श्रावस्ती।जनपद के विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर भगवानपुर के मजरा कोरीपुरवा में ग्रामीण आज के आधुनिक दौर में भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गाँव के मुख्य मार्ग पर जलभराव और भारी कीचड़ के कारण ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने अब जिला पंचायत अध्यक्ष को शिकायती पत्र भेजकर सड़क और नाली निर्माण की गुहार लगाई है।
पूर्व प्रधान के घर से पालेसर तक का रास्ता बदहाल
ग्रामीणों द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, कोरीपुरवा के मुख्य मार्ग पर पूर्व प्रधान बिहारी लाल के घर से लेकर राजेन्द्र मौर्य के पालेसर तक (लगभग 200 मीटर) का रास्ता पूरी तरह कच्चा और जर्जर है। आरोप है कि इस मुख्य मार्ग का निर्माण न होने से हल्की सी बरसात होते ही पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है।
आधा-अधूरा विकास बना जी का जंजाल
मामले में सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस जर्जर मार्ग के आगे का हिस्सा आर.सी.सी. (RCC) रोड बनाकर ऊँचा कर दिया गया है, लेकिन इस 200 मीटर के टुकड़े को वैसे ही छोड़ दिया गया। आगे की सड़क ऊँची होने और नाली की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरे मोहल्ले के पानी का निकास रुक गया है। जल निकासी न होने से सारा पानी इसी कच्चे रास्ते पर जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने यहाँ आर.सी.सी., इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण की माँग की है।
अधिकारी का पक्ष: दो दिन में होगी वैकल्पिक व्यवस्था
इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) मनीष यादव से दूरभाष (फोन) पर बात की गई, तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा:
”मामला संज्ञान में है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए अगले दो दिनों के भीतर मौके पर अस्थाई या वैकल्पिक व्यवस्था करा दी जाएगी, जिससे जलभराव और कीचड़ की समस्या से फौरी राहत मिल सके। इसके बाद स्थाई सड़क और नाली निर्माण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”
अधिकारी के इस आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद जागी है कि उन्हें जल्द ही इस नारकीय रास्ते से निजात मिलेगी। शिकायती पत्र सौंपने वालों में लक्ष्मणपुर भगवानपुर व कोरीपुरवा के समस्त ग्रामीण मौजूद रहे।












