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बांसी में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन आयोजित:महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर


बांसी स्थित रानी लक्ष्मी विवाह वाटिका में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन विधानसभा सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें श्रीमती शीतल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं, जबकि बांसी विधायक राजा जय प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करेगा, जिससे महिलाओं की भागीदारी और निर्णय क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक उत्थान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अतिथियों ने महिलाओं को आगे बढ़ने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुशीला राजाराम केवट, सभासद श्रीमती प्रतिमा वर्मा, श्रीमती प्रिया गौतम, श्रीमती रिंकी गौतम, श्रीमती सरोज जायसवाल और श्रीमती यशोधरा देवी सहित कई महिलाएं एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी ने किया था, जिसमें क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।

फर्रुखाबाद जनपद में फतेहगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने सहायता केंद्र का किया उद्घाटन

फर्रुखाबाद । जनपद फतेहगढ़ के कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र में सुरक्षा और जन-सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। पुलिस अधीक्षक फतेहगढ द्वारा कस्बा मोहम्मदाबाद के मुख्य चौराहे पर नवनिर्मित भव्य पुलिस सहायता केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह केन्द्र स्थानीय जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय व जन-सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है ।

केंद्र का मुख्य लक्ष्य यातायात को सुचारु बनाना, और क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखना है।

जयपुर में बड़ा हादसा: सीवर टैंक में जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत

जयपुर। शहर के करधनी थाना क्षेत्र के झोटवाड़ा जोन स्थित शेखावत मार्ग, निवारू रोड, वार्ड संख्या 24 में शुक्रवार दोपहर सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया।

सीवर चैम्बर में बनी जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि सीवरेज टैंक में सफाई कार्य के दौरान अचानक गैस बनने से दोनों मजदूरों की हालत बिगड़ गई और वे मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकालकर कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान पुरानी बस्ती निवासी अजय और बनीपार्क निवासी रामबाबू के रूप में हुई है। दोनों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रथम दृष्टया मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना माना जा रहा है। पूरे मामले की जांच जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम जयपुर के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि मामले में लापरवाही सामने आई है, जिसकी जांच करवाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि यह भी जांच होगी कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं तथा निर्धारित एसओपी का पालन किया गया या नहीं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इधर, वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि इस हादसे को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। डंडोरिया ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा बिना सुरक्षा मानक उपकरणों के सीवर मेनहोल की सफाई करवाई जा रही थी, जिससे मीथेन गैस के कारण दोनों कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं और सफाईकर्मियों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

संगठन ने जिम्मेदार ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की गिरफ्तारी, मृतकों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा और मृतकों का पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।

 

शिवपति कॉलेज में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कार्यक्रम:सिद्धार्थनगर में छात्राओं ने संगोष्ठी, मिस्ड कॉल अभियान और मानव श्रृंखला बनाई


सिद्धार्थनगर में शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद और रानी लक्ष्मीबाई इकाइयों ने संयुक्त रूप से संगोष्ठी, मिस्ड कॉल अभियान और मानव श्रृंखला का आयोजन किया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार सिंह थे। उन्होंने अधिनियम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. सिंह ने बताया कि यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। प्राचार्य ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण से उनकी प्रतिनिधित्व क्षमता बढ़ेगी और नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने इसे महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया। प्रो. सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम महिलाओं को समान अवसर प्रदान कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की आवाज़ और अधिक बुलंद होगी, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। प्रो. सिंह ने जोर दिया कि यह अधिनियम भारतीय संविधान की मूल भावना – समानता और न्याय – को साकार करता है। संगोष्ठी के बाद, अधिनियम के समर्थन में मोबाइल नंबर 9667173333 पर मिस्ड कॉल अभियान चलाया गया। इसमें महाविद्यालय के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर अधिनियम का स्वागत किया। छात्राओं ने कहा कि इस अधिनियम से उनकी भागीदारी बढ़ेगी और वे नए भारत के निर्माण में सशक्त भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर प्रो. मुकेश कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, रानी लक्ष्मीबाई इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, स्वामी विवेकानंद इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम किशोर सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अजय सिंह, डॉ. शिष्टपाल सिंह और अश्वनी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

