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बस्ती में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट दिए जाने की मांग को लेकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को सांसद राम प्रसाद चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह और जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों तथा आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संबंध में उपलब्ध कानूनी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ऐसे शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए। इस संबंध में केंद्र सरकार से आवश्यक निर्णय कराने की मांग की गई। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद राम प्रसाद चौधरी ने शिक्षकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि यह विषय लाखों शिक्षकों के हितों से जुड़ा है और वह इसे पार्टी की बैठक में प्रमुखता से उठाएंगे। सांसद ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की बात कही। जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने बताया कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि यह मांग पूरी तरह कानूनी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित है। जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि संगठन लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है और उनका उद्देश्य पूर्व नियुक्त शिक्षकों को न्याय दिलाना है। सांसद द्वारा दिए गए आश्वासन से शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेगी। कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिकता है और उन्हें विश्वास है कि सरकार कानूनी साक्ष्यों के आधार पर टीईटी से छूट का निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत देगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से गिरजेश सिंह, बब्बन पाण्डेय, चंद्रशेखर पाण्डेय, श्रीधरपाल, सोहन यादव, अश्विनी पाण्डेय, धर्मराज यादव, दीपचंद, मोहम्मद असलम, अनुराग श्रीवास्तव, नवीन सिंह और विनय पाण्डेय उपस्थित रहे।
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टीईटी छूट की मांग पर शिक्षकों ने सांसद को सौंपा:बस्ती में राम प्रसाद चौधरी ने संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया
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