता है और यह समझने में मदद करता है समय के साथ किसी व्यक्ति के मधुमह को कितने अच्छे तरीके से नियंत्रित कर रहा है? किस तरह की दवाओं को देने की जरूरत है? कहीं भविष्य में किडनी, आंखों को खतरा तो नहीं है।

महाशिवरात्रि के दिन बदलेगा आपका भाग्य, क्या कह रहीं हैं राशियां? पढ़ें राशिफल

महाशिवरात्रि है। ब्रह्मांड में ग्रहों का संयोग बदल रहा है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि और 15 फरवरी यानी रविवार का दिन होने के साथ-साथ मूलांक 6 का है जो कि ज्योतिष दृष्टि से बहुत खास है। अंक ज्योतिष के अनुसार, 6 नंबर का स्वामी शुक्र होता है जो सुख-सुविधाओं और प्रेम का प्रतीक है। ऐसे में यह दिन कला, परिवार और आपसी रिश्तों को सुधारने के लिए सबसे सटीक है।

जहां तक चंद्रमा की बात करें वह कुंभ राशि में रहेंगे जो हमें लीक से हटकर सोचने और समाज के लिए कुछ नया करने की प्रेरणा देंगे। आइए जानते हैं कि सितारों की चाल किस राशि के लिए क्या खास लेकर आई है।

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सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि

आज का दिन जोश और नई उमंग से भरा है। आपको नए मौके मिलेंगे।
क्या करें: बस गुस्से पर काबू रखें और जल्दबाजी में पैसा कहीं न फंसाएं।
क्या न करें: परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा।

वृष राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन मजबूत है।
क्या करें: निवेश की प्लानिंग करें और अपनों की सलाह लें।
क्या न करें: फालतू के खर्चों और बहसबाजी से दूर रहना ही समझदारी होगी।

मिथुन राशि

आपकी बातों का जादू आज लोगों पर चलेगा।
क्या करें: नेटवर्किंग और नई चीजें सीखने के लिए दिन अच्छा है।
क्या न करें: व्यर्थ की गपशप में समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज घर-परिवार में खुशियां रहेंगी।
क्या करें: मन को शांत रखने के लिए योग करें।
क्या न करें: भावुक होकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें।

सिंह राशि

आपकी लीडरशिप क्वालिटी आज लोगों को प्रभावित करेगी।
क्या करें: दोस्तों के साथ मिलकर कोई नया काम शुरू कर सकते हैं।
क्या न करें: बस अपने भीतर अहंकार न आने दें।


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कन्या राशि

आपकी पुरानी मेहनत का फल आज मिल सकता है।
क्या करें: अपनी सेहत और काम के व्यवस्थित तरीके पर ध्यान दें।
क्या न करें: छोटी-छोटी बातों की चिंता छोड़ दें।

तुला राशि

कला और संगीत में रुचि बढ़ेगी। रिश्तों के लिए आज का दिन बहुत प्यारा है।
क्या करें: खान-पान का ध्यान रखें।
क्या न करें: फैसले लेने में ज्यादा देर न करें।

वृश्चिक राशि

आज आपकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी।
क्या करें: आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा।
क्या न करें: मन में किसी के प्रति कड़वाहट न रखें और सेहत का ख्याल रखें।

धनु राशि

कुछ नया सीखने और कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है।
क्या करें: सकारात्मक रहें।
क्या न करें: पैसों के मामले में कोई बड़ा रिस्क न लें।


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मकर राशि

करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं।
क्या करें: अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों पर काम करें।
क्या न करें: काम के चक्कर में परिवार और सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

आज आपके दिमाग में नए और अनोखे आइडिया आएंगे।
क्या करें: समाज में मेल-जोल बढ़ाने से फायदा मिलेगा।
क्या न करें: ध्यान रहे कि अपनी बात मनवाने के चक्कर में अपनों से न उलझें।

मीन राशि

कल्पना शक्ति और अध्यात्म के लिए दिन सबसे अच्छा है।
क्या करें: रचनात्मक काम करें और जरूरतमंदों की मदद करें।
क्या न करें: हकीकत से मुंह न मोड़ें और अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

क्या है नेतन्याहू के ‘सिक्स फिंगर’ का मामला जिससे उनकी मौत का किया जा रहा दावा?

सोशल मीडिया पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर काफी चर्चा हो रही है। शनिवार को कई यूजर्स ने उनके 13 मार्च के एक वीडियो पर सवाल उठाए। इस वीडियो में ऐसा लग रहा था कि उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां हैं। लोगों ने कहा कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है।

नेतन्याहू ने अपने X अकाउंट पर शुक्रवार को यह वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने इजरायल और अमेरिका की ईरान के खिलाफ जंग के बारे में बात की। यह जंग पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई है और अब इसका 15वां दिन चल रहा है। संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हमलों में हो गई थी।

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दाहिने में हाथ में 6 उंगली का दावा

वीडियो में यूजर्स ने दावा किया कि नेतन्याहू की दाहिनी हाथ की उंगलियां छह दिख रही हैं। कई पोस्ट्स पर लाखों व्यूज आए। कैप्शन में लिखा था – ‘क्लासिक AI फिंगर ग्लिच’ या ‘उनके हाथ को ध्यान से देखो’। कुछ यूजर्स, ज्यादातर अनवेरिफाइड अकाउंट्स से, कह रहे थे कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है।

एक यूजर ने हिब्रू में लिखा – ‘हे बिबी, क्या तुम इतने स्पेशल हो कि छह उंगलियां हैं, या तुम बहुत पहले हमसे चले गए हो?’ अमेरिकी कमेंटेटर कैंडेस ओवेंस ने भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा – ‘बिबी कहां हैं? उनका ऑफिस फेक AI वीडियो क्यों जारी और डिलीट कर रहा है? व्हाइट हाउस में इतना पैनिक क्यों है?’

