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बस्ती में कई पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म:घंटों लाइन में लग रहे लोग, कई जगह रात से ही खत्म हो गया स्टॉक


बस्ती जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत सामने आई है। शहर के कई पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं है, जबकि जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल है। लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में मालवीय रोड स्थित सरस्वती पेट्रोल पंप पूरी तरह खाली पाया गया। यहां पेट्रोल और डीजल दोनों समाप्त हो चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को निराश होकर लौटना पड़ा। पंप प्रबंधक जगदीश राव ने बताया कि बुधवार रात को ही स्टॉक खत्म हो गया था। नए टैंकर के लिए ऑर्डर दे दिया गया है और उसके पहुंचते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी बाग स्थित आरकेबीके पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने के लिए भारी भीड़ देखी गई। इस पंप पर डीजल पूरी तरह समाप्त हो चुका है और केवल पेट्रोल की आपूर्ति जारी है। पंप प्रबंधक भानु प्रताप पांडे ने बताया कि हाल ही में टैंकर आया था, लेकिन अत्यधिक मांग के कारण डीजल जल्द खत्म हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि स्टॉक का आकलन अब घंटों के हिसाब से किया जा रहा है, न कि दिनों के हिसाब से। इसके अतिरिक्त, मालवीय रोड पर स्थित नवयुग पेट्रोल पंप भी पूरी तरह से ड्राई हो गया है, ग्रामीण क्षेत्र के भी पंप ज्यादातर ड्राई हो गए हैं। लगातार बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण जिले में स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को रोका

News Desk

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी ईरान और अमेरिका-इजराइल सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के कराची की ओर जा रहे एक जहाज को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने से रोक दिया।
आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने बताया कि ‘सेलेन’ नामक इस जहाज के पास होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की आवश्यक अनुमति नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्रीय संघर्ष में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत कर हालात को शांत करने के प्रयास किए थे। इसके बावजूद समुद्री गतिविधियों पर ईरान का कड़ा रुख इस बात का संकेत है कि वह अपनी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत के लिए राहत की खबर यह है कि अब तक उसके पांच एलपीजी और तेल टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाजों में ‘जग वसंत’, ‘पाइन गैस’, ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ शामिल हैं। यह घटनाक्रम भारत के ऊर्जा आपूर्ति तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है।

मिशन शक्ति टीम एवं एंटी रोमियो टीम थाना गैडास बुजुर्ग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गैंडास बुजुर्ग में *बच्चियों द्वारा बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ शीर्षक पर आधारित लघु नाटक किया गया तथा खो -खो की खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराकर जागरुक किया गया।*

 

 

 

*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विकास कुमार* के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी उतरौला श्री राघवेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष श्री राजीव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, गैडास बुजुर्ग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा *“बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ”* विषय पर लघु नाटक प्रस्तुत किया गया तथा खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम प्रभारी उ0नि0 रविन्द्र नाथ यादव, का0 अनिल कुमार एवं महिला आरक्षी गरिमा सिंह द्वारा छात्राओं को महिला सुरक्षा, महिला हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न एवं साइबर अपराधों (OTP शेयरिंग, फ्रॉड कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी आदि) से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर—1090, 112, 102/108, 181, 1930/155260 एवं 1076—की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विद्यालय की वार्डन स्वाति पांडे एवं रेखा देवी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।

 

*बलरामपुर पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।*

 

 

अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा भुर्जी समाज देवीपाटन मंदिर पैदल यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत लिया गया जायजा

 

 

*अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विशाल पाण्डेय* द्वारा भुर्जी समाज देवीपाटन मंदिर पैदल यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सिसई घाट पर उनके रूकने व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

इस दौरान महोदय द्वारा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल की सतर्कता का अवलोकन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ड्यूटी में लगे समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए गए।

 

इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्रीमती ज्योति श्री, प्रभारी निरीक्षक थाना को0 देहात श्री गिरिजेश तिवारी व अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

सीनेट में टकराव, ट्रंप से जुड़ी जांच को रिपब्लिकन नेताओं ने मॉडर्न वॉटरगेट करार दिया

