दिल्ली में 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि पार्टी को संसद तक मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने कहा है कि बिना अनुमति किसी भी जुलूस या प्रदर्शन में शामिल होने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
CJP ने NEET पेपर लीक और विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद मार्च का ऐलान किया है। इस आंदोलन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के कारण किसी भी तरह के अनधिकृत मार्च या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
यह भी पढ़ें: ‘मंत्री मिलते हैं तो अनशन खत्म कर देंगे सोनम’, पत्नी गीतांजलि का बड़ा एलान
नई दिल्ली में धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली जिले में अभी BNSS की धारा 163 लागू है, जो पहले वाली CrPC की धारा 144 की जगह आई है। इसका मतलब है कि पांच या उससे ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते न ही बिना अनुमति जुलूस या प्रदर्शन कर सकते हैं। अगर किसी को प्रदर्शन करना है, तो जंतर-मंतर पर प्रशासन से पहले अनुमति लेनी होगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी बिना इजाजत वाले मार्च या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: ‘अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक आंदोलनकारी नहीं, शिक्षक हैं’, पत्नी का भावुक संदेश
सोनम वांगचुक को जबरदस्ती ले जाया गया अस्पताल
शनिवार को जंतर-मंतर पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मी अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को अपने साथ सफदरजंग अस्पताल ले गए। वांगचुक के आमरण अनशन का यह 21वां दिन था। पुलिस का कहना है कि उनकी तबीयत बिगड़ रही थी, डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी थी और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश भी थे, इसलिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहीं, वांगचुक और उनके समर्थकों का आरोप है कि यह सब उनकी मर्जी के खिलाफ हुआ और उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया।
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल ले जाने से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार
वांगचुक ने अस्पताल से समर्थकों को भेजा पहला संदेश
सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि आंगमो के जरिए अपने समर्थकों के लिए एक संदेश भेजा है। यह संदेश उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया गया है। वांगचुक ने अपने संदेश में कहा, ’20 जुलाई आजादी का दूसरा आंदोलन। डर से आजादी, अन्याय से आजादी। पेपर लीक जैसे अन्याय से मुक्ति और मेरी गैरकानूनी हिरासत जैसे डर से मुक्ति। आइए, भारत के इस दूसरे आजादी आंदोलन के तहत संसद मार्च को बड़ी कामयाबी दिलाएं। यह संदेश मैंने अपनी साथी गीतांजलि के जरिए सफदरजंग में अपनी गैरकानूनी हिरासत से भेजा है।’