डुंडवा गांव में भीषण आग से मचा हड़कंप, 40 हजार नकद समेत पूरा घर जलकर राख

पड़रियातुला-खीरी । जिले के बिजुआ विकास खंड के अंतर्गत डुंडवा गांव में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक कच्चे मकान में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग केशवराम पुत्र सुकई के घर में लगी। घटना के समय परिवार के लोग घर के अंदर ही मौजूद थे, लेकिन समय रहते बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में रखा करीब 40 हजार रुपये नकद, एक बोरी मसूर, कपड़े, बिस्तर और अन्य जरूरी घरेलू सामान पूरी तरह जल गया।
आग लगने की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और बाल्टी, हैंडपंप व अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पीड़ित परिवार को भारी नुकसान हो चुका था।
घटना की सूचना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल अजय गुप्ता शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित की।

महिला आरक्षण विधेयक : 12 साल में पहली बार फेल हुई मोदी सरकार

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार (17 अप्रैल) को महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन संशोधन विधेयक पर लंबी और गहन चर्चा के बाद मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया, जिसमें 298 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में और 230 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) हासिल नहीं हो सका, जिसके कारण यह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परिणाम घोषित करते हुए कहा कि विधेयक को अपेक्षित संवैधानिक समर्थन नहीं मिल सका है, इसलिए इसे आगे की विधायी प्रक्रिया में नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके बाद सरकार ने इससे जुड़े अन्य दो विधेयकों पर भी मतदान कराने का निर्णय नहीं लिया।

 21 घंटे की लंबी चर्चा, 130 सांसदों ने लिया हिस्सा

इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन में लगभग 21 घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई। बहस में कुल 130 सांसदों ने भाग लिया, जिनमें 56 महिला सांसद भी शामिल रहीं। सभी ने अपने-अपने पक्ष रखते हुए विधेयक के राजनीतिक, सामाजिक और संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। विधेयक पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क मजबूती से रखे।

 प्रस्तावित प्रावधान क्या थे?

इस संविधान संशोधन विधेयक के तहत कई बड़े बदलाव प्रस्तावित थे—

2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव
2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण देने की योजना
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रावधान
परिसीमन के जरिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व का पुनर्संतुलन करने का उद्देश्य

 सरकार का पक्ष: “महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक प्रयास”

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सरकार की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को सम्मान और राजनीतिक अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन विपक्ष के समर्थन न मिलने के कारण इसे आवश्यक बहुमत नहीं मिल सका। रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं को उनका अधिकार देने के प्रयास को समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना अभियान जारी रखेगी।

 गृह मंत्री अमित शाह का तीखा बयान

मतदान से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो दल परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में एससी-एसटी समुदाय के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिणी और छोटे राज्यों को परिसीमन के बाद भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा और किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

 विपक्ष की प्रतिक्रिया

विधेयक गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे में बदलाव का प्रयास था।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह संविधान की मूल भावना पर चोट है और विपक्ष ने मिलकर इसे रोकने का काम किया।

 राजनीतिक महत्व और प्रभाव

यह पहली बार है जब पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार द्वारा लाया गया कोई संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। इस घटनाक्रम को भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधेयक पर हुई लंबी बहस और वोटिंग आने वाले समय में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर राजनीतिक विमर्श को और तेज करेगी।महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक भले ही लोकसभा में पारित नहीं हो सका हो, लेकिन इस पर हुई लंबी चर्चा और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ने इसे एक ऐतिहासिक संसदीय घटना बना दिया है। आने वाले समय में यह मुद्दा देश की राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अक्षरा पांडेय ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल जिला टॉप किया:सिद्धार्थनगर में सेल्फ स्टडी को बताया सफलता की कुंजी, पिता हैं अध्यापक