News Desk

वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी जांच को लेकर राजनीतिक टकराव हो गया। रिपब्लिकन नेताओं ने इस जांच को मॉडर्न वॉटरगेट करार देते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट की ज्यूडिशियरी सबकमेटी की एक बैठक के दौरान टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जस्टिस डिपार्टमेंट ने बेहद व्यापक जांच की अनुमति दी थी जिसमें करीब एक लाख निजी संचार तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि इस जांच का असर एक दर्जन से ज्यादा सीनेटरों और हजारों लोगों की निजी जिंदगी पर पड़ा। क्रूज ने कहा कि यह एक मॉडर्न वॉटरगेट है और दावा किया कि यह पहले के घोटालों से भी आगे है, क्योंकि इसे सरकारी शक्तियों के तहत पूरी तरह अधिकृत और लागू किया गया।
रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया कि इस जांच के तहत करीब 200 कानूनी नोटिस जारी किए गए, जिनमें 400 से ज्यादा रिपब्लिकन समर्थित व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाया गया। इनमें राजनीतिक समूह, डोनर, वकील और ट्रंप से जुड़े कैंपेन और अन्य संगठन शामिल बताए गए।
सीनेटर माइक ली ने इसे चौंकाने वाली घटना बताया, जबकि जॉन केनेडी ने सवाल उठाया कि टेलीकॉम कंपनियों ने इन आदेशों का पालन क्यों किया। क्रूज ने आरोप लगाया कि एफबीआई ने फोन टोल रिकॉर्ड्स हासिल किए जिनमें कई प्रतिनिधियों के डेटा भी शामिल थे। उनके मुताबिक, सीनेट के करीब 20 फीसदी रिपब्लिकन सदस्यों का डेटा इकट्ठा किया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व दखल बताया।
वहीं डेमोक्रेट्स ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। रोड आइलैंड के सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा कि फोन रिकॉर्ड के लिए सबपोएना जारी करना किसी भी जांच का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि लगभग हर जांच में टोल रिकॉर्ड्स के लिए सबपोएना लिया जाता है।
व्हाइटहाउस ने यह भी कहा कि काश पटेल और सुसी वाइल्स जैसे लोग जांच के लिए प्रासंगिक थे। काश पटेल खुद फैक्ट विटनेस बन चुके थे, जबकि वाइल्स का जिक्र ट्रंप से जुड़े क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट केस में भी हुआ था। डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन से मांग की कि वे स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ को गवाही के लिए बुलाएं। व्हाइटहाउस ने कहा उन्हें क्यों नहीं बुलाते? सीधे उनसे ही सुन लेते हैं।
एक अन्य डेमोक्रेटिक सीनेटर ने इस सुनवाई को बेबुनियाद राजनीतिक अभियान बताया, जबकि हवाई की सीनेटर मेजी हिरोनो ने कहा कि रिपब्लिकन पुराने मुद्दों को फिर से उछाल रहे हैं। इस बीच, गवाह के तौर पर पेश हुए पूर्व एफबीआई अधिकारी क्रिस्टोफर ओ’लेरी ने एजेंसी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई की जांच तथ्यों, खुफिया जानकारी और सबूतों पर आधारित होती है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा पर। ओ’लेरी ने यह भी चेतावनी दी कि हाल के समय में एफबीआई कर्मचारियों की बर्खास्तगी से राष्ट्रीय सुरक्षा, खासकर काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस को पीढ़ीगत नुकसान पहुंचा है।

जंग रुकेगी या नहीं, इस सवाल का सबसे बड़ा रहस्य है शर्तों में

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ईरान|खाडी युद्ध पर लिखने के लिए कुछ भी नया नही है सिवाय इसके कि जंग कब रुकेगी और किसकी शर्तों पर रुकेगी? अमेरिका एकतरफा पांच दिवसीय युद्ध विराम का ऐलान कर चुका है जबकि ईरान ने सशर्त युद्ध विराम की बात कही है.युद्ध की वजह से शिकार और शिकारी ही नहीं अडोसी-पडौसी भी हलाककान हैं|

इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ छेडी गई जंग खरामा-खरामा एक महीने की होने वाली है. 27 दिन तो पूरे हो ही गए हैं, किंतु युद्ध समाप्त होना तो दूर अभी इसमें विराम भी लगता नहीं दिखाई दे रहा.दोनों ओर से जंग जारी है.खाडी में जंग कोई नयी बात नही है, लेकिन ये पहली बार हुआ है कि किसी मुल्क ने पारंपरिक हथियारों के साथ ही भूगोल का इस्तेमाल भी हथियार के रूप में किया है. होर्मुज नाम के इस हथियार ने हमलावर मुल्कों के साथ ही हमलावरों के शुभचिंतक तमाम मुल्कों की नींद हराम कर दी है|

ईरान को सबक सिखाने के लिए किए गए हमले से पहले हमलावरों को ये उम्मीद न थी कि ईरान इतने दिन युद्ध में टिक पाएगा. ईरान ने हमलावरैं के तमाम अनुमान गलत साबित कर दिए और युद्ध को चौथे सप्ताह तक खींच दिया. हमलावरों को यकीन था कि ईरान अयातुलल्लाह खोमेनी की हत्या के बाद पस्त होकर समर्पण कर देगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. ईरान में सत्ता का परिवर्तन भी नही हुआ और ईरान घुटनों के बल बैठा भी नहीं. ईरान लगातार लड रह है|

ये पहली बार हुआ है कि हमलावरों ने अपनी ओर से युद्धविराम का ऐलान किया है अन्यथा युद्धविराम का सफेद परचम तो हमेशा पीडित मुल्क की ओर से दिखाया जाता है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम की पेशकश के जबाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ‘कई दिनों से अमेरिका ने अलग-अलग मध्यस्थों के ज़रिए संदेश भेजना शुरू कर दिया है.’अराग़ची ने ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है.उनका कहना है कि ये संदेश “मित्रवत देशों के ज़रिए भेजे गए”, और ईरान ने अपनी “स्थिति बताई है और चेतावनी देकर” इसका जवाब दिया है|

अराग़ची ने कहा, “यह न तो बातचीत है, न मोल-भाव और न ही ऐसा कुछ है.”उन्होंने कहा, “ईरान की नीति अब भी अपनी सुरक्षा करने की है और ‘’अभी बातचीत का कोई इरादा नहीं’ है.”अराग़ची ने आगे कहा, “यह इसराइल की लड़ाई है और अमेरिका के साथ ही इस इलाक़े के लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं|”

सब जानते हैं कि हर जंग का नतीजा विनास और बाद में युद्धविराम होता है. ब देखना ये है कि युद्धवाराम किस की शर्तों पर होता है. अमेरिका ने एक तरफ युद्ध विराम की पेशकश की है और दूसरी तरफ 7 हजार अतिरिक्त सैनिक भी ईरान के आसपास उतार दिए हैं, इससे ईरान को अमेरिका की पेशकश संदिग्ध लग रही है. अमेरिका बातचीत के लिए जिन मुल्कों को मध्यस्थ बनाना चाहता है उनकी कोई हैसियत नहीं है.बिना पंचों के बातचीत कैसे शुरू होगी?

इस युद्ध में हालांकि अभी तक परमाणु बम का इस्तेमाल नही हुआ है लेकिन खाडी का तेल ही आधी दुनिया का तेल निकाले दे रहा है. 146 करोड की आबादी के भारत समेत तमाम देशों का तेल निकलने लगा है.नौबत ऊर्जा आपातकाल लागू होने तक की आ गई है.चीन और रूस इस जंग में फायदे में हैं वे मूक दर्शक भी हैं और नहीं भी. दोनों बीच -बीच में घुडकी देते रहते हैं

बहरहाल दुनिया की नजर है इस खाडी जंग पर. ये जंग भी वियतनाम और अफगानिस्तान की जंग की तरह समाप्त होगी. खाडी की जंग रूस और यूक्रेन की जंग नहीं है जो चार साल तक खिंच जाए. यदि खाडी जंग चार महिने भी खिंच गई तो आधी दुनिया का अर्थशास्त्र चौपट हो जाएगा|

