ज़रवल में मंगलवार को यौमे क़ासिम पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। माह-ए-मुहर्रम की अज़ादारी के तहत नगर के विभिन्न अज़ाखानों में मजलिसों का आयोजन किया गया। इन मजलिसों में कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद किया गया। असद इक़बाल के अज़ाखाने में आयोजित विशेष मजलिस को मौलाना पुरनूर हैदर ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कर्बला के पैगाम, हज़रत इमाम हुसैन अ०स० की कुर्बानी और हज़रत क़ासिम इब्ने हसन की शहादत के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसी क्रम में, अज़ाखाना दुल्ले मियां में हुई मजलिस को सैयद जाफ़र मेहदी ने खिताब किया। मजलिस के दौरान कर्बला के मार्मिक वाक़ियात बयान किए गए, जिसे सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं। यौमे क़ासिम के अवसर पर हज़रत क़ासिम इब्ने हसन अ०स० को विशेष रूप से याद किया गया। वे हज़रत इमाम हसन अ०स० के पुत्र थे और उन्होंने कम उम्र में ही मैदान-ए-कर्बला में शहादत प्राप्त कर इस्लाम की राह में अपना बलिदान दिया था। अज़ादारों ने दुख और अकीदत के साथ उनकी शहादत को सलाम पेश किया।
जरवल में सात वी को मजलिस का सिलसिला जारी:कर्बला के शहीद हज़रत क़ासिम इब्ने हसन को अज़ादारों ने किया याद
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