नानपारा तहसील की ग्राम पंचायत माघी में ग्राम समाज की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को प्रशासन ने रुकवा दिया है। एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अवैध निर्माण की सूचना मिलने के बाद एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने लेखपाल विनोद कुमार को राजस्व टीम के साथ मौके पर भेजा। लेखपाल विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्राम समाज की भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इस दौरान ग्राम प्रधान अच्छन खां और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। जनपद बहराइच में प्रशासन की इस सक्रियता की ग्रामीणों ने सराहना की है।
माघी में अवैध कब्जेदारों पर प्रशासन सख्त:ग्राम समाज की जमीन पर चला प्रशासन का डंडा, एसडीएम के आदेश पर रुकी कार्रवाई
डेढ़ महीने का डिजिटल अरेस्ट, 22 करोड़ की ठगी, अब CBI करेगी मामले की जांच
दिल्ली में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। इस चर्चित केस की जांच अब आधिकारिक तौर पर CBI को सौंप दी गई है। इस मामले में दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 22.92 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस केस से लोगों की साइबर सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए थे । पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की जांच CBI को सौंपने के आदेश दिए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामले कुछ दिन पहले ही CBI को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जिसमें CBI की आर्थिक अपराध यूनिट के अधिकारी शामिल हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि CBI डिजिटल अरेस्ट के उन सभी मामलों की जांच करेगी, जिनमें 10 करोड़ से ज्यादा की रकम शामिल है।
यह भी पढ़ें: मुरादाबाद का हिस्ट्रीशीटर नरेश बन गया सुल्लान, 21 साल बाद पुलिस ने संभल से पकड़ा
बुजुर्ग से करोड़ों की ठगी
दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में रहने वाले बुजुर्ग के साथ ठगी हुई थी। अगस्त 2025 में उन्हें एक फोन आता है और इस एक फोन के कारण उनकी जिंदगी की सारी कमाई ठगों के पास चली गई। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का बताते हुए दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे क्राइम में हुआ है। बुजुर्ग के अनुसार, शुरूआत में फोन नॉर्मल पूछताछ लगा लेकिन बाद में बुजुर्ग को एक फर्जी जांच प्रक्रिया में उलझा दिया, जिसे उन्होंने डिजिटल अरेस्ट बताया।
घर में किया डिजिटल अरेस्ट
फोन पर बुजुर्ग को पूछताछ के बहाने से ही ठगों ने उलझा लिया था। इस दौरान ठगों ने खुद को पुलिस, ED और CBI के अधिकारी बताकर बुजुर्ग को यकीन दिला दिया कि वह किसी बड़े मामले में फंस चुके हैं। फोन पर उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि वह घर से बाहर न निकलें, किसी से बात न करें और हर समय वीडियो कॉल पर रहें। बुजुर्ग को इतना डरा दिया कि वह खुद को गिरफ्तार समझकर वीडियो कॉल पर ही बैठे रहे। बुजुर्ग काफी ज्यादा डर गए और डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे कई किश्तों में अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में पैसा ट्रांसफर करवा लिया।
22 करोड़ से ज्यादा की ठगी
यह सिलसिला करीब एक महीने तक चला। आरोपियों ने बुजुर्ग से कुल 22.92 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करवाई। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पैसे को कई अलग-अलग खातों में भेजकर उसे कई स्तरों पर घुमाया गया, ताकि उसका ट्रेल छिपाया जा सके। इसके लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया, फर्जी डॉक्यूमेंट, डिजिटल लेयरिंग का इस्तेमाल किया गया। इससे साफ है कि इस ठगी में कोई बड़ा गिरोह शामिल हो सकता है।
यह भी पढ़ें: AI की रेस में तेज भाग रहा भारत, फिर भी कर्मचारी परेशान, रिपोर्ट में खुलासा
मामले में क्या-क्या हुआ?
