लखनऊ। रविवार पंचायती राज निदेशालय में सहायक विकास अधिकारी पंचायत सेवा संघ उत्तर प्रदेश की प्रांतीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सभी 18 मंडलों और 75 जनपदों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। संवर्ग के स्वाभिमान और सांगठनिक मजबूती के लिए बैठक में कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव में पदनाम परिवर्तन जिसमें सहायक विकास अधिकारी (पं.) का पदनाम बदलकर बीपीआरओ यानी ब्लॉक पंचायत राज ऑफिसर किया जाए।एडीपीआरओ पद पर पदोन्नति के लिए अनिवार्य सेवा अवधि घटाकर 3 वर्ष की जाए।,सहायक विकास अधिकारी (पं.) को क्षेत्र पंचायत का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया जाए।
ब्लॉक स्तर पर संवर्ग की गरिमा के अनुरूप राजपत्रित अधिकारी का पद सृजित हो और कामकाज के लिए सहायक विकास अधिकारी (पं.) के अधीन लिपिक का पद बनाया जाए। बैठक में पूर्व पदाधिकारी पुर्णेन्दु दीक्षित, जितेंद्र सिंह और अनिल बाजपेयी ने संवर्ग को एकजुट होकर मांगों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
उन्होंने वर्तमान प्रदेश नेतृत्व को मार्गदर्शन और सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान दर्जनों पूर्व पदाधिकारियों और शुभेच्छुओं को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर शुक्ल ने कहा कि संवर्ग का हित और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रांतीय महामंत्री संजय सिंह ने एजेंडा बिंदुओं के दूरगामी सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप सिंह और ग्राम प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने भी सहायक विकास अधिकारी पंचायत संवर्ग की मांगों का समर्थन किया। अंत में सभी पदाधिकारियों ने संगठन के निर्णयों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का संकल्प लिया।












