नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को नार्वे की राजधानी ओस्लो में नॉर्डिक देशों के साथ आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से इतर आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून फ्रॉस्टाडॉटिर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार बैठक में भू-तापीय और नवीकरणीय ऊर्जा, मत्स्य पालन, व्यापार एवं निवेश, नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, आर्कटिक सहयोग तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के क्रियान्वयन से उत्पन्न होने वाले अवसरों पर भी चर्चा की। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर मुलाकात को शानदार बताते हुए कहा कि भारत आइसलैंड के साथ अपनी मित्रता को अत्यधिक महत्व देता है। दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, मत्स्य पालन, सतत विकास, भू-तापीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
ब्लू इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्रों में आइसलैंड की विशेषज्ञता सराहनीय है। हमें उम्मीद है कि ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए टीईपीए समझौते से व्यापार और निवेश संबंधों को भी नई गति प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री से की मुलाकात
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