- विपक्ष पर साधा निशाना
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर शुक्रवार को यहां लोकभवन में हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना और झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उप्र के अंदर यह सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। इन सभी एमएसएमई उत्पाद का रजिस्ट्रेशन के साथ पांच लाख सुरक्षा बीमा का कवर भी दिया है। अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसे पांच लाख रुपये मिल जाएगी। यह साल 2017 से पहले भी होनी चाहिए थे। भाई -भतीजों में उलझी उस समय की सरकारों के पास फुर्सत कहां थी।
योगी ने कहा कि जिन स्कूलों में गरीब के बच्चे पढ़ते थे, उन बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों का बुरा हाल था। न शिक्षक था। न भवन था। शौचालय, पेयजल की व्यवस्था भी नहीं थी। आज बालक बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पीने के लिए पानी की व्यवस्था है। बच्चों को स्कूल ड्रेस, जूते, मोजे, बैग, कॉपी और किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन लोगों (समाजवादी पार्टी) की विकास में कोई रुचि थी ही नहीं। जो थी, उसमें लूटखसोट शुरू होती थी। खानदान के लाेग लूट के लिए जुट जाते थे कि कौन कितना लूट ले। महिलाओं के लिए खतरा वे स्वयं बने हुए थे। इस क्षेत्र में 70 फीसदी महिलाएं ही काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि आज आप सबको आश्वस्त करता हूं कि यह डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आपके हितों को संरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। मै विभाग से इस बारे में कहूंगा कि हमारे हस्तशिल्प और कारीगरों द्वारा जो उत्पाद तैयार किया गया है या किया जाता है तो उसे तकनीक और डिजाइन के साथ जोड़े। बाजार की मांग के हिसाब से उत्पाद तैयार करने में मदद करें। उन्होंने आम अपील की कि हम सब अपने कारीगरों द्वारा उत्पाद ही अपने चहेतों को भेंट करें।
इससे पहले एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने मुख्यमंत्री को हथकरघा से निर्मित राधा-कृष्ण की कलाकृति भेंट की और कहा कि यह दिवस भारत की बुनकरी परंपरा, स्वदेशी संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक हथकरघे संचालित हैं और सरकार बुनकरों के आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत 2,489 हथकरघा और 1,315 पावरलूम बुनकरों को, तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत 2,796 हथकरघा और 1,466 पावरलूम बुनकरों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम ने इस वर्ष लगभग 38 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है, जो प्रदेश के हथकरघा क्षेत्र की प्रगति का संकेत है। पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क और प्रस्तावित संत कबीर टेक्सटाइल पार्कों से वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एचईपीसी), टनेरा (टाटा समूह), बीटीडीसी, इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल (आईएफबीईसी) और अन्य संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर हथकरघा उत्पादों के विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया गया।