अक्षरा पांडेय ने सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वह बांसी के लिटिल फ्लावर स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय नियमित सेल्फ स्टडी और सही टाइम मैनेजमेंट को दिया। अक्षरा पांडेय ने बताया कि स्कूल के बाद खुद से की गई पढ़ाई महत्वपूर्ण होती है। वह प्रतिदिन स्कूल से लौटने के बाद टाइम टेबल बनाकर 3 से 4 घंटे तक प्रतिदिन अध्ययन करती थीं। अक्षरा के पिता अजय कुमार पांडेय खेसरहा ब्लॉक के कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय मटियरिया में सहायक अध्यापक हैं। उनकी मां वंदना पांडेय गृहिणी हैं। अक्षरा मूलरूप से बांसी तहसील क्षेत्र के हरैया गांव की निवासी हैं। वह दो बहन हैं अक्षरा का लक्ष्य इंजीनियर बनना है। वह आईआईटी की तैयारी में जुट गई हैं। फिलहाल वह जेईई मेन्स की तैयारी ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से कर रही हैं और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के साथ ऑफलाइन कोचिंग के लिए बाहर जाने की योजना बना रही हैं।

फर्रुखाबाद: पोस मशीन से शत प्रतिशत शराब की बिक्री हो :जीपी गुप्ता

फर्रुखाबाद । जिलाधिकारी  आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर  आबकारी अधिकारी  की अध्यक्षता में सभी थोक एवं फुटकर अनुज्ञापियों की बैठक की गई जिसमे सभी अनुज्ञापी एवं आबकारी विभाग के सभी स्टाफ उपस्थित रहे।
 मीटिंग में देशी शराब की 75-25 प्रतिशत की बिक्री  की प्रभाविता के लिए विशेष ध्यान देते हुए 42.8 तीव्रता के 100 ml के पौववे की बिक्री पर ज़ोर दिया गया।पोस मशीन से शत प्रतिशत बिक्री।
 दुकान पर पर्याप्त ब्रांड एवं स्टॉक उपलब्ध रहे।
किसी भी दशा में ओवररेटिंग न हो पाए।
पेड इंडेंटिंग की प्रकिया को सरल बनाने हेतु।
 दुकानों पर cctv कैमरा रियल टाइम में संचालित रहे। दुकान एवं कैंटीन परिसर में साफ़ सफाई रखने एवं दुकान के बाहर मदिरा का सेवन न करने हेतु सभी फुटकर अनुज्ञापियों को निर्देशित किया गया।

 ट्रक की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटे की मौत, परिजनों ने किया हाइवे जाम

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में नेशनल हाईवे 52 पर देहात ब्यावरा थाना क्षेत्र में सिविल अस्पताल तिराहा के समीप शुक्रवार शाम सड़क हादसे में मां और उसके एक वर्षीय बेटे की मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा देवर और चार साल की बच्ची घायल हो गई।

हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने हाइवे पर शव रखकर करीब आधे घंटे तक यातायात रोक दिया। सूचना मिलते ही देहात और सिटी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश देकर जाम खुलवाया।

जानकारी के अनुसार, मोया गांव निवासी अनिल (25)पुत्र रामलाल वर्मा अपनी भाभी सुमित्रा बाई (25) पत्नी सुनील वर्मा,एक वर्षीय भतीजे कान्हा और भतीजी अनुष्का(4) साल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ला रहा था।

शाम करीब 6 बजे जैसे ही उनकी बाइक अस्पताल रोड की ओर मुड़ने लगी, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरटेक करते हुए बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर लगने से अनिल और अनुष्का सड़क किनारे गिरकर घायल हो गए, जबकि सुमित्रा और बच्चे की ट्रक की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया।

दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोप लगाया कि ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। आक्रोशित परिजनों ने हाइवे पर शव रखकर जाम लगाया, जिससे करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोला गया। मृतक सुमित्रा के देवर अनिल ने बताया कि कान्हा की तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जा रहा था तभी हादसे का षिकार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