CGTN सर्वे: नेटिजनों ने चीन के औद्योगिक नवाचार को सराहा

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चीन। वर्ष 2026 चोंगुक्वानछुन मंच का वार्षिक सम्मेलन बुधवार को पेइचिंग में उद्घाटित हुआ। यह मंच चीन की वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति की स्थिति को जानने की अहम खिड़की माना जाता है।चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा वैश्विक नेटिजनों के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि सृजन से केंद्रित वैज्ञानिक व तकनीकी स्पर्द्धा चतुर्मुखी राष्ट्रीय शक्ति की स्पर्द्धा का फोकस है।वर्ष 2007 में स्थापित इस मंच का शाश्वत मुख्य विषय सृजन और विकास है ।इस साल के सम्मेलन में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के करीब एक हजार अतिथि इस में भाग ले रहे हैं ।सीजीटीएन के इस सर्वे के परिणामों से जाहिर है कि 84.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का विचार है कि चोंगक्वानछुन मंच विश्व के वैज्ञानिकों ,उद्यमियों और निवेशकों के लिए आदान-प्रदान का मंच है। 89.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि यह मंच न सिर्फ चीनी वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को दिखाने का मंच है ,बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक व तकनीकी शासन में चीन की भागीदारी की अहम खिड़की है। अगले पाँच वर्षों में चीन के पूरे समाज के अनुसंधान और विकास का खर्च प्रति साल 7 प्रतिशत से बढ़ जाएगा ।वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार चीनी आधुनिकीकरण के केंद्रीय स्थान पर रखा गया है ।इस सर्वे में 92.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने विश्वास जताया कि चीन संसाधन एकत्र कर महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तकनीकी चुनौतियों को दूर कर सकता है। 84.1 प्रतिशत लोगों का विचार है कि चीन की विशाल आबादी और विशाल बाजार वैज्ञानिक व तकनीकी उपलब्धियों को वास्तविक प्रयोग में लाने के लिए स्थिति तैयार करेगा ।इसके अलावा इस सर्वे में 84.9 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन वैज्ञानिक व तकनीकी नवाचार में जिस तरह के खुलेपन,सहयोग और साझी जीत का रुख अपनाता है ,वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अधिक मौके प्रदान करेगा।

खत्म हो जाएगी गैस की किल्लत? होर्मुज से गुजरेंगे भारत के जहाज, ईरान ने किया एलान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि तेहरान ने भारत, पाकिस्तान, इराक, चीन और रूस जैसे दोस्त देशों को होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। ईरान के इस फैसले से भारत में चल रही एलपीजी और क्रूड ऑयल की किल्लत कम होगी। साथ ही विश्व के अन्य देशों को भी इस संकट से राहत मिलेगी।

अमेरिका और इजरायल दोनों मिलकर ईरान पर हमले कर रहे हैं, ऐसे में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अपने कब्जे वाले होर्मुज स्ट्रेट का रणनीति इस्तेमाल कर रहा है।

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ईरान और भी देशों को दी रियायत

मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने एक पोस्ट में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से कहा गया, ‘हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे दोस्त देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी है।’

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से दुनिया भर में एनर्जी संकट पैदा होने का खतरा है। दरअसल, कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं। होर्मुज के बाद होने से यह खतरा और भी बड़ा होता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का मुद्दा बन गया है इसलिए तेहरान ने युद्धविराम की शर्तों में होर्मुज का भी जिक्र किया है।

युद्ध के बीच भारतीय जहाज सुरक्षित-सरकार

भारत के शिपिंग मंत्रालय ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि एनर्जी सप्लाई में रुकावटों को लेकर दुनिया भर में फैली चिंताओं के बीच खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। मंत्रालयों के संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में बोलते हुए शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने कहा कि भारतीय झंडे वाले दो LPG कैरियर, पाइन गैस और जग वसंत, पहले ही होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं और भारत के रास्ते में हैं।

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राजेश सिन्हा ने कहा, ‘गल्फ क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी समुद्री घटना की खबर नहीं है। कल देर शाम, दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर, पाइन गैस और जग वसंत, दोनों में LPG भरी हुई है। दोनों जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।’

होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की मांग

इस बीच दुनिया भर में फ्यूल की कीमतें बढ़ने के कारण संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया भर की संस्थाओं ने होर्मुज को खोलने की मांग की हैं। संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और फर्टिलाइजर की आवाजाही रुक रही है। उन्होंने दुनिया भर में बुआई के मौसम में फर्टिलाइजर की कमी को लेकर चिंता जाहिर की।

ईरान से जंग खत्म करने बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएंगे अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस

