कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा की 293 सीटों के लिए मतगणना आज सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जा रही है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की गणना होगी। राज्य में किस दल की सरकार बनेगी, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। राज्य भर में कुल 77 केंद्रों पर मतगणना चल रही है।
मतगणना को लेकर राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोलकाता सहित विभिन्न मतगणना केंद्रों के बाहर धारा 163 लागू की गई है और केंद्रीय बलों के साथ राज्य पुलिस की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया है जिसमें मतगणना केंद्र के बाहरी क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस को दी गई है जबकि केंद्र के आसपास रैपिड एक्शन फोर्स मोर्चा संभाल रही है। मतगणना केंद्र के भीतर की सुरक्षा केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जिम्मे रहेगी।
कई स्थानों पर सुबह से ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और उनके एजेंट मतगणना केंद्रों पर पहुंचने लगे। भवानीपुर विधानसभा सीट पर विशेष नजर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है। इस विधानसभा क्षेत्र के एक्साइड मोड पर सोमवार सुबह से ही तृणमूल कांग्रेस समर्थकों की भीड़ जुड़ने लगी है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने उत्तर 24 परगना के स्वरूपनगर और बनगांव में मतगणना केंद्र पर उम्मीदवारों और एजेंटों के प्रवेश में बाधा डालने का आरोप लगाया है। वहीं विभिन्न जिलों में सख्त सुरक्षा के बीच मतगणना की प्रक्रिया जारी है। वहीं, खड़गपुर से भाजपा प्रत्याशी दिलीप घोष ने मतगणना से पहले जीत का भरोसा जताया है।
उल्लेखनीय है कि 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ था। हालांकि दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर चुनावी अनियमितताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के आरोपों के कारण निर्वाचन आयोग ने वहां का चुनाव रद कर दिया है। इस सीट पर 21 मई को पुनः मतदान होगा और मतगणना 24 मई को की जाएगी। सोमवार को फलता को छोड़कर बाकी सभी सीटों की मतगणना हो रही है।
2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। इस बार के चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।