- इस मामले में लोगों की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। 9 सितंबर 2025 को बुजुर्ग ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 12.11 करोड़ रुपये फ्रीज कर लिए लेकिन पूरे पैसे रिकवर नहीं हुए और ना ही ठगों का पता चला।
- इसके बाद बुजुर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कों की जवाबदेही तय करने, ठगी की रकम वापस दिलाने और ऐसे साइबर अपराधों को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाने की मांग की।
- अब इस मामले की जांच CBI करेगी।
श्रावस्ती में दिनदहाड़े चोरी का 24 घंटे में खुलासा:दो आरोपी और सामान खरीदने वाला सोनार गिरफ्तार, नकदी-जेवर बरामद
श्रावस्ती जिले के हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चोरी का सामान खरीदने वाला एक सोनार भी शामिल है। उनके कब्जे से चोरी की नकदी और जेवरात बरामद किए गए हैं। यह घटना सोमवार को ग्राम इटहिया निवासी कमलेश कुमार के घर में हुई थी। अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली थी। उस दौरान कमलेश कुमार परिवार के साथ मकई की रखवाली करने खेत गए थे वापस लौटने पर उन्हें चोरी की जानकारी हुई थी। बताया जा रहा की एक संदिग्ध व्यक्ति गांव में टहलता दिखाई दिया था जिसकी पुलिस को सूचना दी गई थी। इस खबर को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया। प्रभारी निरीक्षक महिमानाथ उपाध्याय के नेतृत्व में हरदत्तनगर गिरंट थाना की एक विशेष पुलिस टीम ने जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान इसाक अली उर्फ इसहाक निवासी शाहपुर अचरौरा, थाना हरदत्तनगर गिरन्ट के रूप में हुई। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। आरोपी इसाक अली ने बताया कि उसने चोरी किए गए जेवरात नासिरगंज निवासी सुनार आलोक कुमार गुप्ता को बेचे थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर से ₹3500 नकद बरामद किए। शेष जेवरात नासिरगंज स्थित सर्राफा दुकान से बरामद किए गए। बरामद सामान में एक चांदी की अंगूठी, तीन जोड़ी पायल, दो जोड़ी चुटकी, एक झुमकी और एक चांदी की माला शामिल है। पुलिस ने इस मामले में सुनार आलोक कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भिनगा भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी इसाक अली उर्फ इसहाक का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बाढ़ से पहले प्रशासन सतर्क:एडीएम ज्योति राय ने नालों की सफाई कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता पर जोर
बलरामपुर जनपद में आगामी बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में, अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति राय ने विभिन्न प्रमुख नालों पर चल रहे सिल्ट सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने सुहेलवा नाला, हेंगहा, कचनी, गोरियां और खैर नालों पर चल रहे कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि नालों की समय पर और सही तरीके से सफाई न होने पर जलभराव और बाढ़ की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होगा। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सिल्ट हटाने के बाद नालों की जलधारण क्षमता बढ़े और पानी का प्रवाह बाधित न हो। साथ ही, कार्यों में पारदर्शिता और नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सहायक अभियंता बाढ़ खंड अनुज कुमार, घनश्याम पाण्डे और अंकित वर्मा सहित अवर अभियंता बाढ़ खंड भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने एडीएम को कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएंगे।
1 अप्रैल से बड़े बदलाव: आधार, पैन और ATM से जुड़ी 10 नई नियमावली लागू
April 1 Financial Rule Change: आज यानी 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो रही है. हर साल अप्रैल की शुरुआत के साथ कुछ नए नियम लागू होते हैं. इस बार भी नए फाइनेंशियल ईयर के साथ कई बदलाव होने जा रहे हैं. इन बदलावों का असर आपकी सैलरी, टैक्स, यात्रा और बैंकिंग पर सीधा पड़ेगा. तो चलिए इन सभी बदलावों के बारे में एक-एक करके डिटेल से जानते हैं.
1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे ये नियम
नंबर 1- इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव
इस साल से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा, जो पुराने सिस्टम की जगह लेगा. अब टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है. पहले ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ अलग-अलग होते थे, लेकिन अब केवल एक ‘टैक्स ईयर’ रहेगा. इसके साथ ही 1 अप्रैल से ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.
नंबर 2- टेक होम सैलरी हो सकती है कम
अगर नए लेबर कोड लागू होते हैं, तो आपकी सैलरी स्ट्रक्चर बदल जाएगी. अब कंपनियों को आपकी कुल सैलरी का आधा हिस्सा बेसिक पे रखना होगा. इससे PF में ज्यादा पैसा जाएगा, लेकिन हर महीने हाथ में मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
नंबर 3- ग्रेच्युटी में होगा फायदा
बेसिक सैलरी बढ़ने से ग्रेच्युटी की रकम भी बढ़ेगी. यानी नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय आपको ज्यादा पैसा मिल सकता है.
