श्रावस्ती जिले में गड्ढामुक्त सड़कों के सरकारी दावों की पोल खुल गई है। गिलौला-बिलरवा मार्ग की स्थिति इतनी खराब है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह तय करना मुश्किल है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश में ही यह मार्ग तालाब में बदल जाता है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। एक तस्वीर में सड़क के बीचों-बीच एक विशाल गड्ढा दिखाई दे रहा है, जिसमें ईंट-पत्थर और मलबा भरा हुआ है। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ग्रामीणों ने गड्ढे के किनारे लाल झंडी भी लगाई है। रोजाना सैकड़ों छात्र, मरीज और अन्य राहगीर इस मार्ग से गुजरते हैं। वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए जान जोखिम में डालकर वाहन चलाने पड़ते हैं। कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल भी हो चुके हैं। यह सवाल उठता है कि जब शासन स्तर पर जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा किया जा रहा है, तो गिलौला-बिलरवा जैसे मुख्य मार्ग की यह दयनीय हालत क्यों बनी हुई है? स्थानीय जनता का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और बरसात आते ही सड़क फिर से टूट जाती है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने तथा दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल ‘गड्ढामुक्त’ का बोर्ड लगाने से सड़कें ठीक नहीं होंगी, बल्कि धरातल पर काम करना होगा।
श्रावस्ती में गड्ढामुक्त सड़क का दावा झूठा:गिलौला-बिलरवा मार्ग पर बड़े गड्ढे, राहगीर परेशान
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