खेसरहा विकासखंड के सकारपार क्षेत्र में परशुराम जयंती के अवसर पर एक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में सैकड़ों युवाओं ने हाथों में झंडा और फरसा लेकर “परशुराम दादा की जय” के नारे लगाए। शोभायात्रा परोई गांव से शुरू होकर पेडारी, कोटिया और महिलानी से होते हुए सकारपार में समाप्त हुई। यात्रा मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों से वातावरण गूंज उठा। युवा पारंपरिक वेशभूषा में अनुशासित तरीके से शोभायात्रा में शामिल हुए। आयोजक अंकित पांडेय ने बताया कि भगवान परशुराम को न्याय और धर्म के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी शोभायात्राएं समाज में एकता और धर्म के प्रति आस्था को मजबूत करती हैं। इस कार्यक्रम में स्थानीय बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन सतर्क रहा। स्वयंसेवकों की एक टीम भी पूरे मार्ग पर तैनात थी, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाता है।
सकारपार में परशुराम जयंती पर शोभायात्रा निकली:सैकड़ों युवाओं ने जयघोष के साथ उत्साह से लिया भाग
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