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वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत हो सकती है, लेकिन शांति वार्ता से पहले जो शर्तें रखी गई हैं उन्हें देखने से पता चलता है कि शायद इन शर्तों को मानना अमेरिका के लिए नामुमकिन होगा। अमेरिकी शर्तें भी ऐसी ही हैं जो शायद ही तेहरान कबूल करे। इसीलिए ट्रंप जो युद्ध से हर हाल में भागना चाह रहे हैं क्या वह तेहरान की इन शर्तों को मानेंगे ये बड़ा सवाल है। अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता पर बात करने पाकिस्तान जा रहे हैं और उससे पहले ईरान ने अपनी शर्तें बता दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत चल रही है। हालांकि पहले तेहरान ने उनके दावों का मजाक उड़ाया था लेकिन बाद में उसने माना कि उसे कुछ मित्र देशों से संदेश मिले हैं जिनमें युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की अमेरिकी गुजारिश का जिक्र है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिसमें सूत्रों का हवाला दिया गया है, ईरान के रुख का मूल संदेश यह है कि सिर्फ युद्ध खत्म करना ही काफी नहीं होगा। यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो उसकी मुख्य मांगों में कई मांगे ऐसी हैं जिसपर शायद ही सहमति बन सकती है।
बता दें ईरान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका के सामने जो प्रमुख मांगे रखी हैं उनमें फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार उसे मिले। ठीक वैसे ही जैसे स्वेज नहर में होता है। युद्ध के दौरान अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई अमेरिका और इजराइल करें। ईरान ने मांग की है कि उसके ऊपर लगाए गये सभी प्रतिबंध हटाए जाएं। भविष्य में ईरान के खिलाफ कोई भी युद्ध थोपा नहीं जाए। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह बगैर किसी बातचीत के अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण जारी रखेगा और ईरानी मिसाइलों के लिए कोई रेंज नहीं होगी। लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ होने वाले इजराइली हमलों को रोका जाए।
ईरान की इन मांगों को मानना अमेरिका और इजराइल के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन लग रहा है। जैसे आर्थिक मुआवजे को ही मान लें। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई आंकड़ा नहीं रखा है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुआवजे की ये राशि 500 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकती है। इतना ज्यादा मुआवजा कौन देगा? इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज। ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के पीछे ट्रंप ने जिन वजहों के बारे में बताया था उनमें से एक उसकी बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा भी था यानि जिस वजह से अमेरिका ने युद्ध शुरू किया क्या उस वजह को ही युद्धविराम की शर्तों से हटाकर वह युद्ध खत्म करेगा?

बांग्लादेश में देखते ही देखते नदी में जा गिरी बस, 23 लोगों की मौत, कई लापता

बांग्लादेश में एक बड़े बस हादसे की जानकारी सामने आई है। बुधवार को कम से कम 40 लोगों को ले जा रही एक बस नाव पर चढ़ने की कोशिश करते समय पद्मा नदी में गिर गई। इस हादसे में अभी तक 23 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। कई यात्रियों के लापता होने की आशंका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना दक्षिण-पश्चिमी राजबारी में दौलाडिया टर्मिनल पर शाम लगभग 5 बजकर 15 मिनट पर हुई और बस पद्मा नदी में गिर गई। इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह बस नदी में गिर गई।

जानकारी के मुताबिक, बस सवार लोग ईद की छुट्टियां मनाकर ढाका वापस लौट रहे थे। उसी दौरान ये दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे के समय वहां पर अन्य लोग भी मौजूद थे जिन्होंने इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी और उसके बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। कई लोग अब तक लापता बताए जा रहे हैं। बचाव कर्मी लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटें हैं और उन्हें आशंका है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। घटनास्थल पर फायर सर्विस, नेवी और पुलिस की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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6 घंटे बाद निकाली बस

इस हादसे के करीब 6 घंटे बाद रेस्क्यू शिप हमजा की मदद से डूबी हुई बस को नदी से बाहर निकाला गया। बांग्लादेश के मशहूर अखबार ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, रात के करीब सवा 11 बजे बस का कुछ हिस्सा दिखाई दिया और साढे 11 बजे तक क्रेन के जरिए पूरी बस को बाहर खींच लिया गया। इस दौरान नदी के किनारे काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि 23 शव बरामद किए जा चुके हैं। रात होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका गया था, जिसे सुबह होते ही फिर से शुरू किया गया।