नंबर 4- FASTag महंगा होगा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई (National Highways Authority of India) ने FASTag के सालाना पास की कीमत बढ़ा दी है. अब यह 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये का हो जाएगा. यह वार्षिक पास गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए है और इसका इस्तेमाल करीब 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है.
नंबर 5- रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम बदले
Indian Railways ने टिकट रद्द करने के नियम अपडेट किए हैं. इसके तहत अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने टिकट कितनी जल्दी कैंसिल किया है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा. अगर आप 8 घंटे से कम समय में टिकट रद्द करते हैं, तो आपको कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा.
रिफंड इस तरह मिलेगा-
72 घंटे पहले: लगभग पूरा पैसा वापस (थोड़ा चार्ज कटेगा)
24 से 72 घंटे पहले: 25% किराया कटेगा
8 से 24 घंटे पहले: 50% किराया कटेगा
वहीं, एक अच्छी बात यह है कि ई-टिकट कैंसिल करने पर पैसा अपने आप अकाउंट में आ जाएगा, आपको अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल पाएंगे. यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बड़े शहरों में रहते हैं, जहां कई रेलवे स्टेशन होते हैं.
नंबर 6- पैन कार्ड के नए नियम
अब पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड काफी नहीं होगा. अभी तक लोग सिर्फ आधार कार्ड के जरिए PAN कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे. लेकिन 31 मार्च 2026 के बाद यह सुविधा खत्म हो जाएगी. 1 अप्रैल से आवेदन करते समय आपको जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हलफनामा जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे.
नंबर 7- क्रेडिट स्कोर अपडेट तेजी से होगा
Reserve Bank of India के नए नियम के अनुसार, अब बैंकों को हर हफ्ते लोन से जुड़ी जानकारी अपडेट करनी होगी. इससे आपका क्रेडिट स्कोर जल्दी अपडेट होगा.
नंबर 8- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स नियम
अगर आपने गोल्ड बॉन्ड शेयर बाजार से खरीदे हैं, तो अब उस पर 12.5% टैक्स लगेगा. हालांकि, RBI से सीधे खरीदे गए बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखने पर टैक्स छूट मिलती रहेगी.
नंबर 9- ATM ट्रांजैक्शन में बदलाव
अब ATM से सीमित फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, उसके बाद चार्ज देना होगा. जैसे- HDFC बैंक के एटीएम से पांच फ्री ट्रांजैक्शन के बाद UPI कैश विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये शुल्क लिया जाएगा.
नंबर 10- डिजिटल पेमेंट में बदलाव
इन सब से अलग अब डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा बढ़ेगी और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा. पहले कई बार सिर्फ OTP डालकर पेमेंट पूरा हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब हर ट्रांजैक्शन के लिए दो तरह की पहचान जरूरी होगी. जैसे- OTP के साथ PIN, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करना पड़ेगा. यानी अब पेमेंट में एक एक्स्ट्रा सुरक्षा लेयर जुड़ जाएगी.
यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे. इसलिए इन नियमों को पहले से समझ लेना जरूरी है, ताकि आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर तरीके से कर सकें.