एआई ने दावा बताया गलत

लेकिन X का AI चैटबॉट Grok ने इन दावों को गलत बताया। Grok ने कहा – ‘नहीं, नेतन्याहू के हर हाथ में पांच उंगलियां हैं, जैसे ज्यादातर लोगों के। यह उनका दाहिना हाथ है, जो पोडियम पर पॉइंटिंग जेस्चर में है। लाल सर्कल और एंगल से ऑप्टिकल इल्यूजन बन रहा है जो गलत लग रहा है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो का एक स्टिल है।’

Grok ने मौत की अफवाहों पर भी कहा – ‘नेतन्याहू जिंदा हैं। ईरानी मीडिया और सोशल पोस्ट्स से मौत की अफवाहें फैलीं, लेकिन Snopes, Times of Israel जैसे सोर्स ने इन्हें फेक बताया है। हमेशा ऑफिशियल वेरिफाइड सोर्स पर भरोसा करें।’

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नेतन्याहू के बेटे ने भी किया था ट्वीट

एक पेज जिसका नाम Kremlin था (लेकिन रूसी प्रेसिडेंट ऑफिस से कोई कनेक्शन नहीं), ने कहा कि इजरायली ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस से अचानक चले गए और थोड़ी देर बाद लौटे।

लोगों का ध्यान नेतन्याहू के बेटे यैर नेतन्याहू के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी गया। यैर आमतौर पर X पर बहुत एक्टिव रहते हैं, लेकिन उनकी आखिरी पोस्ट 9 मार्च की थी।

8 की जगह 2 चरणों में क्यों होगी बंगाल में वोटिंग? चुनाव आयोग ने वजह बता दी

भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार यानी 15 मार्च को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है। अबकी बार बंगाल विधानसभा चुनाव में आयोग ने एक बड़ा बदलाव किया है।

2021 में जहां पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 8 चरणों में मतदान हुआ था तो वहीं अबकी इसे घटाकर मात्र दो चरणों में समेट दिया गया है। बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने तारीखों का एलान करते हुए साफ किया कि बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनावी नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

बंगाल में चरणों की संख्या में इस भारी कटौती को प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग का मानना है कि इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि सुरक्षा बलों के प्रबंधन में भी आसानी होगी।

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चरणों को घटाने के पीछे क्या है आयोग का तर्क?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मुख्य चुनाव आयुक्त से चरणों को 8 से घटाकर 2 करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार और चर्चा के बाद लिया गया है।

उन्होंने बताया, ‘आयोग ने विस्तृत विचार-विमर्श किया और पाया कि चरणों को कम करना सभी पक्षों के लिए सुविधाजनक होगा।’ आयोग का उद्देश्य चुनाव को कम समय में और अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है, ताकि आम जनता और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिल सके।

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पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव फुल शेड्यूल

चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम पहला चरण (152 सीटें) दूसरा चरण (142 सीटें)
गजट नोटिफिकेशन जारी 30 मार्च 2026 (सोमवार) 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार) 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
मतदान की तारीख 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
मतगणना (काउंटिंग) 4 मई 2026 (सोमवार) 4 मई 2026 (सोमवार)
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तारीख 6 मई 2026 (बुधवार) 6 मई 2026 (बुधवार)

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पांच राज्यों का चुनावी शेड्यूल

आयोग ने बंगाल के अलावा अन्य राज्यों के लिए भी तारीखें साफ कर दी हैं। बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में मतदान एक ही दिन में संपन्न होगा।

  • असम, केरल और पुडुचेरी: यहां 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे।
  • तमिलनाडु: 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।
  • पश्चिम बंगाल: 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी।

सभी राज्यों में कुल मिलाकर 2.18 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान: पतले होने के चक्कर में दिल पर बढ़ रहा है दबाव

इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ऐसी डाइट है जिसके बारे में हम सभी ने कभी न कभी सुना होगा। इसका इस्तेमाल लोग वजन घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए करते हैं। ज्यादातर लोग इस डाइट का इस्तेमाल वजन घटाने के लिए करते हैं। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने दावा किया कि उन्होंने इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए अपना वजन तेजी से घटाया है। इस लिस्ट में भारती सिंह, आलिया भट्ट, मलाइका अरोड़ा समते कई सितारों का नाम शामिल हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदों के बारे में आप सभी नहीं सुना है लेकिन क्या आप जानते हैं यह दिल और किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है। हाल ही में एक स्टडी हुई जिसमें बताया गया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से वजन घटाने में कुछ खास नहीं मदद नहीं मिलती है। आइए इस डाइट को लेने से होने वाले नुकसान के बारे में जानते हैं।

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क्या होता है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

इंटरमिटेंट फास्टिंग में आपको एक तय समय में खाना होता है। कुछ लोग 10 घंटे उपवास करते हैं तो कुछ 12 घंटे उपवास रखते हैं। सबसे ज्यादा पॉपुलर 16:8 का पैटर्न होता है। इसमें आपको 16 घंटों तक उपवास रखना होता है और सिर्फ 8 घंटे के बीच में खाना होता है।

Diabetes & Metabolic Syndrome में पब्लिश हुई रिपोर्ट के अनुसार जो लोग 8 घंटे से कम के अंदर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर सब कर लेते हैं उनमें हार्ट संबंधी बीमारी का खतरा 135% तक बढ़ जाता है।

दिल पर क्यों बढ़ता है असर?

