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फोरलेन पर जान जोखिम में डालकर सफर:बस्ती-अयोध्या हाईवे पर बैटरी रिक्शा में ठूंसकर सवारियां, डाले पर बैठे दो युवक; जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल

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बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर यातायात नियमों की अनदेखी का एक ऐसा नजारा सामने आया, जो किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। छावनी थाना क्षेत्र में एक बैटरी रिक्शा क्षमता से अधिक सवारियां लेकर फोरलेन पर दौड़ता नजर आया। रिक्शा के अंदर यात्रियों की भीड़ थी, वहीं दो युवक पीछे बने डाले पर बैठकर सफर कर रहे थे। तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह यात्रा करना चालक और यात्रियों सभी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। फोरलेन पर बैटरी रिक्शा में ठूंसकर सवारी बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर बैटरी रिक्शा में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। अंदर जगह कम होने के बावजूद कई लोग किसी तरह बैठे हुए थे। इतना ही नहीं, रिक्शा के पिछले हिस्से में बने डाले पर भी दो युवक बैठकर यात्रा कर रहे थे। फोरलेन पर तेज गति से गुजरते वाहनों के बीच यह नजारा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पीछे बैठे युवकों की जिंदगी भी दांव पर रिक्शा के डाले पर बैठे दोनों युवकों के लिए मामूली झटका या अचानक ब्रेक भी भारी पड़ सकता है। वाहन के असंतुलित होने अथवा किसी दूसरे वाहन की टक्कर की स्थिति में पीछे बैठे यात्रियों के सीधे सड़क पर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरे में डालना है। हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार? फोरलेन पर बड़े वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। ऐसे मार्ग पर ओवरलोड सवारी वाहन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। अचानक ब्रेक लगने, वाहन का संतुलन बिगड़ने या पीछे से टक्कर होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि यदि ऐसी स्थिति में दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? चालक की, वाहन मालिक की या उस व्यवस्था की, जिसके तहत ऐसे वाहनों की निगरानी की जानी चाहिए। चेकिंग अभियान पर उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि छावनी क्षेत्र में सवारी वाहनों की नियमित और सघन जांच की जरूरत है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की नजर ऐसे वाहनों पर नहीं पड़ रही है या फिर नियमों का उल्लंघन करने वालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित चेकिंग हो तो क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और खतरनाक तरीके से यात्रा कराने वाले वाहन चालकों पर अंकुश लगाया जा सकता है। बिना रोक-टोक सड़कों पर दौड़ रहे वाहन क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले वाहन सड़क पर लगातार नजर आ रहे हैं। यातायात नियमों की अनदेखी के बावजूद ऐसे सवारी वाहन बिना रोक-टोक चलते रहते हैं। फोरलेन जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की लापरवाही और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। खासकर पीछे के डाले पर बैठकर यात्रा करना किसी भी समय गंभीर दुर्घटना में बदल सकता है। कार्रवाई नहीं हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से फोरलेन पर सघन यातायात चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही ऐसे वाहनों पर रोक लगनी चाहिए। क्षमता से अधिक सवारी, डाले पर यात्रियों को बैठाना और यातायात नियमों की अनदेखी पर सख्ती जरूरी है। वरना किसी दिन यही लापरवाही एक बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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