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श्रावस्ती में ओबीसी प्रतिनिधित्व का ब्योरा जुटाने पहुंचा आयोग:पंचायतों और निकायों के आंकड़ों की समीक्षा, तथ्यपरक रिपोर्ट देने के निर्देश


श्रावस्ती में राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी, स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा की गई। आयोग यह अध्ययन स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए कर रहा है। मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने आयोग को जिले की प्रशासनिक और पंचायत व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रावस्ती में तीन तहसील, पांच विकासखंड, 397 ग्राम पंचायतें, एक नगर पालिका परिषद और एक नगर पंचायत है। उन्होंने बताया कि 397 ग्राम पंचायतों की कुल आबादी 10,62,031 है। इसमें अनुसूचित जनजाति की आबादी 5,514, अनुसूचित जाति की 1,87,195 और अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 5,40,456 दर्ज की गई है। पंचायत प्रतिनिधियों के वर्गवार आंकड़े आयोग के सामने रखे गए बैठक में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों का वर्गवार विवरण भी प्रस्तुत किया गया। जिले में 22 जिला पंचायत सदस्य पदों में 13 सामान्य, चार अनुसूचित जाति और पांच ओबीसी वर्ग के सदस्य निर्वाचित हैं। इसी प्रकार 529 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों में 291 सामान्य, तीन अनुसूचित जनजाति, 94 अनुसूचित जाति और 141 ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि हैं। वहीं 5,091 ग्राम पंचायत सदस्य पदों में 2,890 सामान्य, 27 अनुसूचित जनजाति, 990 अनुसूचित जाति और 1,184 ओबीसी वर्ग के सदस्य शामिल हैं। ‘तथ्यपरक और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं’ आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सूचनाएं तथ्यपरक, अद्यतन और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। आयोग के सदस्यों ने अभिलेखों के सावधानीपूर्वक परीक्षण और आंकड़ों के पारदर्शी संकलन पर भी जोर दिया। रिपोर्ट के आधार पर सरकार को भेजी जाएंगी संस्तुतियां आयोग ने स्पष्ट किया कि जिले से जुटाए गए तथ्यों और आंकड़ों का अध्ययन कर राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव और संस्तुतियां भेजी जाएंगी, ताकि स्थानीय निकायों में ओबीसी प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था को लेकर उचित निर्णय लिए जा सकें। ये रहे मौजूद बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की। इस दौरान आयोग के सदस्य सेवानिवृत्त जनपद न्यायाधीश बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जनपद न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, सेवानिवृत्त आईएएस एस.पी. सिंह सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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