भैंसहवा ग्राम चौपाल में समस्याओं का मौके पर निस्तारण:जोगिया क्षेत्र में आयोजित हुई चौपाल, पंचायत सचिव ने सुनी शिकायतें


सिद्धार्थनगर के जोगिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैंसहवा में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ‘गांव की समस्या, गांव में ही समाधान’ के तहत ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करना था। आयोजन में ग्राम पंचायत के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। अधिक भीड़ के कारण कुछ ग्रामीणों को चौपाल स्थल के बाहर भी बैठना पड़ा। ग्राम पंचायत सचिव मोहम्मद मुस्तफा ने एक-एक कर लोगों की समस्याओं को सुना। सचिव मुस्तफा ने योजनाओं से संबंधित लाभार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही कई समस्याओं के समाधान का प्रयास किया, जिससे उनका तत्काल निस्तारण हो सका। इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र गौतम भी ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ले रहे थे। कुछ लोगों ने अपनी निजी समस्याएं भी प्रस्तुत कीं, जिनके समाधान का आश्वासन प्रधान प्रतिनिधि ने व्यक्तिगत स्तर पर दिया। चौपाल में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र गौतम, पंचायत सचिव मोहम्मद मुस्तफा के साथ जनार्दन, अनीता, राम सुभग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश: न्यायिक अवसंरचना को मिली नई मजबूती, 40 करोड़ की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण

जबलपुर। मध्य प्रदेश की न्यायिक अवसंरचना को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा मध्य प्रदेश में 40 करोड़ की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण किया गया।

इस संबंध में प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय भवन-शहडोल. सिविल न्यायालय भवन-बक्सवाहा (छतरपुर), नैनपुर (मंडला), सनावद एवं बड़वाहा (मंडलेश्वर), अजयगढ एवं पवई (पन्ना), कोलारस एवं खनियाधाना (शिवपुरी), सिरौज एवं लटेरी (विदिशा) में नव निर्मित मध्यस्थता केन्द्र तथा बालाघाट, पवई (पन्ना) एवं सारंगपुर (राजगढ़) में न्यायिक अधिकारियों के नवीन आवासीय परिसरों का ई-लोकार्पण किया गया है।

इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष. म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, संबंधित जिलों के माननीय पोर्टफोलियो न्यायाधीशगण तथा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ जबलपुर एवं खंडपीठ इंदौर एवं ग्वालियर के माननीय साथी न्यायाधीशगण की उपस्थिति रही।

इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक सशक्त न्यायिक प्रणाली के लिए विधिक विशेषज्ञता के साथ आधुनिक और सुलभ अवसंरचना भी आवश्यक है। विभिन्न जिलों में नए न्यायालय भवनों, मध्यस्थता केन्द्रों तथा आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन, विशेष रूप से जिला एवं तहसील स्तर पर न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शहडोल और बक्सवाहा में नए न्यायालय परिसर न्यायिक कार्यप्रणाली की दक्षता को बढ़ाएंगे तथा इनमें संवेदनशील वर्गों के लिए बालमैत्री सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। विभिन्न जिलों में स्थापित किए जा रहे मध्यस्थता केन्द्र विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देंगे और नियमित न्यायालयों पर भार कम करने में सहायक होंगे।

उन्होंने उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, जिला न्यायपालिका के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा निर्माण कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी।

न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का आयोजन के दौरान कहना रहा कि न्याय तभी सार्थक है जब वह प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे, विशेषकर दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में।

विभिन्न जिलों में नए न्यायालय भवनों, मध्यस्थता केन्द्रों एवं आवासीय सुविधाओं का यह ई-लोकार्पण जमीनी स्तर पर न्याय वितरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन परियोजनाओं से अवसंरचना एवं कार्यकुशलता में वृद्धि होगी तथा समावेशी, बाल-अनुकूल एवं समुदाय-केंद्रित न्यायिक वातावरण विकसित होगा।

