लखनऊ। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मनरेगा के तहत केंद्रीय सरकार की पहली किस्त को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के साथ ही उत्तर प्रदेश को कुल 1789.79 करोड़ की राशि जारी की गई है।
इस बजट में पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) की लगभग 1,129.55 करोड़ रुपये की लंबित राशि भी शामिल है। इससे पुराने बकाये का भुगतान आसानी से किया जाएगा।
मनरेगा की मूल भावना को सुनिश्चित करते हुए राशि को अलग -अलग श्रेणियों में बांटा गया है। जिसमें अनुसूचित जाति के लिए रू 536.65 करोड़, अनुसूचित जनजातिके लिए 45.53 करोड़ एवं अन्य श्रेणियों के लिए 1207.60 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन्स के अनुसार समय से किये जांय और यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी को भी दोहरा भुगतान न हो।
खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से ‘नरेगा सॉफ्ट’ पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उप मुख्यमंत्री द्वारा लगातार निर्देशित किया जाता है कि मनरेगा योजना के अंतर्गत मनरेगा श्रमिकों का भुगतान समय से हो, सामग्री मद का भुगतान हो या फिर प्रशासनिक मद का भुगतान हो सभी प्रकार के भुगतान समय से किये जांए।
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा हैं कि यह पूरी धनराशि ‘नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम’ के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित दिया है कि भुगतान ‘फंड ट्रांसफर ऑर्डर’ और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाए।












