#बस्ती_न्यूज
कृषि विज्ञान केंद्र, बंजरिया-बस्ती ने किसानों के बीच उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान 23 अप्रैल 2026 को ग्राम चितरगढ़िया में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस. के. तोमर ने रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित और अंधाधुंध प्रयोग के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इससे न केवल मृदा स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि फसल उत्पादन और गुणवत्ता भी घटती है। डॉ. तोमर ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।डॉ. तोमर ने किसानों को सलाह दी कि वे प्रत्येक 2-3 वर्ष में अपनी मिट्टी का परीक्षण कराएं और उसी के अनुरूप उर्वरकों की संतुलित मात्रा का प्रयोग करें।वैज्ञानिकों ने उर्वरक प्रबंधन की उन्नत विधियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएसबी (फॉस्फेट सोल्यूबिलाइजिंग बैक्टीरिया) का मिट्टी में प्रयोग या बीज उपचार करने से मृदा में अवशोषित फॉस्फोरस घुलनशील बनता है, जिससे फसलों को अधिक लाभ मिलता है। इसी प्रकार, एजोटोबैक्टर के प्रयोग से नाइट्रोजन स्थिरीकरण बढ़ता है और रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है।इसके अतिरिक्त, हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई (50 किग्रा/हेक्टेयर बीज दर) और 45 दिन बाद फूल आने की अवस्था में उसे खेत में पलटने से मृदा में जैविक कार्बन, नाइट्रोजन और सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ती है, जिससे भूमि की उर्वराशक्ति में सुधार होता है। वैज्ञानिकों ने 5-10 टन/हेक्टेयर की दर से सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट का प्रयोग करने की भी सलाह दी, जो मृदा के भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणों में सुधार करती है तथा जल धारण क्षमता बढ़ाती है।इस अवसर पर डॉ. वी. बी. सिंह, आर. वी. सिंह, हरिओम मिश्रा और रविशंकर पांडेय ने भी किसानों को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (INM), कम लागत वाली टिकाऊ कृषि तकनीकों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों की विभिन्न समस्याओं का समाधान भी किया।कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने ऐसे जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की, ताकि उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
कृषि विज्ञान केंद्र ने उर्वरक संतुलित उपयोग पर अभियान चलाया:बंजरिया में किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