खड़सरी चौराहे पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:स्कूटी चालक, बच्ची समेत तीन घायल; प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा
थाना कठेला समय माता क्षेत्र के खड़सरी चौराहे पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में स्कूटी चालक वसीक अहमद, उनकी छोटी बेटी और दूसरी बाइक पर सवार दो व्यक्ति घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डोकम निवासी वसीक अहमद अपनी छोटी बच्ची को जमोहना स्कूल छोड़ने जा रहे थे। वह अपनी लेन में सही दिशा में चल रहे थे। तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक ने, जो दो व्यक्तियों द्वारा चलाई जा रही थी, किसी अन्य वाहन को साइड देते समय गलत दिशा से आकर स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी पर बैठी बच्ची को भी चोटें आईं। दूसरी बाइक पर सवार दोनों व्यक्ति बढ़या रेहान के भट्टे पर काम करने वाले थे और इटवा की तरफ से लौट रहे थे। हादसे के बाद चौराहे के आसपास के लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने घायलों को उठाया और तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। बताया गया है कि सभी घायलों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं और एक बड़ा हादसा टल गया।
मुंबई मेट्रो- वर्ली, BKC और मुख्य मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले 3 किलोमीटर अंडरग्राउंड वॉकवे
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) खास जगहों और मेट्रो स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए अंडरग्राउंड पैदल चलने वालों के लिए सुरंगों का एक नेटवर्क बनाने की प्लानिंग कर रहा है। ये सुरंगें वर्ली प्रोमेनेड, नेहरू प्लेनेटेरियम और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में कई ऑफिस बिल्डिंग्स को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेंगी।(Aqua Line To Get 3-km Underground Walkways Connecting Worli, BKC and Key Metro Stations)
प्रस्तावित अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग 3 किलोमीटर लंबा
प्रस्तावित अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग 3 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें सबवे और वेस्टिब्यूल शामिल होंगे जो साइंस सेंटर और BKC मेट्रो स्टेशनों को पास की बिल्डिंग्स से जोड़ेंगे। एक्वा लाइन ने इस काम के लिए डिज़ाइन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स को बुलाया है।
मेट्रो स्टेशन से दो बड़ी पैदल चलने वालों के लिए सुरंगों की प्लानिंग
साइंस सेंटर मेट्रो स्टेशन से दो बड़ी पैदल चलने वालों के लिए सुरंगों की प्लानिंग है। एक नेहरू प्लेनेटेरियम से 500 मीटर लंबी अंडरग्राउंड कनेक्शन होगी। दूसरी 1.1 किलोमीटर की सुरंग होगी जो वर्ली प्रोमेनेड से जुड़ेगी। यह रास्ता महालक्ष्मी रेसकोर्स एरिया से होकर गुज़रेगा।
BKC मेट्रो स्टेशन से एक और अंडरग्राउंड कनेक्शन की प्लानिंग है। यह सुरंग लगभग 1.4 किलोमीटर लंबी होगी और स्टेशन को डायमंड बोर्स के पास बनने वाले रेल टर्मिनल से जोड़ेगी। MMRCL ने इन अंडरग्राउंड एक्सेस कनेक्शन के लिए एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनाई है।
साथ ही, मेट्रो स्टेशनों के नीचे के उन इलाकों में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट नियम लाए जा रहे हैं, जहाँ ज़्यादा पैसेंजर आ-जा सकते हैं। इन नियमों के तहत, डेवलपर्स अपने प्लॉट पर 100 परसेंट तक फ्लोर स्पेस इंडेक्स पा सकते हैं। बदले में, उन्हें एक प्रीमियम देना होगा, जो रेडी रेकनर रेट के आधे के बराबर होगा।
यह भी पढ़ें- सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों के लिए मुफ़्त दवा के डिब्बे
फरेन्दा में जंगली जानवर से गेहूं की फसल बर्बाद:किसानों ने सरकार से की मुआवजे की मांग, नहीं मिला स्थायी समाधान
महराजगंज के फरेन्दा क्षेत्र में जंगल किनारे बसे किसान जंगली जानवरों से अपनी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रात के समय नीलगाय, सांभर और जंगली सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर पक चुकी गेहूं की फसल को रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसान सीताराम चौधरी, रामाशंकर यादव, जितेंद्र कुमार और बैजनाथ ने बताया कि दिनभर की मेहनत के बावजूद रात में जानवर उनकी फसलें तबाह कर देते हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं की कटाई का समय है, लेकिन अब तक 30-40 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने खेतों के चारों ओर बाड़ लगाने का प्रयास किया है, लेकिन यह पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि जंगल से सटे खेतों में रातभर पहरा देना भी मुश्किल है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले साल भी यही समस्या थी, लेकिन वन विभाग या प्रशासन से कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। बैजनाथ ने ड्रोन निगरानी या इलेक्ट्रिक फेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू करने की मांग की है। वन विभाग के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि जंगली जानवरों की समस्या पूरे महराजगंज जिले में