बिजनौर। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में चीनी, डिस्टलरीएवं पेपर इकाइयों में जनित राख से होने वाले प्रदूषण व दुर्घटना की रोकथाम के संबंध में आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने इकाइयों के प्रभारी से कहा कि वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिनियमों व नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें अन्यथा उल्लंघन पर कार्यवाही की जा सकती है। प्रदूषण होने पर सभी प्रभावित होते हैं इसलिए इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
गुरुवार को आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा की फैक्ट्री में लगाए गए एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) से निकलने वाले स्लज (फैक्ट्री वेस्ट) की टेस्टिंग कराई जाए तथा निकलने वाली राख का निस्तारण नियम अनुसार कराया जाए।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिजिनल ऑफिसर गिरीश आर्य ने बताया कि इकाइयों में स्थापित एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) से निकलने वाले स्लज की टेस्टिंग आवश्यक है जिससे उसमें प्रदूषण की मात्रा का पता किया जा सकता है। कई इकाइयां ईटीपी से निकलने वाले स्लज का प्रयोग अन्य कामों में भी करती हैं। उन्होंने कहा कि नए सॉलिड वेस्ट रूल्स का अनुपालन इकाइयां सुनिश्चित कराये। ऑनलाइन पॉल्यूशन मेंटेंनिंग सिस्टम के माध्यम से अपनी इकाइयों का मूल्यांकन करें।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की किसी भी नदी आदि में एफ्लूएंट ना गिरे। उन्होंने कहा कि डिस्टलरी आदि में लगाए गए बॉयलर की ऊंचाई के संबंध में निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा की इकाइयों से निकलने वाली राख का वास्तविक रिकॉर्ड माहवार उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन, जनपद की विभिन्न चीनी मिलों, पेपर मिल व डिस्टलरी यूनिट के मैनेजर व प्रभारी आदि तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।