इस अवसर पर धरमिंदर सिंह, रजिस्ट्रार जनरल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, रजिस्ट्री के अधिकारीगण उमेश पाण्डव, निदेशक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, अकादमी के अधिकारीगण संबंधित जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं न्यायिक अधिकारीगणः सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्राधिकरण के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

 

बहराइच में देवर ने भाभी को कुल्हाड़ी से काट डाला:हाथ-पैर रस्सी से बांधे, पति की मौत के बाद क्लेम के पैसे को लेकर विवाद


बहराइच क्लैम के रुपयों को लेकर हुए विवाद में देवर ने भाभी को कुल्हाड़ी से काट डाला। आरोपी ने विवाद के बाद महिला के हाथ-पैर रस्सी से बांधे, फिर पास में रखी कुल्हाड़ी से महिला पर हमला बोल दिया। युवक ने महिला पर कई वार किये। जिससे महिला की मौत हो गई। कोतवाली मूर्तिहा क्षेत्र के धर्मपुर गांव में एक देवर ने अपनी 32 वर्षीय भाभी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह घटना दुर्घटना क्लेम की धनराशि को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, मृतका आरती देवी के पति की लगभग एक वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हाल ही में पति के दुर्घटना क्लेम की धनराशि आरती देवी के बैंक खाते में आई थी। आरोप है कि इसी रकम को लेकर देवर लगातार भाभी पर पैसे देने का दबाव बना रहा था। बताया जा रहा है कि पैसे न देने पर आरोपी देवर ने महिला के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर आरती देवी की हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल मूर्तिहा राम नरेश यादव ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट में भोजशाला विवाद पर हुई नियमित सुनवाई, वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग

इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े विवाद को लेकर दायर याचिकाओं पर उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में शुक्रवार को हुई नियमित सुनवाई के दौरान आवेदक अंतर सिंह यादव, अनवर हुसैन, मजरुल्ला खान, नंदराम परमार, पुरुषोत्तम हिरवले, रामनारायण धाकड़ और रियाज मोहम्मद खान (सभी निवासी धार) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक चितले ने पक्ष रखा।

अधिवक्ता चितले ने अदालत को बताया कि भोजशाला एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका धार्मिक उपयोग हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने की स्थिति में पूर्व में कई बार तनाव, झड़प और टकराव की स्थिति बनी है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति/आयोग गठित करने और केंद्र व राज्य शासन को आवश्यक विधायी प्रावधान या नियम बनाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि विवाद की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इस पर उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि यह अलग याचिका है, जिसमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की मांग की गई है। भारतीय संविधान के तहत हम सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं। साथ ही मामले में आगे की सुनवाई अगले दिन जारी रखने की बात कही।

सुनवाई के दौरान एक इंटरविनर द्वारा बहस की अनुमति मांगे जाने पर अदालत ने कहा कि न्यायालय ऐसा मंच नहीं है जहां हर कोई अपनी मांग लेकर उपस्थित हो। यदि किसी याचिका में ठोस आधार (सब्सटेंस) नहीं होगा तो उसे नहीं सुना जाएगा।

एएसआई के अधिवक्ता सुनील जैन को न्यायालय ने पक्षकार बताते हुए अपनी रिपोर्ट या पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई लगातार जारी रखी जाएगी। अंतर सिंह एवं अन्य की ओर से ए़डवोकेट चितले अगली सुनवाई में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।

 

विहिप-बजरंग दल ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन:अवैध कब्जों, आपराधिक गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की मांग


