ईरान ने कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी पर हमला किया। इसमें एक कर्मचारी की जान गई है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह कंपनी देश उत्तरी हिस्से में स्थित है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘ईरान के इस जघन्य हमले में देश के उत्तर में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया। हमले में एक मजदूर की मौत हो गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है।’
दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बुशहर और खुजेस्तान प्रांत पर हमला किया। केशम द्वीप पर एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया। इस हमले में दंपत्ती और उनके दो बच्चों की जान गई है। आईआरजीसी ने भी अमेरिकी हमले में अपने तीन जवानों की मौत की बात मानी है।
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अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक तीनों की जान अमेरिकी मिसाइल हमले में गई है। उधर, ईरान ने जॉर्डन पर लगातार दूसरे दिन बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया। हालांकि वहां की सेना ने इन मिसाइलों को रोकने का दावा किया।
बता दें कि ईरान अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन, बहरीन और कुवैत को लगातार निशाना बना रहा है। मंगलवार को भी ईरान ने जॉर्डन पर बैलेस्टिक मिसाइलें दागी थीं। ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने बुधवार की रात ईरान में भीषण बमबारी की। यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में बताया कि 2 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के 12 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।
कुवैत पर हमले की निंदा
कुवैत पर ईरानी हमले की जॉर्डन ने निंदा की। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘यह हमला कुवैत की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, उसकी सुरक्षा और स्थिरता तथा उसके क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए खतरा। अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का भी घोर उल्लंघन है।’ उधर, कतर ने भी जॉर्डन और कुवैत पर ईरानी हमलों को संप्रभुता और अखंडता का उल्लंघन बताया।
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तीन एफ- 35 विमान तबाह: आईआरजीसी
ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने केशम द्वीप पर हमले का बदला ले लिया है। अपने बयान में आईआरजीसी ने कहा कि बैलेस्टिक मिसाइल ने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस को निशाना बनाया। यहां तैनात तीन अमेरिकी एफ-35 विमान को तबाह कर दिया है। तीन अन्य को भारी नुकसान पहुंचा है। कई अधिकारी और तकनीकी व रखरखाव कर्मियों की जान गई है।












