बहराइच जनपद के नानपारा क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से जहां लोगों को उमस से राहत मिली, वहीं किसानों में समय से पहले मानसून आने की चिंता बढ़ गई है।ग्रामीण इलाकों में दर्ज की गई इस वर्षा के कारण सर्दी और गलन में भी वृद्धि देखी गई। मौसम के इस बदलाव ने तत्काल जनजीवन को प्रभावित किया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।बेमौसम बारिश को लेकर किसानों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ किसानों का मानना है कि कृषि कार्य के लिए खाली पड़ी जमीन में पर्याप्त नमी आने से उन्हें जल्द ही जुताई शुरू करने में मदद मिलेगी। उनका यह भी कहना है कि धूप निकलने के बाद खेतों में उगी घास जल जाएगी, जिससे धान की खेती बेहतर ढंग से की जा सकेगी। हालांकि, अधिकांश किसान भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि सामान्यतः मानसून की शुरुआत 15 जून के बाद मानी जाती है, लेकिन इस बार समय से पहले हो रही बारिश भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।कृषक भोला खान, भुलाई, महेश, राजेश और मोशिम सहित अन्य किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि जब फसलों को वास्तव में पानी की आवश्यकता होगी, उस समय बारिश न होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।किसानों का मानना है कि यह बेमौसम वर्षा खेती के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकती है – एक ओर जुताई और प्रारंभिक तैयारी में सहूलियत, तो दूसरी ओर सही समय पर पानी न मिलने का डर। फिलहाल, क्षेत्र में मौसम के इस अचानक बदलाव ने कृषि भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहराइच में तेज हवाओं संग झमाझम बारिश:किसानों को सता रही समय से पहले मानसून की चिंता
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