ख़सहा मोहम्मदपुर के बलवापुर चौराहे पर दसवीं मोहर्रम के अवसर पर ताजिया और मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम अकीदतमंदों ने ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूस में अकिलापुर, तारापुर, महरी, भोगियापुर और जमलाजोत की ताजिया आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्ण ढंग से गुजरा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और शरबत व पेयजल की व्यवस्था की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामगांव थाने की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। जुलूस के समापन के बाद मुस्लिम युवक ताजियों को उम्मरपुर घाट पर दफन करने के लिए ले गए। देर शाम तक विभिन्न स्थानों से आई कई ताजिया कर्बला में दफन की गईं। इस अवसर पर धार्मिक विद्वानों ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मोहर्रम का संदेश सत्य, न्याय, त्याग और इंसानियत की रक्षा के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। जुलूस के समापन पर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ की गई।
बलवापुर चौराहे पर निकला दसवीं मोहर्रम का जुलूस:अकीदतमंदों ने ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच किया मातम, कर्बला की घटना पर प्रकाश डाला
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