लखनऊ। मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में सोमवार को खाताधारकों ने फिर से हंगामा कर दिया। एफडी के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब ढाई घंटे तक बैंक का शटर गिराकर प्रदर्शन किया। इस दौरान 5 महिलाएं बेहोश हो गईं।
प्रदर्शनकारी खाताधारकों का आरोप था कि बैंक प्रबंधन ने एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया था। समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश लोगों को उनकी जमा राशि नहीं मिली है। इसी के विरोध में लोगों ने बैंक के बाहर धरना दिया।प्रदर्शन के दौरान भीड़ और गर्मी की वजह से 5 महिला खाताधारकों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इनमें जानकी, गुड़िया, जयश्री, रुचि गौतम, रामादेवी और सुषमा शामिल थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें पानी की छींटें मारीं, तब उन्हें होश हाया।।
घटना की सूचना मिलते ही बैंक शाखा प्रबंधक और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, जबकि बैंक मैनेजर ने भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया। करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर के आश्वासन और पुलिस के हस्तक्षेप पर खाताधारकों ने बैंक का ताला खोल दिया। इसके बाद बैंक का नियमित कार्य शुरू हो सका।
गौरतलब है कि कथित एफडी घोटाले में बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक पर अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों से लाखों रुपए जमा कराए थे। मामले में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खाताधारकों ने 22 जून को रुपए वापसी के आश्वासन की डेडलाइन खत्म होने के बाद फिर से प्रदर्शन शुरू किया है। 22 जून से हर कार्य दिवस पर पहुंचकर बैंक में प्रदर्शन कर रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।