तैरकर निकले यात्री

इस हादसे में कुछ यात्रियों ने नदी में तैरकर अपनी जान बचाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में तैरकर अपनी जान बचाने वाले एक यात्री ने बताया कि वह तो किसी तरह तैरकर नदी के किनारे आ गया लेकिन उसकी पत्नी और बच्चे उसकी आंखों के सामने पानी में डूब गए। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि इस हादसे में वह तो सुरक्षित बच गया लेकिन उसका परिवार अभी लापता है।

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लापता लोगों की तलाश जारी

इस हादसे में कुछ लोगों की जान चली गई और उनके शव बरामद कर लिए गए तो कुछ किसी तरह से अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। हालांकि, अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि अंधेरे के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कत आई लेकिन नेवी और गोताखोरों की टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। प्रशासन सर्च ऑपरेशन को और ज्यादा तेज कर रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

मोबाइल विवाद बना हत्याकांड, पति ने पत्नी के सिर पर मारी लोहे की रॉड

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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में चौंकाने वाली वारदात हुई है। यहां के बीजपुर क्षेत्र के महुआ वारी सीरसोती में मंगलवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने भयावह रूप ले लिया। आरोप है कि कन्हैया जाटव ने अपनी पत्नी सुमन जाटव के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। इसके बाद सुमन के सिर तेजी से खून बहने लगा और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बता दें कि ये घटना मंगलवार रात लगभग 12 बजे की है, जब मोबाइल चलाने को लेकर कन्हैया और सुमन के बीच कहासुनी हुई। इस हमले में सुमन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद परिजनों की सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची और घायल को एनटीपीसी धन्वंतरी अस्पताल में ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान रात लगभग डेढ़ बजे डॉक्टरों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि मृतका सुमन अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। वह 2 बेटे और 2 बेटियों की मां थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी पति एनटीपीसी बीजपुर में एक निजी कंपनी में कारपेंटर का काम करता है। मामले में आगे की जांच जारी है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि दोषी से पूछताछ की गई है। हमारी टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।

सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि ग्राम महुआ बारी अंतर्गत थाना बीजपुर में एक पति-पत्नी के बीच में विवाद हो गया। इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए पीआरवी जब मौके पहुंची तो उन्हें यह पता चला कि कन्हैया जो म्योरपुर थाना अंतर्गत रहता है। उसका किसी बात को लेकर पत्नी सुमन से विवाद हो गया था। इसके बाद, उसने लोहे की रॉड को अपनी पत्नी के सिर पर मार दिया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ईरानी फिल्ममेकर कियारोस्तामी के घर पर बमबारी

News Desk

तेहरान। ईरान के मशहूर दिवंगत फिल्म निर्देशक अब्बास कियारोस्तामी के घर पर हालिया बमबारी में नुकसान पहुंचने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह हमला शिराज में हुआ, जहां अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
कियारोस्तामी के बेटे अहमद कियारोस्तामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार रात हुई बमबारी में उनके पिता के घर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने लिखा कि उनकी मां ने उन्हें फोन कर अपनी सलामती की जानकारी दी, लेकिन बाद में पता चला कि उनके पिता का घर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना पर ईरान का विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या कियारोस्तामी का घर भी अमेरिका के लिए किसी “खतरे” का हिस्सा था? उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, सभ्यता और पहचान पर भी हमला है।
उल्लेखनीय है कि अब्बास कियारोस्तामी ईरान के सबसे प्रतिष्ठित फिल्मकारों में गिने जाते थे। उनकी फिल्म टेस्ट ऑफ चेरी को 1997 में कान्स फिल्म समारोह में प्रतिष्ठित पाल्मे डीओर पुरस्कार मिला था। वहीं उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म सर्टिफाइड कॉपी में फ्रांसीसी अभिनेत्री जूलियट बिनोश ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कियारोस्तामी का 2016 में निधन हो गया था, लेकिन उनकी फिल्मों को आज भी विश्व सिनेमा में खास स्थान प्राप्त है।
इस बीच, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने को लेकर सकारात्मक बातचीत जारी है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस पर संदेह जताया है।
मंगलवार को भी हमले जारी रहे, जिसमें ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्रों को निशाना बनाया। फारस की खाड़ी के देशों से भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। लगातार बढ़ते इस तनाव ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तर सिक्किम में सड़क बंद, 200 पर्यटक फंसे

