नई दिल्ली: पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) ने पंजाब और दिल्ली समेत भारत में कई जगहों पर आतंकी हमले करने के लिए अपने हैंडलर्स को सक्रिय कर दिया है. इस इनपुट के बाद, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में पंजाब से हथियारों, गोला-बारूद और IED की एक बड़ी खेप बरामद होने के बाद एक केस अपने हाथ में ले लिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी (ISI) का एक ऑपरेटिव जसवीर चौधरी, इंडिया में मौजूद रिक्रूट्स (भर्ती किए गए लोग) के जरिए आतंकी हमले की साजिश कर रहा है. असल में, बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए भारत में गिराया गया कंसाइनमेंट, जिसे बाद में फरवरी में पंजाब पुलिस ने जब्त कर लिया था, इसी आतंकी साजिश का हिस्सा था.
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी आतंकी चौधरी वाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने भारतीय गुर्गों के लगातार संपर्क में था. एनआईए ने 21 मार्च को UAPA और BNS के अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया. केस भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के सेक्शन 61(2); UA(P) एक्ट, 1967 के सेक्शन 18 और 20; एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1904 के सेक्शन 4; और आर्म्स एक्ट, 1959 के सेक्शन 25(1)(D) के तहत दर्ज किया गया था.
पंजाब पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद, एनआईए ने 21 मार्च को एक एफआईआर दर्ज की. एफआईआर में कहा गया है कि 10 फरवरी को, पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल को पक्की जानकारी मिली कि एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी के कहने पर, उसके भारतीय साथियों ने भारत-पाक बॉर्डर के पार ड्रोन के जरिए हथियारों, गोला-बारूद और IED की एक बड़ी खेप हासिल की है, जिसका मकसद पंजाब, दिल्ली और भारत के दूसरे हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर IED ब्लास्ट करके जान-माल का नुकसान करना था.
असल में, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने यह केस अपने हाथ में ले लिया. NIA को दी गई और इस रिपोर्टर द्वारा देखी गई इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी ने भारतीय साथियों की मदद से एक ग्रुप बनाया है.
एनआईए को दिए गए इंटेलिजेंस इनपुट में कहा गया है कि, जसवीर चौधरी पंजाब बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की स्मगलिंग कर रहा है और उन्हें अपने भारतीय साथियों को दे रहा है. उनका इरादा भारत के अलग-अलग शहरों, दिल्ली और पंजाब में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले और बम धमाके करना है, ताकि भारत की शांति और एकता को खत्म किया जा सके.
हालांकि पंजाब पुलिस ने 10 फरवरी को हथियारों और गोला-बारूद की खेप इकट्ठा करने वाले शुभम कुमार उर्फ शुभम श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला) नाम के एक भारतीय रंगरूट को गिरफ्तार किया था, लेकिन एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तानी हैंडलर चौधरी ने देश भर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए ऐसे ही दूसरे ग्रुप बनाए होंगे.
शुभम से पूछताछ के बाद पता चला कि आईईडी कई राज्यों में लक्षित हमले करने के लिए था. यह खेप अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर दरगढ़ से बरामद की गई थी.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने शुक्रवार को पाकिस्तान से जुड़े एक तोड़फोड़ और जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर आरोप है कि वे बॉर्डर पार के हैंडलर्स के कहने पर आतंक फैलाने का काम कर रहे थे.
एटीएस के मुताबिक, आरोपियों को खास जगहों, गाड़ियों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी करने और पूरे उत्तर प्रदेश में दहशत फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए आगजनी करने का काम सौंपा गया था.