दरअसल इंटरमिटेंट फास्टिंग की वजह से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव होता है जिसकी वजह से कोर्टिसोल हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक फास्टिंग करने की वजह से जरूरी पोषक की कमी हो जाती है जिसके कारण हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

क्या किडनी को करता है प्रभावित?

अगर इंटरमिटेंट फास्टिंग को सही तरीके से किया जो जाए तो कोई दिक्कत नहीं होती है। साथ ही ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है। अगर आपको किडनी संबंधित समस्या है तो किसी भी तरह का उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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कोर्टिसोल का लेवल बढ़ता है

लंबे समय तक उपवास रखने की वजह से कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है। शरीर में कोर्टिसोल का लेवल हाई होने से थकान, एंग्जाइटी और तनाव महसूस होता है।

हार्मोनल इंबैलेंस

कई महिलाओं को लंबे समय तक फास्टिंग करने के कारण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ता है। हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से पीरियड साइकिल पर असर पड़ता है, मूड खराब होता है और प्रेग्नेंसी में भी परेशानी आ सकती है। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है।

डाइजेशन संबंधी परेशानियां

लंबे समय तक खाना नहीं खाने की वजह से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और कब्ज की समस्याएं हो सकती हैं।

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इंटरमिटेंट फास्टिंग वाले इन बातों का रखें ध्यान

  • 12 से 14 घंटे तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करना सही माना जाता है।
  • आप क्या खा रहे हैं? इस बात का विशेष ध्यान दें।
  • हेल्दी बैलेंस डाइट लें।
  • बाहर का जंक फूड न खाएं।
  • रात को खाली पेट न सोएं।

शिवरात्रि पर अगर सुबह छूट जाए पूजा तो क्या करें? शाम में पूजा के नियम जानिए

आज देशभर में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष का महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की शादी हुई थी। साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं लेकिन महाशिवरात्रि को सबसे ज्यादा विशेष माना जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग उपवास करते हैं। कुछ लोग फलाहार करते हैं तो कुछ निर्जला भी इस व्रत को करते हैं। शिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ लग जाती हैं।

इस दिन सुबह-सुबह भगवान शिव की पूजा की जाती है। अगर आप सुबह के समय में पूजा नहीं कर पाएं हैं तो शाम के समय में भी पूजा कर सकते हैं। भगवान शिव की पूजा शाम के समय में भी होता है। आइए जानते हैं शाम के समय में भगवान शिव की पूजा कैसे करनी है?

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शाम के समय में पूजा करने के नियम

सूरज डूबने से पहले स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद शरीर के ऊपर थोड़ा सा गंगाजल छिड़क लें और फिर भगवान शिव पर जल अभिषेक करें। इसके बाद चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र अर्पित करें, सफेद फूल और धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव की चलीसा पढ़ें और आरती करें। भगवान शिव को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं। उसके बाद प्रसाद को अपने आसपास के लोगों में बांट दें।

शिवरात्रि का महत्व खास क्यों है?

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह-सुबह उठकर मंदिर जाते हैं। भगवान को शिवलिंग पर जल, दूध, घी, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल- फूल और मिठाई अर्पित किया जाता है। भगवान शिव का ऊं नम शिवाय का जाप करते हैं, चलीसा पढ़ते हैं और आरती करते हैं।

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महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 23 तक मिनट तक रहेगा। आप इस दौरान कभी भी पूजा कर सकते हैं।

‘उम्मीद है चीन, जापान और फ्रांस भेजेंगे जहाज,’ ईरान के आगे बेबस हुए ट्रंप

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरानी हमलों से अमेरिका बेहद परेशान हैं। खाड़ी के कई देशों ने तेल उत्पादन रोक दिया है। वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही न होने से दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा गया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति डॉलर के ऊपर पहुंच चुकी है। अमेरिका अब ईरान पर हर तरह का दबाव डाल रहा है, ताकि स्ट्रेट को खुलवाया जा सके।

वहीं ईरान इसे बंद करके अमेरिका पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों से उम्मीद है। उनका मानना है कि यह देश अपने जहाजों को भेजेंगे, ताकि स्ट्रेट को खुला रखा जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘कई वह देश जो ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वह अमेरिका के साथ स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।’

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ट्रंप ने बताई ईरान की सबसे बड़ी ताकत

