श्रावस्ती जिले को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ प्रशासन और पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा। ‘ऑपरेशन रक्षा’ के तहत 24 जुलाई से 10 अगस्त तक विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए अभियानों में कुल 10 बच्चे-किशोर काम करते पाए गए। इनमें से दो बालकों को तत्काल बाल श्रम से मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया,जबकि अन्य मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। 24 जुलाई को भिनगा में हुई कार्रवाई के दौरान एएचटी पुलिस टीम ने पटेल चौराहा से इंडिया पोस्ट ऑफिस और खैरी मोड़ तक की दुकानों व प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन बच्चे-किशोर काम करते मिले। इनमें 14 वर्ष से कम आयु के दो बालकों को बाल श्रम से मुक्त कराकर संरक्षणात्मक कार्रवाई के तहत सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। एक किशोर के मामले में भी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। 25 जुलाई को जमुनहा क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया,जिसमें मल्हीपुर चौराहा से स्थानीय बाजार तक के प्रतिष्ठानों की जांच की गई। यहां 14 वर्ष से अधिक आयु के दो किशोर कार्यरत पाए गए। उनके खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। 6 अगस्त को जमुनहा क्षेत्र में एक और बड़ी कार्रवाई हुई। जमुनहा बाजार, मल्हीपुर चौराहा और कानूबोझी चौराहा सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सघन निरीक्षण के दौरान 14 वर्ष से कम आयु के पांच बच्चे विभिन्न प्रतिष्ठानों पर काम करते हुए मिले। इन सभी संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम कानून की जानकारी दी गई और यह स्पष्ट किया गया कि बाल श्रम कराना एक दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने व्यापारियों और आमजन को बाल श्रम के सामाजिक, शैक्षिक और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार दिलाने की अपील की। प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम न कराया जाए। इस अभियान में एएचटी पुलिस, महिला कल्याण विभाग, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA), देहात इंडिया और विज्ञान फाउंडेशन सहित अन्य विभागों और संस्थाओं की सहभागिता रही।
दिसंबर तक श्रावस्ती होगा बाल श्रम मुक्त:अभियान में 10 बच्चे-किशोर मिले काम करते, दो को कराया गया मुक्त
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