बहराइच की यासमीन बानो ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 33वीं रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समकक्ष पद पर चयन सुनिश्चित किया है। यासमीन बानो बहराइच जिले की पड़हुईया ग्राम पंचायत के बड़हरा गांव की निवासी हैं। उनके पिता नादिर अली अयोध्या स्थित एक मदरसे में सहायक अध्यापक हैं। उनका परिवार वर्ष 1987 से अयोध्या में रह रहा है, जहाँ बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें यासमीन सबसे छोटी हैं। यासमीन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अयोध्या से पूरी की और वारंगल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में साक्षात्कार तक का सफर तय किया था, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और दूसरे प्रयास में 33वीं रैंक के साथ बिहार प्रशासनिक सेवा में चयनित हुईं। यासमीन के बड़े भाई प्रवक्ता बनने की तैयारी कर रहे हैं। उनके दूसरे भाई ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की है और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत हैं। सबसे छोटे भाई एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यासमीन की इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र में प्रसन्नता है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। उनकी सफलता को विशेष रूप से छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। परिजनों ने यासमीन की सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया है। क्षेत्र के लोगों ने उनकी इस उपलब्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
बहराइच की यासमीन बानो बनीं बिहार में एसडीएम:BPSC परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल कर किया जिले का नाम रोशन
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