ट्रंप ने आगे दावा किया, ‘हमने ईरान की 100 फीसद सैन्य क्षमता को पहले ही नष्ट कर दिया है। मगर एक-दो ड्रोन भेजना, कोई माइन गिराना या इस जलमार्ग के आस-पास और इसके अंदर कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान उनके लिए आसान हैं, भले ही वे कितनी भी बुरी तरह हार चुके हों।’ ट्रंप का यह बयान साबित करता है कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान अब भी बड़ी ताकत है। वह चाहे तो स्ट्रेट के यातायात को प्रभावित कर सकता है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आजाद करवा लेंगे: ट्रंप

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम समेत अन्य देश इस इलाके में अपने जहाज भेजेंगे, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य अब उस देश का कोई खतरा न रहे, जिसकी सैन्य शक्ति पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने आगे धमकी दी अमेरिका ईरान के तट पर बमबारी करता रहेगा। ईरानी नावों और जहाजों को पानी में तबाह किया जाएगा। किसी भी तरह हम जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और आजाद करवा लेंगे।

खाड़ी देशों की जेलों में हजारों भारतीय कैद, क्या हैं इनके अपराध?

सुनहरे भविष्य और बेहतर कमाई की तलाश में खाड़ी देशों का रुख करने वाले हजारों भारतीयों के लिए परदेस की राह आसान साबित नहीं हो रही है। विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न देशों में इस समय कुल 5,548 भारतीय सलाखों के पीछे हैं। इनमें विचाराधीन कैदी और सजा काट रहे अपराधी दोनों शामिल हैं। यह स्थिति उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना पूरी जानकारी और कानूनी समझ के विदेश चले जाते हैं।

दरअसल, यह आंकड़े तब सामने आए जब कैराना लोकसभा क्षेत्र से सांसद इकरा चौधरी ने विदेश मंत्रालय से उन युवाओं के बारे में सवाल पूछे जो उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों में काम करने गए थे। विशेष रूप से उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के संबंध में सवाल उठाए जो इस समय खाड़ी देशों की जेलों में फंसे हुए हैं।

इन सवालों का जवाब 13 मार्च को दिया गया। हालांकि, अपने जवाब में मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के कैदियों के बारे में विशेष रूप से जानकारी देने के बजाय भारतीय कैदियों के आंकड़े पेश किए।

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सऊदी अरब में सबसे ज्यादा भारतीय कैदी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाड़ी देशों में भारतीय कैदियों की सबसे ज्यादा संख्या सऊदी अरब में दर्ज की गई है। यहां 2,478 भारतीय जेलों में बंद हैं। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में 1,419, कतर में 870, कुवैत में 379, बहरीन में 303 और ओमान में 99 भारतीय कैदी दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े 31 दिसंबर 2025 तक के आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं।

क्या हैं इनके अपराध?

दस्तावेज में यह नहीं बताया गया कि ये कैदी किस-किस अपराध के कारण जेल में हैं। इसमें सिर्फ यह कहा गया है कि ये विचारणाधीन और दोषसिद्ध दोनों तरह के कैदी हैं। कुछ मामलों में भर्ती एजेंटों की धोखाधड़ी और मादक पदार्थ से जुड़े आरोप का जिक्र उदाहरण के तौर पर किया गया है। हालांकि, ऐसे कई अपराध हैं जिनके बारे में इन भारतीय कैदियों के संदर्भ में अक्सर सुनने को मिलता है।

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खाड़ी देशों में भारतीयों के जेल जाने के पीछे कई कारण सामने आते हैं। इनमें सबसे आम वजह वीजा और रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन है। कई लोग टूरिस्ट वीजा पर जाकर वहीं नौकरी तलाशने लगते हैं या वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह जाते हैं, जो वहां गंभीर अपराध माना जाता है।

इसके अलावा ड्रग्स और शराब से जुड़े अपराध भी बड़ी वजह हैं। खासकर सऊदी अरब में शराब का सेवन, निर्माण या बिक्री सख्त रूप से प्रतिबंधित है और नशीले पदार्थों के मामलों में बेहद कड़ी सजा का प्रावधान है।

इसके अलावा, कई लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने, बिना परमिट के सामान बेचने या कर्ज न चुका पाने जैसे अपराधों के कारण जेल पहुंच जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई भारतीय जो फर्जी एजेंटों की चाल में फंसकर विदेश जाते हैं, बाद में वे कानूनी पचड़ों में उलझ जाते हैं और अंततः उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ती है।

रोजमेरी या टी ट्री ऑयल, बालों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?

हमारे खराब लाइफस्टाइल और खानपान का असर हमारे बालों पर भी दिखता है। इस वजह से बाल रुखे और बेजान नजर आते हैं। बालों को स्वस्थ और फ्रीज फ्री रखने के लिए एसेंशियल ऑयल की मदद लें सकते हैं। एसेंशियल ऑयल से बालों को पोषण मिलता है। साथ ही ग्रोथ को बढ़ाने का काम करता है। आपने अक्सर सुना होगा कि बालों के लिए रोजमेरी ऑयल और टी ट्री ऑयल अच्छा होता है। ये दोनों तेल बालों की ग्रोथ और डैंड्रफ से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों तेलों में से कौन सा बालों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

बालों की ग्रोथ ब्लड फलो, हार्मोन, कैसा खानपान है और हमारे जीन्स कैसे हैं? इन सभी बातों पर निर्भर करता है। रोजमेरी या टी ट्री ऑयल आपके बालों को रातोंरात नहीं उगाता है। ये दोनों चीजें आपके स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं को ठीक करती हैं ताकि बालों की ग्रोथ अच्छी हो सकें।

