उन्नाव। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश में मंगलवार को तीन दिवसीय फ्लैगशिप आयोजन ‘एनालिटिका 2026- स्केल विद इंटेलिजेंस’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 28 से 30 अप्रैल तक आयोजित यह आयोजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और एनालिटिक्स की बदलती दुनिया, उनके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित है।
‘स्केल विद इंटेलिजेंस’ थीम पर आधारित यह आयोजन छात्रों, शिक्षाविदों, इंडस्ट्री विशेषज्ञों, इनोवेटर्स और पॉलिसी थिंकर्स को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, जहां ज्ञान-विमर्श, अनुभव साझा करने और नवाचारी समाधानों पर मंथन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में देशभर के 150 से ज्याद मेधावी छात्र – छात्राएं जो की आईआईटी, बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित सेंट्रल और स्टेट यूनिवर्सिटी से संबंधित हैं शामिल हों रहे है। कार्यक्रम के माध्यम से यह रेखांकित किया जा रहा है कि एआई किस प्रकार बिजनेस, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, फाइनेंस और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में इंडस्ट्री पैनल डिस्कशन, डोमेन वर्कशॉप्स, करियर रेडीनेस सेशंस, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, प्लेसमेंट टॉक्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे विविध आयाम शामिल किए गए हैं, जिससे यह आयोजन अकादमिक और इंडस्ट्री एंगेजमेंट का प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है।
आयोजन के प्रमुख आकर्षण के रूप में 72 घंटे की राष्ट्रीय हैकाथॉन ‘हैकएक्लिप्स 2026’ की भी शुरुआत की गई, जिसमें देशभर के छात्र एआई आधारित समाधान विकसित करेंगे। यह पहल छात्रों में इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स विकसित करने, रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने और यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसी क्रम में ‘एआई एंड विकसित भारत 2047’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने एआई आधारित भारत के भविष्य की संभावनाओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। यह आयोजन भारत की एआई लीडरशिप को नई दिशा देने और युवा प्रतिभाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर एसएएस एआई एंड डेटा साइंस लैब और एसएएस एक्सपीरियंस सेंटर का शुभारंभ किया गया। एसएएस एआई एंड डेटा साइंस लैब की स्थापना विद्यार्थियों और फैकल्टी को एडवांस्ड एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, डीप लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक क्षमताओं से सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है, साथ ही यह इनोवेशन, रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप और प्रोफेशनलिज़्म की मजबूत संस्कृति को भी बढ़ावा देगी। यह लैब बेस एंड एडवांस्ड एसएएस प्रोग्रामिंग, विज़ुअल बिज़नेस एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, फोरकास्टिंग एंड ऑप्टिमाइजेशन तथा डेटा क्यूरेशन जैसे ग्लोबली रिकग्नाइज़्ड एसएएस सर्टिफिकेशंस के अनुरूप संरचित प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-रेलेवेंट स्किल्स, इंटर्नशिप और स्किल्ड जॉब अपॉर्च्युनिटीज़ के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। वहीं, एसएएस एक्सपीरियंस सेंटर को एक इमर्सिव और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग स्पेस के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें हेल्थकेयर, एनर्जी एंड यूटिलिटीज, बैंकिंग एंड फाइनेंस तथा गवर्नेंस जैसे समर्पित डोमेन्स शामिल हैं। क्यूरेटेड केस स्टडीज़ और इंटरएक्टिव एग्ज़िबिट्स के माध्यम से यह सेंटर विद्यार्थियों को एनालिटिक्स के रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशंस की व्यावहारिक समझ देगा, साथ ही थियोरेटिकल लर्निंग और इंडस्ट्री एक्सपेक्टेशंस के बीच की दूरी कम करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विकास अवस्थी (कॉग्निजेंट) सहित एसएएस एवं अन्य प्रमुख इंडस्ट्री दिग्गज उपस्थित रहे।
प्रो. (डॉ.) टी.पी. सिंह, प्रो-वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी ने कहा, “आज निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह डेटा-ड्रिवन होती जा रही है। हम सभी हर पल डिजिटल फुटप्रिंट्स के माध्यम से विशाल मात्रा में डेटा उत्पन्न कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक महत्व केवल डेटा संग्रहण में नहीं, बल्कि उसके इंटेलिजेंट एनालिसिस में है। यही एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रासंगिकता को और मजबूत बनाता है। ‘एनालिटिका 2026’ विद्यार्थियों को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, इनोवेशन और रियल-वर्ल्ड प्रॉब्लम सॉल्विंग से जोड़ने का एक सशक्त मंच है। हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, फाइनेंस और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों के अनुभव छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें इंडस्ट्री-रेडी, एजाइल और सॉल्यूशन-ओरिएंटेड प्रोफेशनल्स के रूप में विकसित करना है। मुझे विश्वास है कि ये तीन दिन छात्रों के लिए सीखने, संवाद और नवाचार का अद्वितीय अवसर सिद्ध होंगे।












