उत्तर प्रदेश: कानपुर के गुजैनी में रहने वाली लड़की की शादी पनकी के रतनपुर में रहने वाले लड़के से तय हुई थी. दोनों का पहले से मिलना जुलना भी था. दूल्हा एमबीए करने के बाद जॉब कर रहा था, लड़की भी ग्रेजुएट है.
परिवारों की सहमति से शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. गोद भराई और फलदान जैसी रस्में पहले ही हो चुकी थीं. सोमवार रात गेस्ट हाउस में धूमधाम से शादी का आयोजन किया गया.
दूल्हा बारात लेकर गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां लड़की पक्ष ने पूरे सम्मान के साथ बारात का स्वागत किया. खाने-पीने और जयमाल की रस्म खुशी-खुशी पूरी हुई. लेकिन विवाद तब शुरू हुआ, जब चढ़ावे की रस्म के दौरान दूल्हे द्वारा लाए गए जेवर दुल्हन के पास पहुंचे.
तय हुआ था कि दूल्हा मंगलसूत्र के साथ तीन सोने के जेवर देगा. लेकिन जैसे ही दुल्हन और उसके परिवार ने जेवर देखे, उन्हें शक हुआ कि ये नकली हैं. इसके बाद उन्होंने लड़के वालों से शिकायत की तो दूल्हा भी विवाद करने लगा कि हम असली जेवर लेकर आए हैं.
तुरंत एक ज्वेलर को बुलाया गया, जिसने जांच के बाद साफ कर दिया कि ये रोल्ड गोल्ड के जेवर हैं, जिन पर सोने की परत चढ़ाई गई है. इसके बाद गेस्ट हाउस में हंगामा खड़ा हो गया. दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
दूल्हा और उसके परिजन जेवर को असली बताते रहे. थाने में पुलिस को सूचना दी गई. लड़के वालों ने 112 नंबर पर कॉल किया था. मौके पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनी. दोनों पक्षों के बुजुर्गों को बैठाया गया. समझौता होने लगा.
लोगों ने लड़की को समझाने की कोशिश की कि इसके बाद असली जेवर लड़के वाले दे देंगे, लेकिन दुल्हन ने साफ मना कर दिया कि जयमाल भले हो गई है, लेकिन मैं अब इस दूल्हे से शादी नहीं करूंगी.
जो शादी में फेरों से पहले ही असली की जगह नकली जेवर लाकर मेरे सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है, वह आगे जीवन में कैसे मेरे साथ रहेगा, उसका आगे का जीवन भी नकली ही होगा.
इस दौरान दूल्हा सफाई देता रहा कि मैंने असली जेवर के लिए पैसे रखे थे, लेकिन सोना काफी महंगा हो गया. इसलिए असली नहीं ला पाया. चांदी वाले असली हैं. मंगलसूत्र असली है. बाद में मैं असली सोने के जेवर लेकर दे दूंगा, लेकिन दुल्हन मानने को तैयार नहीं हुई.
लड़की के घरवाले कहते रहे कि लड़की ही जब शादी को तैयार नहीं है, तो हम क्या करें. इस मामले में गुजैनी थाने के सब इंस्पेक्टर संतोष यादव का कहना है कि 112 नंबर पर रात में सूचना मिली थी.
पुलिस मौके पर गई, वहां दोनों पक्ष बैठे, लेकिन दुल्हन समझौता करने को तैयार नहीं थी. आखिरकार, आपसी सहमति से दोनों पक्षों ने खर्च का हिसाब निपटाया और बिना शादी के ही मामला खत्म हो गया. भोर होते-होते दूल्हा अपनी बारात के साथ वापस लौट गया.