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रोजमेरी का तेल

रोजमेरी का तेल बालों के लिए बहुत अच्छा होता है। यह बालों के अच्छा होता है। यह तेल आपके स्कैल्प में ब्लड फ्लो को बढ़ाने का काम करता है ताकि ऑक्सीजन और पोषण जड़ों तक पहुंचता है। पतले बाल और बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मदद करता है। कुछ अध्ययनों में कहा गया कि रोजमेरी मिनोक्सिडिल की तरह काम करता है। बालों की ग्रोथ बढ़ती है। बाल झड़ने और टूटने की समस्या को रोकता है। जो लोग पहले से गंजेपन की समस्या से गुजर रहे हैं। उनकी समस्या को ठीक नहीं हो सकती है।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल बैक्टीरिया और फंगस की समस्या को खत्म करने का काम करता है। यह डैंड्रफ और स्कैल्प में संक्रमण के खतरे को कम करता है। साफ स्कैल्प बालों को बेहतर तरीके से उगने में मदद करता है। इसके अलावा जिनको खुजली की समस्या रहती है उन्हें टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए।

रोजमेरी और टी ट्री में क्या अंतर है?

रोजमेरी ऑयल बालों की ग्रोथ में मदद करता है। वहीं, टी ट्री ऑयल बालों के स्कैल्प को साफ रखता है। दोनों के अपने-अपने काम है।

इन तेलों को इस्तेमाल कैसे करना है

आपको सीधा इन तेलों को बाल में नहीं लगाना है। आपको सबसे पहले 2 चम्मच नारियल तेल या बादाम का तेल लेना है। उसमें 4 से 5 बूंदें रोजेमरी और 3 से 4 बूंदे टी ट्री ऑयल के डालने है। अपने स्कैल्प में लगाकर मसाज करें। तेल लगाने के बाद एक या दो घंटे को छोड़ दें। इसके बाद शैंपू लगाकर बाल धो लें।

16 फरवरी को बना विशेष योग, आपकी राशि के लिए क्या लेकर आया सोमवार, पढ़ें राशिफल

ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन यानी 16 फरवरी(सोमवार) काफी गहरा और प्रभावशाली है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि के साथ चंद्रमा का मकर राशि में होना यह संकेत देता है कि आज का पूरा दिन अनुशासन, जिम्मेदारी और अपनी इच्छाओं को पूरा करने पर केंद्रित रहेगा। वहीं आज का मूलांक 7 है, जिसका स्वामी केतु को माना जाता है।

केतु का प्रभाव व्यक्ति को गहराई से सोचने के लिए मजबूर करता है। ऐसे में आज उन लोगों को विशेष फायदा मिलेगा जो रिसर्च, योग या किसी भी तरह के मानसिक और आंतरिक विकास के कामों से जुड़े हैं। आइए जानते हैं आपकी राशि के सितारों का आज क्या हाल है-

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जानें किस्मत का हाल

मेष

आज आप ऊर्जा से लबरेज रहेंगे। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

क्या करें: बस ध्यान रखें कि कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले घर के बड़ों की सलाह जरूर लें।
क्या न करें: गुस्सा और जल्दबाजी में निवेश करने से बचें।

वृषभ

पैसों के मामले में आज दिन बढ़िया है। बिजनेस में कुछ अच्छे बदलाव देख सकते हैं।

क्या करें: पुराने निवेश को एक बार चेक करें, फायदा मिल सकता है।
क्या न करें: फालतू की बहस और खर्चों से दूरी बनाकर रखें।

मिथुन

अगर आप पढ़ाई या नौकरी के लिए कोशिश कर रहे हैं, तो आज अच्छी खबर मिल सकती है।
क्या करें: अपनी स्किल्स बढ़ाने पर ध्यान दें।
क्या न करें: गपशप में समय बर्बाद न करें और सफर के दौरान सतर्क रहें।

कर्क

आज घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। सेहत में भी सुधार दिखेगा।
क्या करें: खान-पान पर थोड़ा कंट्रोल रखें।
क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें।

सिंह

आपकी लीडरशिप क्वालिटी की आज तारीफ होगी। नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए दिन अच्छा है।
क्या करें: अपनी सेहत का नियमित चेकअप कराते रहें।
क्या न करें: अपने भीतर अहंकार न आने दें।

कन्या

आज आपकी सोचने-समझने की क्षमता आपको बड़ा फायदा दिलाएगी। नौकरी में प्रमोशन की संभावना है।
क्या करें: अपनी बचत और रूटीन को सुधारने पर काम करें।
क्या न करें: फिजूल की चिंता न करें।

तुला

रिश्तों और व्यापार के लिए आज का दिन संतुलन भरा रहेगा।
क्या करें: पार्टनरशिप में काम करना फायदेमंद होगा।
क्या न करें: ज्यादा मीठा खाने से बचें और किसी भी काम को टालें नहीं।

वृश्चिक

आज आपको रिसर्च या गुप्त ज्ञान से लाभ मिल सकता है।
क्या करें: निवेश के लिए समय अच्छा है।
क्या न करें: मन में शक न पालें और जोखिम भरे कामों या खेलों से खुद को दूर रखें।