सिद्धार्थनगर जिले में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनियोजित आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के कई मामलों में महिलाओं की संलिप्तता सामने आई है, जो ऐसे नेटवर्कों के व्यापक होने का संकेत है। संगठन ने इन सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग की। विहिप-बजरंग दल ने तथाकथित ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण के मामलों का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि ऐसी घटनाएं अब शहरी और शिक्षित वर्ग तक भी फैल रही हैं, जहां युवतियों का शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। संगठन ने इन पर रोक लगाने के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। ज्ञापन में अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि, सार्वजनिक संपत्तियों, रेलवे और सेना की सुरक्षित भूमि पर सुनियोजित तरीके से अतिक्रमण किया जा रहा है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए, उन्होंने प्रशासन से ऐसे सभी अवैध कब्जों को तत्काल चिन्हित कर हटाने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर खान-पान की वस्तुओं के साथ छेड़छाड़ कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही, जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों में महिलाओं एवं नाबालिग बालिकाओं के शोषण के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। ज्ञापन में कहा गया कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसे सभी तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई आवश्यक है। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की आपराधिक या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त न किया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय ने कहा कि विहिप और बजरंग दल राष्ट्रहित के मुद्दों को लेकर हमेशा सजग रहे हैं और आगे भी जनहित के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर ठोस कार्रवाई की जाएगी, जिससे क्षेत्र में शांति और सद्भाव बना रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष सुनील त्रिपाठी, संतोष अग्रहरि, जिला मंत्री धर्मेंद्र गुरुजी, सहमंत्री जयप्रकाश गुप्त, जिला कोषाध्यक्ष विजय भास्कर, सुरक्षा प्रमुख अजय सिंह, गौरक्षा प्रमुख राकेश मिश्रा, सचमुच त्रिपाठी, अंगद वर्मा, शारदा पाण्डेय, निखिल, राज, रमेश, शेषमणि प्रजापति, फरसा बाबा, सागर सोनी, करण चौधरी सहित बड़ी संख्या में विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

लाइन हाजिर कोई बड़ा दंड नहीं निलंबन की हो करवाई : अतुल शंकर दुवे

फर्रुखाबाद । हम सभी सभासद जहां जनता की सेवा करते हैं वही समय-समय पर पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करते हैं ।उसके बावजूद भीहमारे सभासद  प्रतिनिधिश्याम राजपूत .नाली के विवाद को लेकर .पुलिस लाइन स्थित महिला थाना में नियुक्त उप निरीक्षक मिथिलेश यादव .द्वारा .सभासद प्रतिनिधि से .मारपीट कर151 में . चालन करना .निंदनीय है ।जिसकी हम सभीसभासद लोग .निंदा करते हैं ।ज्ञात हुआ कि पुलिस अधीक्षक नेउन्हें लाइन हाजिर कर दिया ।लाइन हाजिर करनाकोईविशेष दंड नहीं बनता .हम सभी मांग करते हैंउप निरीक्षक को .निलंबित किया जाए । यह जानकारी नुनहाई .स्थित .विशंभर दयाल धर्मशाला में ‘उत्तर प्रदेश सभा सद संगठन नगरीय निकाय के .वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्षअतुल शंकर दुबे नेएक प्रेस वार्ता के दौरान दी ।जिसका सभी उपस्थित 22 सभासदों नेसमर्थन किया ।इस मौके पर असलम अंसारी .नन्हे पंडित .रफी अंसारी .मृदुल कटियारआलोक मिश्रा आदि ने एक प्रस्ताव पास किया ।कि जब तकउप निरीक्षक का निलंबन नहीं होता हैतब तक हम पुलिस कर .वेरीफिकेशन . व अन्य कोई सहयोग नहीं करेंगे ।आगे की रणनीति बैठक कर .बनाई जाएगी । इस मौके पर भईयन मिश्रा विश्वनाथ राजपूत धर्मेंद्र कनौजिया विजय अनुरागीसंतरामबाबू अग्निहोत्री लाईक अहमदउमेश गौतमश्याम राजपूतसंजय वर्माअनिल यादवप्रशांत कटिहार शशांक शेखरअभिषेक अग्निहोत्री आलोक मिश्रा नरेंद्र यादव नवनीत सोनू बाजपेई आदि सभासद गण एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे ।