भारतीय रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने एक मिसाइल का परीक्षण किया। यह परीक्षण सफल रहा। यह मिसाइल 500 से 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है, जो दुश्मन देशों के लिए घातक साबित हो सकती है। इस मिसाइल की खास बात यह है कि इसका निर्माण पूरी तरह भारतीय उद्योगों के सहयोग से किया गया है, जो स्वदेशी परियोजनाओं को बढ़ावा देता है।
यह मिसाइल परीक्षण 15 जून को ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर किया गया था। इस मिसाइल का नाम टॉमहॉक बताया जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि यह लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का पहला सफल परीक्षण है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह मिसाइल भारतीय सेना के लिए एक मजबूत हथियार साबित होगी।
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किन शहरों को बना सकती है निशाना
यह मिसाइल 500 से 1000 किमी की दूरी तक मार कर सकती है। इसके जरिए पाकिस्तान के कई शहरों को निशाना बनाया जा सकता है। यदि इस मिसाइल को भारत के पश्चिमी क्षेत्र से लॉन्च किया जाए, तो यह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद तक पहुंच सकती है। इससे पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
इसके अलावा यह मिसाइल पाकिस्तान के आर्थिक और नौसैनिक केंद्र कराची को भी निशाना बना सकती है। साथ ही भारत की सीमा के नजदीक स्थित लाहौर और फैसलाबाद जैसे शहर भी इसकी पहुंच में हैं।
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क्या LRLACM बनाएगी भारतीय सेना को मजबूत?
लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल बेहद शक्तिशाली होती है। यह बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह ऊंचाई पर जाकर नीचे नहीं गिरती, बल्कि कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है। इसी कारण दुश्मन देशों के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पकड़ना अधिक कठिन हो जाता है। यही वजह है कि इसे अन्य कई क्रूज मिसाइलों की तुलना में अधिक प्रभावी माना जाता है।
इस सफल परीक्षण के बाद DRDO के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मिसाइल न केवल थल सेना, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकती है।