धनु

यात्रा के शौकीन लोगों के लिए आज प्रोग्रेस का दिन है।

क्या करें: आपके सोचे हुए लक्ष्य पूरे होंगे।

क्या न करें: अति-उत्साह में आकर कोई कानूनी गलती न करें, इसका ध्यान रखें।

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मकर

चंद्रमा की उपस्थिति आपकी ही राशि में है, जिससे मेहनत का फल जरूर मिलेगा। करियर में तरक्की के योग हैं।

क्या करें: थकान महसूस हो तो आराम करें।

क्या न करें: नकारात्मकता को हावी न होने दें।

कुंभ

आज आपके पास नए और अनोखे आइडियाज होंगे। समाज में आपकी पहचान बढ़ेगी।
क्या करें: सबके साथ मिलकर काम करेंगे तो ज्यादा सफल होंगे।
क्या न करें: लोगों से कटे-कटे न रहें।

मीन

आज आपकी कल्पना शक्ति आपको सफलता दिलाएगी। मानसिक शांति के लिए थोड़ा समय ध्यान और प्रार्थना में बिताएं।
क्या करें: पानी के आसपास सावधानी बरतें।
क्या न करें: हकीकत से दूर सपनों की दुनिया में न खोएं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

पाकिस्तान में फ्यूल की कमी का असर, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी कटौती

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सरकारी कंपनियों (स्टेट-ओन्ड एंटरप्राइजेज) और सरकारी संरक्षण वाली स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों की सैलरी में 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दे दी है। यह फैसला देश में चल रहे ईंधन संकट और आर्थिक मुश्किलों से निपटने के लिए लिया गया है।

यह बैठक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई, जहां पहले घोषित बचत और खर्चों को कम करने के उपायों की समीक्षा की गई। मध्य-पूर्व में अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। पाकिस्तान में पिछले हफ्ते पेट्रोल की कीमत में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

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सैलरी में होगी कटौती

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, बैठक में तय किया गया कि सरकारी कर्मचारियों की तरह अब सरकारी कंपनियों और संस्थाओं के कर्मचारियों की सैलरी में भी 5 से 30 फीसदी कटौती होगी। यह बचत की गई रकम जनकल्याण के कामों में लगाई जाएगी।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले-

  • सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन की मात्रा में 50 प्रतिशत कटौती अगले दो महीनों के लिए जारी रहेगी।

  • सरकारी विभागों की 60 प्रतिशत गाड़ियां अगले दो महीनों में सड़कों से हटा दी जाएंगी।

  • सरकारी कंपनियों के बोर्ड में सरकारी प्रतिनिधियों को अब कोई मीटिंग फीस नहीं मिलेगी। यह भी बचत में जुड़ेगा।

  • नई गाड़ियां खरीदने पर पूरी तरह रोक है।

  • सरकारी खरीद पर भी रोक लगाई गई है।

  • कैबिनेट सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों की अगले दो महीनों की सैलरी जनकल्याण के लिए बचत के रूप में इस्तेमाल होगी।

  • सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों और अन्य की विदेश यात्राओं पर पूरी रोक बनी रहेगी।

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पहले से उठाया कदम

सरकार पहले से ही कई कदम उठा चुकी है, जैसे सरकारी दफ्तरों में चार दिन का वर्किंग वीक, आधे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों की छुट्टियां। ये सब उपाय ईंधन की बचत और खर्च कम करने के लिए हैं।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि यह मुश्किल वक्त है लेकिन सबको मिलकर देश की मदद करनी होगी। बचत की रकम गरीबों और आम लोगों की भलाई में लगेगी।

ईरान युद्ध से भारत क्या सीख सकता, सस्ते ड्रोन से निपटने का इलाज क्या है?

दुनिया सैन्य तौर पर ईरान को बहुत एडवांस नहीं मानती थी। मगर 15 दिन के युद्ध ने यह भ्रम तोड़ दिया है। इजरायल से ओमान तक ईरानी मिसाइल और ड्रोन ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि अमेरिका को भी परेशान कर रखा है। सऊदी अरब से इराक तक उसके दूतावास और ठिकानों पर ईरान की सेना ड्रोन बरसा रही है। कई एयर डिफेंस सिस्टम तबाह हो चुके हैं।

दुबई, अबूधाबी, मनामा के अलावा कुवैत और कतर में ईरानी ड्रोनों से मची तबाही को सभी ने देखा है। हालत इस कदम तक बिगड़ चुके हैं कि खाड़ी देशों के पास मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्टरों की भारी कमी है। अपने सहयोगी अमेरिका से मांग की है। मगर वह भी इनकी पूर्ति करने में असमर्थ है।

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ईरान की रणनीति: अमेरिका और इजरायल जैसे शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ ईरान ने सस्ते ड्रोन वाली रणनीति अपनाई। वह अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर इन ड्रोन से लगातार हमला कर रहा है। डर और दहशत के माहौल के इतर आर्थिक चोट भी दे रहा है। तेल ठिकानों पर हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकाबंदी के बाद खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है। दुबई जैसे दुनिया के सबसे अहम आर्थिक केंद्र की इमेज को ईरान ने सिर्फ हजार डॉलर के ड्रोन से बदल कर रख दिया।

