नेपाल सीमा से लगे सिद्धार्थनगर के 25 गांवों को केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ब्राइट विलेज’ योजना के तहत विकसित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत लोटन, बढ़नी, शोहरतगढ़ समेत सीमा से सटे कुल 25 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि चयनित गांवों का विस्तृत सर्वेक्षण कर उनकी वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। प्रशासन पहले चरण में गांवों में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का मूल्यांकन करेगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग विकास प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्य कराए जा सकें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेंशन, शौचालय, राशन कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बीएस यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत के विकास पर अगले पांच वर्षों में तीन-तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। जागरूकता अभियान भी चलेगा योजना की सफलता के लिए प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा। बैनर-पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, शिविर और घर-घर संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी से ही योजना के उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल किया जा सकेगा। नगर पंचायत बढ़नी के अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने कहा कि यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हुआ तो सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन में कमी आएगी। उनके अनुसार, ब्राइट विलेज योजना सीमावर्ती गांवों के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
नेपाल सीमा से सटे 25 गांव बनेंगे ‘ब्राइट विलेज’:सिद्धार्थनगर में 5 साल में हर ग्राम पंचायत पर खर्च होंगे 3 करोड़ रुपए
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