News Desk

नई दिल्ली। सिक्किम के उत्तरी हिस्से में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे ज्यादा असर चुंगथांग क्षेत्र में देखा गया, जहां प्रमुख सड़कों के बंद होने से आवागमन ठप हो गया है। भूस्खलन के कारण इलाके में करीब 200 पर्यटक फंस गए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

मंगन जिले के कलेक्टर अनंत जैन ने बताया कि मंगलवार रात चुंगथांग-लाचेन मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसके चलते लाचेन जा रहे पर्यटक बीच रास्ते में ही रुक गए। प्रशासन ने फंसे हुए पर्यटकों के लिए तुरंत राहत की व्यवस्था की। उन्हें रात भर के लिए आईटीबीपी कैंप और गुरुद्वारे में ठहराया गया, जहां भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़क बहाली का काम जारी है। मौसम को देखते हुए हालात की समीक्षा की जाएगी और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

इस बीच, कुछ पर्यटक गंगटोक लौट गए हैं और उन्होंने अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, लाचुंग मार्ग, जो मंगलवार रात बंद हो गया था, अब साफ कर दिया गया है और वहां से पर्यटकों को सुरक्षित गंगटोक भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि लाचेन मार्ग को हाल ही में 9 मार्च को ही दोबारा खोला गया था, जो 2023 में आई विनाशकारी हिमनद झील विस्फोट से आई बाढ़ के बाद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, भारी बर्फबारी के चलते प्रमुख पर्यटन स्थल त्सोमगो झील और नाथूला दर्रा फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद हैं।

वंदे भारत ट्रेन के खाने में मिले जिंदा कीड़े, अफसर बोला केसर है, अब लगा जुर्माना

भारतीय रेलवे ने इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) वंदे भारत एक्सप्रेस में खाना परोसने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। रेलवे ने यह कार्रवाई यात्रियों की शिकायत पर की है जिसमें खाने में जिंदा कीड़े होने का दावा किया गया था। रेलवे ने अब आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, वहीं संबंधित वेंडर यानी कैटरिंग कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उस वेंडर का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म करने का आदेश दे दिया है।

रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा, ’15 मार्च को ट्रेन संख्या 21896 (पटना – टाटानगर वंदे भारत एक्स) में पाई गई अनियमितता के संबंध में यात्री की ओर से भोजन की गुणवत्ता पर की गई शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना और कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन के आदेश दिए हैं।’

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क्या है पूरा मामला?

पटना से टाटानगर के बीच चलने वाली ट्रेन में यात्रियों को परोसे गए खाने की क्वालिटी को लेकर 15 मार्च को एक शिकायत सामने आई थी। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें जो खाना दिया गया, उसमें कीड़े पाए गए। घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और रेलवे सवालों के घेरे में आ गया। इस मामले में जिस यात्री ने शिकायत की थी उन्होंने बताया कि डिनर में परोसी गई दाल और दही में जीवित कीड़े नजर आए. पहले तो इस बात को नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब यात्रियों ने खुद अपनी आंखों से प्लेट में कीड़े चलते हुए देखे, तो उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया।

11 दिन पुराना खाना परोसा

वीडियो में देखा जा सकता है कि जब यात्रियों ने पैंट्री अटेंडेंट से जवाब मांगा तो उसने स्वीकार किया कि दही के कप 4 मार्च को बने थे और उन्हें 15 मार्च को परोसा जा रहा था। जब यात्रियों ने एक्सपायरी डेट को लेकर सवाल किया तो कर्मचारी ने लापरवाही भरा जवाब देते हुए कहा कि यह एक्सपायरी नहीं, मैन्युफैक्चरिंग डेट है। यात्रियों का गुस्सा इस बात पर था कि परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। आरोप है कि जब यात्रियों ने पैंट्री मैनेजर से शिकायत की, तो उसने शुरुआत में इसे केसर बताकर टालने की कोशिश की लेकिन बाद में लिखित शिकायत देने की बात कहने लगा।

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जांच में क्या सामने आया?

