सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत कोटिया के राजस्व गांव झुडिया बुजुर्ग में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। लगभग तीन वर्ष पूर्व स्वच्छता अभियान के तहत बनाए गए इस केंद्र की छत उड़ चुकी है और परिसर में घास-फूस उग आए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस केंद्र का निर्माण गांव के कचरा प्रबंधन के लिए किया गया था, वहां अब कचरे की जगह गिट्टी रखी हुई है। यह स्थिति दर्शाती है कि केंद्र अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है और गांव में स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पंचायत का कार्य केवल केंद्र के निर्माण और रखरखाव तक सीमित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र के सुचारु संचालन के लिए विभागीय सहयोग और कर्मचारियों की नियुक्ति आवश्यक थी, जो अब तक नहीं हो पाई है। त्रिपाठी ने कहा, “यदि सरकार द्वारा कर्मचारी की नियुक्ति और मानदेय की व्यवस्था की गई होती, तो कचरा प्रबंधन का कार्य सुचारु रूप से चलाया जा सकता था।” ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि सरकार की लाखों रुपये की योजना यहां केवल दिखावा बनकर रह गई है। ग्रामीण रामलाल ने बताया कि तीन साल पहले बना यह सेंटर अब पूरी तरह बेकार पड़ा है और कोई वहां जाता तक नहीं। सुनीता देवी ने कचरा डालने की व्यवस्था न होने और गांव में सफाई की कमी पर चिंता व्यक्त की। एक अन्य ग्रामीण राजेश ने कहा कि सरकार पैसा तो खर्च करती है, लेकिन देखरेख के अभाव में सब बर्बाद हो जाता है। फूलचंद ने भी निगरानी और कर्मचारियों की नियुक्ति के महत्व पर जोर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरआरसी सेंटर को फिर से चालू किया जाए और कचरा प्रबंधन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव में स्वच्छता अभियान सफल हो सके।
झुडिया बुजुर्ग में आरआरसी सेंटर जर्जर:3 साल में बदहाल हुआ लाखों का केंद्र, स्वच्छता अभियान फेल
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