अनुमान के मुताबिक ईरान के एक शाहेद-136 ड्रोन की कीमत 20,000 से 50,000 डॉलर है। अमेरिका एक ड्रोन को मारने में पैट्रियट एयर डिफेंस जैसा डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल करता है। इसकी एक मिसाइल की कीमत ही 30 लाख डॉलर (27.6 करोड़ रुपये) से अधिक है, जबकि शाहेद-136 ड्रोन भारतीय रुपये में सिर्फ 41.5 लाख रुपये का है।

ईरान एक साथ इन सस्ते ड्रोन को बड़ी संख्या में दाग सकता है। मगर पैट्रियट एयर डिफेंस इतनी बड़ी संख्या में इन्हें रोक नहीं सकता है। अगर हर ड्रोन पर 27 करोड़ की मिसाइल दागी गई तो यह आर्थिक तौर पर भी बहुत महंगा है। वहीं पैट्रियट जैसी मिसाइलों का उत्पादन करना बेहद जटिल और समय लगने वाली प्रक्रिया है। अगर युद्ध अधिक तीनों तक चला तो मिसाइलों की कमी आ सकती है। बाद में ईरान इन्हीं सस्ते ड्रोनों से और तबाही मचा सकती है। अब सवाल यह है कि इसका विकल्प क्या है?

सस्ते ड्रोन का इलाज क्या: दुनियाभर को लेजर के रूप में सस्ते ड्रोन का विकल्प दिख रहा है। मिसाइल की तुलना में इसका खर्च बेहद कम होगा। अगर एक ड्रोन को मिसाइल से मार गिराया गया तो उसकी लागत 27.6 करोड़ रुपये होगी। वहीं लेजर से यही ड्रोन महज 3.50 डॉलर यानी 325 रुपये में गिराया जा सकता है। यही कारण है कि दुनियाभर के देश लेजर तकनीक पर निवेश करने में जुटे हैं। अगर डोनाल्ड ट्रंप की माने तों अमेरिका भी जल्द अपना लेजर हथियार उतारने वाला है। दशकों से कई देश लेजर तकनीक को विकसित करने में जुटे हैं। मगर इसके रास्ते में अभी तक कई बाधाए हैं।

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लेजर हथियार के साथ समस्या क्या?

बचपन में आपने कभी न कभी आवर्धक लेंस का इस्तेमाल कागज को जलाने में किया होगा। लेजर हथियार भी इसी तरह से काम करता है। वह प्रकाश की एक बेहद शक्तिशाली किरण को एक जगह फोकस करके ड्रोन को निष्क्रिय कर देता है। सबसे जरूरी यह है कि प्रकाश की किरण का कई सेकंड तक लक्ष्य पर एक ही जगह में टिका होना जरूरी है।

अगर आसमान साफ नहीं है। बादल छाए हुए हैं तो एक ड्रोन को मार गिराने में लेजर को अधिक समय लग सकता है। कोहरा और मौसम में अधिक नमी होने पर भी यही समस्या का सामना करना पड़ेगा। धूल भरी आंधी से भी नुकसान पहुंच सकता है।

दुनिया के कुछ चुनिंदा लेजर हथियार

  • इजराइल: राफेल एडवांस्ड डिफेंस – आयरन बीम
  • ऑस्ट्रेलिया: इलेक्ट्रो ऑप्टिक सिस्टम्स- हाई एनर्जी लेजर वेपन।
  • यूक्रेन: सनरे कॉम्पैक्ट लेजर सिस्टम।
  • चीन: LY-1 सिस्टम।
  • भारत: सहस्त्र शक्ति- 30 किलो वाट।

भारत क्या सीख सकता है?

सस्ते ड्रोन दुनिया की हर बड़ी जंग में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। ड्रोन को रोकना मिसाइलों से ज्यादा जटिल होगा। छोटे ड्रोन बड़ी तबाही मचा सकते हैं। यह हम यूक्रेन और अब ईरान युद्ध में देख चुके हैं। भारत को न केवल सस्ते ड्रोन बनाने होंगे, बल्कि इन ड्रोन से कैसे निपटा जाए, इस पर भी फोकस करना होगा। सस्ते ड्रोन से हम दुश्मन को बड़ी चोट पहुंचा सकते हैं, लेकिन अगर दुश्मन भी ऐसे ही ड्रोन इस्तेमाल करने लगे तो उनसे निपटने की तकनीक भी हमारे पास होनी चाहिए।

हर बार एसिडिटी में गोली? न्यूट्रीशन पर पड़ सकता असर

आजकल सीने में हल्की जलन या भारीपन होते ही हम तुरंत गैस की दवा खा लेते हैं। यह दवा उस समय तो आराम दे देती है लेकिन लंबे समय तक इसका ज्यादा उपयोग सही नहीं है। हमारे पेट में एक जरूरी एसिड बनता है, जो खाने को पचाने में मदद करता है। बार-बार दवा लेने से यह जरूरी एसिड कम हो सकता है और पाचन पर असर पड़ सकता है। अगर बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को लंबे समय तक लिया जाए, तो शरीर को अंदर से नुकसान हो सकता है। हाल ही में ब्राजील की फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो के वैज्ञानिकों की एक स्टडी में भी बताया गया है कि इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ सकता है।

अगर आपको सामान्य भाषा में समझना तो यह जान लीजिए कि जब आप रोजाना इन दवाओं का सेवन करते हैं तो पेट का pH लेवल बदल जाता है। रिसर्च बताते हैं कि पेट में एसिड की कमी होने से भोजन से मिलने वाले माइक्रोन्यूट्रिएंट्स खून में सही तरह से नहीं मिल पाते। इसका सीधा असर आपकी हड्डियों की मजबूती, मेंटल हेल्थ और एनर्जी के स्तर पर पड़ता है।

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एसिड कम होना क्यों है चिंता की बात?

