देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इसी विशेष सत्र में परिसीमन बिल और संविधान संशोधन बिल को भी पास कराने की तैयारी है। इनके जरिए लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 किए जाने की तैयारी है। महिला आरक्षण का समर्थन कर रहे विपक्षी दलों का कहना है कि वे परिसीमन के फॉर्मूले के खिलाफ हैं। तीन दिन के इस विशेष सत्र में इसी पर जोरदार हंगामा और बहस होने के आसार हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि विपक्षी दल वोटिंग में भी विरोध कर सकते हैं। रोचक बात है कि बिना विपक्षी दलों के समर्थन के संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सकता है।












