भारतीय लोकतंत्र की एक खास बात यह है कि यहां हर साल किसी ना किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं। स्थानीय सरकार से लेकर देश की सरकार तक हर लेवल पर चुनाव के जरिए जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है और इसके लिए अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं। 2026 में देश के पांच राज्यों में चुनाव खत्म हो चुके हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु , केरल और पुडुचेरी के चुनावी नतीजे कल घोषित हो चुके हैं। जनता ने तय कर दिया है कि अगले पांच साल तक राज्य में कौन उनका नेतृत्व करेगा। अब अगले साल भी कुछ राज्यों में चुनाव होने वाले हैं जिनमें सत्ता का सेमीफाइनल कहे जाने वाला उत्तर प्रदेश का चुनाव भी शामिल है।
2026 में हुए चुनाव में जनता ने कई दिग्गज नेताओं की छुट्टी कर दी है। दक्षिण से लेफ्ट की विधाई कर कांग्रेस के गठबंधन को जनता ने नेतृत्व का मौका दिया है। पुडुचेरी में मौजूदा गठबंधन को एक और मौका मिला है। पश्चिम बंगाल में 15 साल का ममता राज खत्म हुआ और जनता ने अब बीजेपी को मौका दिया है। तमिलनाडु में लंबे समय से दो दलों की राजनीति के बाद अब जनता ने अभिनेता से नेता बने विजय को मौका दिया है।
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अगले साल की शुरुआत में यूपी में चुनाव
उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2022 से मार्च 2027 तक है। 11 मार्च 2022 को गठित इस विधानसभा में 403 सदस्य हैं और इसका कार्यकाल 5 साल का है। यानी मार्च 2027 तक उत्तर प्रदेश में चुनाव संपन्न हो जाएंगे और मार्च में नई सरकार का गठन होगा। उत्तर प्रदेश देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है और कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता तक जाने का रास्त लखनऊ से होकर गुजरता है। बीजेपी लगाताक तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी का गठबंधन देश के सबसे बड़े राज्य की सत्ता में वापसी कर बीजेपी के विजय रथ को रोकने की कोशिश में लगा है।
पंजाब में सत्ता का दंगल
पंजाब की सत्ता का दंगल भी अगले साल की शुरुआत में होगा। पंजाब की 16वीं विधानसभा मार्च 2022 में गठित हुई थी। मार्च 2027 में इस राज्य में नई सरकार का गठन होगा। उत्तर प्रदेश और पंजाब दोनों राज्यों के चुनाव एक साथ हो सकते हैं। पिछली बार फरवरी 2022 में चुनाव हुए थे। इस राज्य में कुल 117 सीटें हैं और इस बार की जंग बहुत रोचक होने वाली है। एक तरफ बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने का दावा कर रही है तो वहीं, आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में लौटने की कोशिश में है। कांग्रेस और अकाली दल भी फिर से पंजाब की सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटे हुए हैं।
गोवा और उत्तराखंड करेगा वोट
गोवा में बीजेपी एक बार फिर से सरकार बनाने की कोशिश करेगी। यहां भी पंजाब और उत्तर प्रदेश के साथ फरवरी मार्च 2027 में ही चुनाव होंगे। इसके अलावा उत्तराखंड में भी इसी समय चुनाव होंगे, जहां कांग्रेस 10 साल से सत्ता से बाहर है और इस बार बीजेपी को विपक्ष में बैठाना चाहती है।
नवंबर में हिमाचल और गुजरात में चुनाव
अगले साल के अंत में देश के दो अहम राज्यों में चुनाव होंगे। हिमाचल प्रदेश और गुजारत की विधानसभा का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2027 तक है। ऐसे में इन दोनों राज्यों में नवंबर-दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और गुजारत में बीजेपी की। इन दोनों राज्यों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही होगा।
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मणिपुर में कब होंगे चुनाव?
मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म हो रहा है और इस राज्य में मार्च 2027 से पहले चुनाव करवाने होंगे। हालांकि, मणिपुर को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस राज्य में चुनाव करवाने बहुत मुश्किल होंगे। बीते कुछ सालों से मणिपुर लगातार हिंसा की आग में जल रहा है। ऐसे में इस राज्य में चुनाव करवाना एक बड़ी चुनौती होगी। कुछ दिन पहले तक राज्य में राष्ट्रपति शासन था और अगर चुनाव नहीं होते तो फिर से राष्ट्रपति शासन लग सकता है।












