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श्रावस्ती डीएम ने अफसरों को दिया अल्टीमेटम:विकास कार्यों में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए कहा, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं


श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों और सीएमआईएस पोर्टल पर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग वाले विभागों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 में श्रावस्ती जनपद की विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंक 26 रही। मार्च 2026 में कुल 85 कार्यक्रमों में से 48 कार्यक्रम ‘ए’ श्रेणी में, 1 ‘बी’, 6 ‘सी’ और 2 ‘डी’ श्रेणी में दर्ज किए गए, जबकि 28 कार्यक्रम ‘एनए’ श्रेणी में रहे। जल संसाधन विभागों ने ‘ए’ ग्रेड प्राप्त किया अतिरिक्त ऊर्जा, अल्पसंख्यक कल्याण, कृषि, ऊर्जा, ग्रामीण अभियंत्रण, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, प्राथमिक शिक्षा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पशुधन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, श्रम एवं सेवायोजन, सहकारिता तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभागों ने ‘ए’ ग्रेड प्राप्त किया। दूसरी ओर, ग्राम्य विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, पर्यटन, समाज कल्याण, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा लोक शिकायत (निर्माण कार्य) विभागों के कार्यक्रम ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में रहे। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में जनपद प्रदेश के अंतिम पांच जिलों में शामिल रहा। हालांकि, नई सड़कों का निर्माण और अनुसूचित जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना प्रदेश के शीर्ष पांच में रहीं। सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को तत्काल हैंडओवर कराने और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का आदेश दिया।

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