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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सीएक्यूएम सख्त, अगले साल से डीजल ऑटो रिक्शा होंगे पूरी तरह बंद

नई दिल्ली।दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शनिवार को अपनी 25वीं समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की तैयारियों और प्रवर्तन कार्रवाइयों का जायजा लिया। आयोग ने वाहन प्रदूषण, सड़क की धूल, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा, पराली जलाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और औद्योगिक उत्सर्जन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में दिल्ली सरकार, एनसीआर राज्यों और पंजाब सरकार के अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में आयोग ने निर्देश दिया कि 1 अक्टूबर 2026 से एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर एएनपीआर कैमरों के माध्यम से बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। आयोग ने 31 दिसंबर तक एनसीआर के सभी जिलों से डीजल ऑटो रिक्शा हटाने की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा ट्रैफिक जाम वाले प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन मजबूत करने के निर्देश दिए गए ताकि वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम किया जा सके।

निर्माण स्थलों और सड़क की धूल पर फोकस

बैठक में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरे के वैज्ञानिक निपटान और धूल नियंत्रण उपायों की समीक्षा की गई।आयोग ने सर्दियों के मौसम से पहले अतिरिक्त मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश द्वारा पराली जलाने की रोकथाम के लिए बनाई गई कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए आयोग ने राज्यों को प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा। ईंट भट्टों में पराली आधारित बायोमास पेलेट के उपयोग को बढ़ावा देने और खुले में पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने पर बल दिया गया।समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई ईंट भट्टों में अब भी अनुमोदित ईंधन के बजाय अन्य ईंधनों का उपयोग किया जा रहा है। इस पर चिंता जताते हुए आयोग ने संबंधित एजेंसियों को सघन निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

उद्योगों को उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा

आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन सीमा का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें इकाइयों को बंद करना भी शामिल है।

 

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