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ज़रवल में 8वीं मोहर्रम पर अज़ादारी का ग़मगीन समंदर:सुबह से रात तक मजलिसों का सिलसिला, पारंपरिक जुलूस में शबीहे अलम और ज़ुलजनाह की झलक


ज़रवल कस्बे में माह-ए-मोहर्रम की आठवीं तारीख पर सुबह से ही अज़ादारी का माहौल पूरी तरह ग़मगीन और अकीदत से भरा रहा। इमामबाड़ों और कर्बला स्थलों पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ती रही और पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा। मजलिसों की शुरुआत 8:30 बजे, कई इमामबाड़ों में आयोजन शबी अब्बास के अनुसार, मजलिसों का सिलसिला सुबह 8:30 बजे मौलवी हसन राजा के इमामबाड़े से शुरू हुआ। इसके बाद विभिन्न इमामबाड़ों में लगातार मजलिसें आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में अज़ादारों ने भाग लेकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कर्बला में दिनभर रही भीड़, दुआओं का सिलसिला सुबह 8 बजे से ही अकीदतमंद कर्बला पहुंचने लगे थे। लोग मन्नतें मांगते और दुआएं करते नजर आए। पूरे दिन कर्बला परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भावुक बना रहा। रात में निकलेगा कदीमी जुलूस, अलम-ए-अब्बास की झलक शबी अब्बास ने बताया कि आठवीं मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस रात 8 बजे के बाद जनाब इक़बाल जरवाली के अज़ाखाने से निकाला जाएगा। इसमें शबीहे अलम-ए-हज़रत अब्बास (अ.स.) शामिल होगी, जिसे अंजुमन हुसैनिया असगरिया की सरपरस्ती में निकाला जाएगा। पुराने रास्तों से गुजरेगा जुलूस, जगह-जगह मातम जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए विभिन्न अज़ाखानों पर पहुंचेगा। इसमें समीर हुसैन, रईस हैदर, नुरुल हसन, नसीर आलम और अन्य अज़ाखानों पर पड़ाव रहेगा। ज़ाकिर मंज़िल पर शबीहे ज़ुलजनाह (दुलदुल) भी निकाला जाएगा, जिसके साथ मातम का सिलसिला गहराता जाएगा। शरबत, पानी और सुरक्षा के इंतज़ाम, माहौल ग़मगीन अंजुमन सक्काए हरम नौहाख्वानी और मातम के साथ कर्बला की ओर बढ़ेगी, जहाँ मशाल का मातम किया जाएगा। नगर में जगह-जगह शरबत और पानी की व्यवस्था की गई है। जुलूस के दौरान कैसर अब्बास खान, आमिल जरवाली, शावेज़ काज़मी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहेंगे। पूरे कस्बे में ग़म और अकीदत का माहौल बना हुआ है।

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