इस मामले में विवाद बढ़ा तो रेलवे ने जांच शुरू कर दी। रेलवे की जांच में पाया गया कि खाने की क्वालिटी निर्धारित मानकों के हिसाब से नहीं थी। इसके बाद रेलने ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी और वेंडर दोनों पर जुर्माना लगाया है। रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। रेलने ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केमिकल-स्टील और एल्युमिनियम पर असर, ईरान युद्ध से कितना परेशान हो रहा भारत?

पश्चिम एशिया में तेजी से गहराता युद्ध संकट भारत में भी मुश्किलें पैदा कर रहा है। देश में गैस सिलेंडर की किल्लतों के बीच कई और सेक्टर्स पर इसके दुष्प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के उर्जा संयंत्रों पर हमले कर रहे हैं। जवाब में ईरान खाड़ी के लगभग आधा दर्जन देशों के उर्जा संयंत्रों के ऊपर हमला कर रहा है। इसके असर दुनिया के साथ ही भारत के स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल और यहां तक ​​कि शराब निर्माताओं को परेशानी आ रही है।

भारतीय निर्माताओं को युद्ध की वजह से अटके हुए शिपमेंट, गैस की कमी और पेमेंट की दिक्कतों की वजह से ऑपरेशनल रुकावटे आ रही हैं। इनमें से ज्यादातर सेक्टर्स होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। होर्मुज से बड़े पैमाने पर कच्चा माल भारत पर पहुंचता था।

अलग-अलग क्षेत्रों में अटके कार्गो

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण सेक्टर सप्लाई चेन के समुद्री रास्तों में अलग-अलग क्षेत्रों पर कार्गो के अटके होने की वजह से अनिश्चितता से जूझ रहा है। इसी की वजह से भारत निर्माता की ऑपरेशन की लागत बढ़ सकती है और प्रोडक्शन के घंटे भी कम हो सकते हैं।

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सरकार कर रही है उपाय

हालांकि, केंद्र सरकार ने हर महीने औसत कमर्शियल एलपीजी जरूरत का 20 फीसदी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए देने का फैसला किया है। यह काम राज्य सरकारों के साथ समन्वय करके से किया जाएगा। इसके अलावा, घरेलू उपभोक्ताओं के बीच पैनिक बुकिंग के बीच मांग को स्थिर करने के लिए ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में घरों द्वारा सिलेंडर बुकिंग के बीच न्यूनतम गैप को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, शहरी घरों के लिए यह 25 दिन ही रहेगा।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में कहा कि एलपीजी और गैस चैनलों पर दबाव कम करने के लिए दूसरे फ्यूल ऑप्शन एक्टिवेट किए जा रहे हैं। केरोसीन तेल रिटेल आउटलेट और PDS चैनलों के जरिए लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए फ्यूल ऑयल उपलब्ध कराया जा रहा है।

ज्यादा से ज्यादा केरोसीन देने की बात

वहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक बयान में कहा कि एक लाख किलोलीटर के स्टैंडर्ड तिमाही एलोकेशन के अलावा, सरकार ने योग्य लोगों को बांटने के लिए राज्य सरकारों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसीन तेल जारी किया है। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के इस्तेमाल के लिए राज्यों को ज्यादा मात्रा में कोयला देने का निर्देश दिया है।

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होर्मुज स्ट्रेट कितना जरूरी?

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट के जरूरी चोकपॉइंट से समुद्री रास्ते के पूरी तरह रुकने से भारत के एलपीजी आयात पर भारी असर पड़ा है। देश अपनी एलपीजी की लगभग 60 फीसदी जरूरतें पूरी करने के लिए आयात पर निर्भर है और 90 फीसदी एलपीजी आयात होमुर्ज स्ट्रेट के जरिए ही पश्चिम एशिया से होता है। इसका साफ मतलब है कि भारत में एलपीजी की खपत का लगभग 55 फीसदी हिस्सा अभी उपलब्ध नहीं है।

इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के बजाय घरों को एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू किया है। रिफाइनरियों को एलपीजी प्रोडक्शन को ज्यादा से ज्यादा करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्हें पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन से प्रोपेन, ब्यूटेन और दूसरी चीज़ों को एलपीजी प्रोडक्शन की ओर मोड़ने का निर्देश दिया है।