है। उन्होंने बताया कि विभाग ट्रैप कैमरे लगाने और जानवरों को भगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन जंगल के अधिक घनत्व के कारण यह एक चुनौती है। जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुद्दे पर जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी। स्थानीय किसान संगठनों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर फसल सुरक्षा के लिए तत्काल बाड़बंदी, प्रभावी निगरानी और नुकसान के लिए मुआवजे की व्यवस्था करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि फसल बीमा का लाभ मिलने के बावजूद बार-बार के नुकसान से उनका कर्ज बढ़ता जा रहा है। यह समस्या केवल फरेन्दा तक सीमित नहीं है, बल्कि महराजगंज के जंगल से सटे सभी इलाकों में व्याप्त है।
होर्मुज संकट के बीच ट्रम्प का सख्त बयान: अब अमेरिका नहीं करेगा किसी की मदद
वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रम्प ने वैश्विक ऊर्जा संकट और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब अमेरिका किसी भी देश की मदद के लिए आगे नहीं आएगा और देशों को अपने हालात खुद संभालने होंगे।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जो देश, खासकर ब्रिटेन, होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन नहीं ला पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि अगर देश चाहें तो “हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें”, क्योंकि अमेरिका अब उनकी मदद के लिए नहीं आएगा।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान काफी हद तक कमजोर हो चुका है और क्षेत्र में सबसे कठिन चरण पहले ही पार हो चुका है। उनके अनुसार अब बाकी देशों को अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर खुद पहल करनी होगी।
इस बयान को वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में अमेरिका की बदलती नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और तेल आपूर्ति की रणनीतियों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
कुदरहा क्षेत्र में दो दिन बिजली आपूर्ति बाधित:पुराने तारों को बदलने के कारण होगी कटौती
महसो उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कुदरहा फीडर क्षेत्र में आगामी दो दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती 1 और 2 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक की जाएगी। विद्युत विभाग के अनुसार, 220 KV गिदही के पास RDSS योजना के तहत पुराने तारों को बदलने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। इसी कार्य के चलते बिजली आपूर्ति रोकी जाएगी। अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि लाइन मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के इस कार्य के कारण कुदरहा फीडर सहित आसपास के इलाकों में बिजली बंद रहेगी। कार्य पूरा होते ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने पानी के भंडारण और मोबाइल चार्जिंग जैसे आवश्यक कार्य सुबह 10 बजे से पहले ही निपटा लें।
#बस्ती_न्यूज
#बस्ती न्यूज़ टुडे
विश्व हिन्दू परिषद ने निकाली रामोत्सव शोभायात्रा:गायत्री मंदिर से तुलसीपुर बाजार तक भक्तों ने की पुष्पवर्षा
श्रावस्ती जिले में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में रामोत्सव शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा नासिर गंज बाजार स्थित गायत्री मंदिर से शुरू होकर बदला चौराहा होते हुए तुलसीपुर बाजार तक गई। शोभायात्रा में नगर और क्षेत्र के सनातनी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने भगवान राम के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए आरती उतारी और पुष्पवर्षा की। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के अवसर पर निकली इस शोभायात्रा में भक्तगणों ने मर्यादापूर्वक श्री राम जन्म के बधाई गीत गाए। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री अजय जायसवाल, जिला कार्याध्यक्ष रघुपति पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष विश्वंभर श्रीवास्तव, जिला मंत्री देवेंद्र सिंह, जिला समरसता प्रमुख हरीश जायसवाल और बजरंग दल के जिला संयोजक राजेश सोनी सहित प्रखंड एवं खंड स्तर के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गुलहरिया-सिंगाही सड़क पूरी तरह टूटी:राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कत
गुलहरिया से सिंगाही तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग पर राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण काफी समय पहले हुआ था, लेकिन तब से लेकर आज तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। मरम्मत के अभाव में सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खराब सड़क के कारण मोटरसाइकिल और साइकिल सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अशोक कुमार वर्मा, अशोक कुमार मौर्या, शुभम सिंह, रोहित तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, राजन राज पाण्डेय, जिलेदार पाण्डेय, राजेश्वरी यादव, जवाहिर लाल यादव और प्रमोद यादव सहित कई ग्रामीणों और राहगीरों ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