ये दवाएं पेट में एसिड बनाने वाले एंजाइम को रोक देती हैं। वैसे तो एसिड जलन पैदा करता है लेकिन यही एसिड हमारे खाने से आयरन और जिंक जैसे न्यूट्रिएंट्स को सोखने में शरीर की मदद भी करता है। जब पेट में एसिड बहुत कम हो जाता है तो शरीर खाने से जरूरी पोषण नहीं ले पाता।

रिसर्च के अनुसार, मिनरल्स में कमी का सीधा असर हमारी इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। शरीर की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं जिससे बीमारियों से लड़ने की ताकत घट सकती है।

पेट का एसिड भोजन से B12 को अलग करने में मदद करता है। एसिड कम होने से इसकी कमी हो जाती है, जिससे थकान और नसों में कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर आपके शरीर में कैल्शियम को पूरी तरह से काम करना है तो इसके लिए एसिडिक जरिए की जरूरत होती है।

लंबे समय तक एसिड की दवा लेने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। खून में मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और रेगुलर हर्ट रेट में समस्याएं हो सकती हैं।

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बचाव के तरीके

  • लाइफस्टाइल में बदलाव: एक साथ पूरा खाना खाने के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक लेकर खाएं।
  • प्रोबायोटिक्स: दही और छाछ जैसे चीजों को शामिल करें जो नेचुरल तरीके से डाइजेशन को ठीक करते हैं।
  • सोने का समय: रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें।
  • एसिडिटी की दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

पाकिस्तान का कटास राज मंदिर, सतघरा मंदिरों का इतिहास जानिए

भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय सभ्यता के प्रमाण मिलते हैं। खासकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में कई प्राचीन हिंदू मंदिर आज भी मौजूद हैं। ये मंदिर हजारों साल पुराने हैं और लोगों की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बने हुए हैं। ऐसा ही एक प्रसिद्ध मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कटास राज मंदिर है। यह मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस मंदिर परिसर में कई अन्य प्राचीन मंदिर भी शामिल हैं, जो हजारों साल पुराने बताए जाते हैं।

कटास राज मंदिर पाकिस्तान के चकवाल जिले में स्थित है। लगभग 2000 साल पुराने इस मंदिर समूह को किला कटास भी कहा जाता है। माना जाता है कि इसका निर्माण हिंदू शाही काल में हुआ था। इसकी बनावट, गुंबद और स्थापत्य शैली आज भी उस समय की भव्यता और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।

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कटास राज मंदिर और मान्यता

इस्लामाबाद से दो घंटे की दूरी पर है पोथोहर पठार, जहां कटास राज मंदिर की स्थापना की गई। यहां की सबसे खास बात यहां मौजूद पवित्र तालाब (कुंड) है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती के वियोग में विलाप कर रहे थे, तब उनके आंसुओं से दो तालाब बने थे, जिनमें से एक यहां कटास राज में स्थित है।

वहीं, एक अन्य मान्यता यह भी है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने वनवास के 12 साल यहीं बिताए थे और ‘सतघरा’ मंदिरों का निर्माण किया था। साथ ही यह भी कहा जाता है कि यहीं युधिष्ठिर ने यक्ष के कठिन सवालों के उत्तर दिए थे।मंदिर जिसे किला कटास के नाम से भी जाना जाता है, कई हिंदू मंदिरों का एक कॉम्प्लेक्स है जो एक-दूसरे से वॉकवे से जुड़े हुए हैं।

पंजाब क्षेत्र में ज्वालामुखी के बाद इसे हिंदुओं का दूसरा सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। यहां की ऐतिहासिक बनावट और धार्मिक जुड़ाव को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने साल 2006 और 2017 में इसके मरम्मत का काम भी करवाया था। आज भी महाशिवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों पर भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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इतिहास और संरक्षण की चुनौतियां

इतिहासकारों के लिए इस परिसर का सही समय बताना मुश्किल रहा है लेकिन अनुमान है कि ये मंदिर 7वीं शताब्दी के आसपास के हो सकते हैं। बंटवारे के बाद इस ऐतिहासिक धरोहर ने काफी उपेक्षा झेली। औद्योगिक गतिविधियों और सीमेंट फैक्ट्रियों की वजह से यहां की पवित्र झील सूखने लगी थी।

हालांकि, 2017 में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने न केवल फैक्ट्रियों पर जुर्माना लगाया बल्कि झील को दोबारा भरने और मंदिर के मरम्मत के सख्त निर्देश भी दिए।

राजनयिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, पाकिस्तान अब भारतीय तीर्थयात्रियों को यहां आने की अनुमति दे रहा है। साल 2024 में भी महाशिवरात्रि के लिए 112 भारतीय नागरिकों को वीजा जारी किया गया था जो पिछले साल की तुलना में दोगुनी थी।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।