बढ़ती हाउसिंग कीमतों को लेकर MHADA मुंबई लॉटरी की आलोचना
मुंबई में MHADA की नई हाउसिंग लॉटरी, जिसका मकसद सस्ते घर देना है, ने प्रॉपर्टी की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी की वजह से चिंता बढ़ा दी है। 2,640 फ्लैट्स में से, सिर्फ़ 145 ही आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के लिए रिज़र्व हैं, और इनकी कीमत भी लगभग INR 49 लाख या उससे ज़्यादा है।(MHADA Mumbai Lottery Faces Criticism Over Rising Housing Prices)
कीमतें लगभग 55 लाख से लेकर 2 करोड़ से ज़्यादा तक
कम इनकम ग्रुप (LIG) के लिए घर, जो पहले 25–50 लाख के बीच मिलते थे, अब बहुत महंगे हो गए हैं, जिनकी कीमतें लगभग 55 लाख से लेकर 2 करोड़ से ज़्यादा तक हैं। वर्ली जैसे प्राइम एरिया में, कुछ फ्लैट्स INR 2 करोड़ से ज़्यादा के हैं, जिससे वे उन लोगों की पहुँच से बहुत दूर हो जाते हैं जिन्हें घर चाहिए।
कीमतों में इस तेज़ बढ़ोतरी ने इनकम एलिजिबिलिटी और अफ़ोर्डेबिलिटी के बीच एक अंतर पैदा कर दिया है, क्योंकि कम महीने की इनकम वाले परिवारों को ऐसे महंगे घरों के लिए लोन लेने में मुश्किल हो सकती है।
बढ़ती कंस्ट्रक्शन लागत और कीमत तय करने की पॉलिसी
हालांकि MHADA का लक्ष्य कम आय वाले ग्रुप को बिना मुनाफ़े वाले घर देना है, लेकिन बढ़ती कंस्ट्रक्शन लागत और कीमत तय करने की पॉलिसी की वजह से ये फ्लैट मिलना मुश्किल हो गया है, जिससे डर है कि ये या तो बिना बिके रह जाएंगे या ज़्यादा आय वाले खरीदार इन्हें खरीद लेंगे।
यह भी पढ़ें- मेट्रो 9 का पहला फेज़ 3 अप्रैल से शुरू होगा
इटवा में उर्दू शायरी पर सेमिनार का आयोजन:राष्ट्रीय एकता व देशभक्ति विषय पर चार हस्तियां सम्मानित
सिद्धार्थनगर के इटवा स्थित जनता टेंट हाउस में मसीहा उर्दू सोसायटी ने “उर्दू शायरी में राष्ट्रीय एकता व देशभक्ति” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें चार विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित भी किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता इसरार अहमद फारूकी ने की। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, लखनऊ कैंपस के डॉ. मसीहुद्दीन खान ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. तौसीफ एच. खान उपस्थित रहे, जबकि अबुल हिशाम खान, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल कुद्दूस, शायर हिदायतुल्लाह शास्त्री और जमाल अहमद कुद्दूसी विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। वक्ताओं ने उर्दू शायरी में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. मसीहुद्दीन खान ने बताया कि उर्दू शायरी में एकता और देशप्रेम की भावना हमेशा प्रमुख रही है। अध्यक्ष इसरार अहमद फारूकी ने उर्दू भाषा के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। सेमिनार के दौरान चार विशिष्ट व्यक्तियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सामाजिक सेवा के लिए इसरार अहमद फारूकी, पत्रकारिता के लिए अब्दुल कुद्दूस, शिक्षा के क्षेत्र में अबुल हिशाम खान और सामाजिक सेवा के लिए अहमद खान को अवॉर्ड, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। शायर हिदायतुल्लाह शास्त्री और जमाल अहमद कुद्दूसी ने अपनी रचनाओं का पाठ कर साहित्यिक माहौल को और समृद्ध किया। अंत में, आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
AI की रेस में तेज भाग रहा भारत, फिर भी कर्मचारी परेशान, रिपोर्ट में खुलासा
भारत में कामकाज कर रहे लोगों को लेकर एक रिसर्च सामने आई है, जिसमें चिंताजनक नतीजे सामने आए हैं। एस सर्वे के अनुसार, देशभर में 86 प्रतिशत कर्मचारी खुद को पीड़ित और वर्कप्लेस पर संघर्षरत मानते हैं। 86 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उनके काम में बड़े बदलाव हो रहे हैं और यह दुनिया से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के असार, 89 प्रतिशत कर्मचारी नई स्किल सीखने में लगे हुए हैं, ताकि बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकें।
लगातार बदल रहे कामकाज के तरीकों के बीच नई स्किल्स सीखने का दबाव कर्मचारी भी महसूस कर रहे हैं। कर्मचारी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एजुकेश टेस्टिंग सर्विस की ह्यूमैन प्रोग्रेस रिपोर्ट के आधार पर बताया है कि भारत में वर्कप्लेस पर बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। इन बदलावों के कारण कर्मचारी परेशान भी हैं और खुद को ढालने की कोशिश भी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: देशभर में बढ़ीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें, दिल्ली में 195.50 रुपये का इजाफा
AI का दिख रहा असर
इस रिपोर्ट के अुसार, अब नौकरी सिर्फ काम करने से नहीं बची रहेगी बल्कि जरूरत के हिसाब से नई स्किल्स को सीखने से बचेगी। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम करने के तरीके और भूमिकाओं को तेजी से बदल रहा है वैसी ही भारतीय कर्मचारी नई स्किल्स सीखने पर ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 89 प्रतिशत लोग नई स्किल्स को सीखने के लिए तैयार हैं या कोशिश कर रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर क्या स्थिति?
वैश्विक स्तर पर भारत से कम कर्मचारियों ने वर्कप्लेस पर बदलाव का सामना करने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 67 प्रतिशत कर्मचारी वर्कप्लेस पर कम से कम एक बड़े बदलाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि, भारत उन देशों की लिस्ट में शामलि है जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां लगभर 98 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए कम से कम एक बाधा का सामना करने की बात कही है। इससे साफ है कि भारत में कर्मचारियों पर लगातार नई स्किल सीखने का दबाव बना हुआ है।
10 में से 9 लोग सीख रहे नई स्किल
रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही भारत में लोगों पर नई स्किल सीखने का दबाव हो लेकिन इसे बावजूद भारत ने मजबूती भी दिखाई है। भारत का ड्यूमैन प्रोग्रेस इंडेक्स स्कोर 114.4 रहा, जो कि वैश्विक औसत (96.7) से काफी ज्यादा है। इस रिपोर्ट में पता चलता है कि भारत के कर्मचारी खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 10 में से 9 लोग कह रहे हैं कि वे नई स्किल सीख रहे हैं, जबकि 90 प्रतिशत लोगों का मानना है कि बदलती जरूरतों के समय में सर्टिफिकेट बहुत जरूरी हो गए हैं।
AI की वजह से बदलाव
ETS के CEO अमित सेवक ने कहा, ‘बदलती दुनिया में कर्मचारी तेजी से खुद को ढाल रहे हैं। नई स्किल्स सीखना और बदलावों को अपनाना भी अब एक जरूरी स्किल बनती जा रही है।’ उन्होंने इस बदलाव के पीछे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को माना है। भारत के कर्मचारी मानते हैं कि उनके 42 प्रतिशत से ज्यादा काम AI टूल्स से जुड़े हुए हैं और यह वैश्विक औसत से ज्यादा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 78 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे AI का इस्तेमाल मजबूरी में कर रहे हैं, क्योंकि नौकरी बचाने के लिए यह जरूरी हो गया है। वैश्विक स्तर पर, रिपोर्ट में स्किल गैप बढ़ने की बात कही गई है।
यह भी पढ़ें: आफत लेकर आया अप्रैल! 6 अप्रैल तक बारिश और तूफान करेंगे परेशान, अलर्ट जारी
AI बना मानसिक चिंता का कारण
AI स्किल की जरूरत और असली जानकारी के बीच 19 प्वाइंट का अंतर है और करीब 88 प्रतिशत कर्मचारी चाहते हैं कि कंपनियां उन्हें नई स्किल्स सीखने में मदद करें। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारियों को कंपनियों की ओर से यह मदद नहीं मिल पाती। इस कारण लोगों की मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और उ्नहें चिंता हो रही है। एक और समस्या यह है कि हर किसी को स्किल सर्टिफिकेट नहीं मिल रहे हैं। दुनिया में 73 प्रतिशत लोग सर्टिफिकेट चाहते हैं लेकिन सिर्फ 45 प्रतिशत लोगों को ही यह मिल पाता है, जिससे खर्च की दिक्कत सामने आती है।

























