कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के जंगल में बिछिया-मिहीपुरवा हाईवे पर सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक कई पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। लगभग 17 घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहने के कारण बड़ी संख्ता में यात्री फंसे रहे। सोमवार रात करीब 9 बजे एक विशालकाय पेड़ गिरने से हाईवे पर यातायात पूरी तरह रुक गया। मौके पर पहुंचे निशानगाड़ा रेंज के वनकर्मी सुबह काम होने की बात कहकर लौट गए। इस दौरान कई राहगीरों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। मंगलवार सुबह वन विभाग के वाचरों और एसएसबी की 70वीं बटालियन निशानगाड़ा की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक आरी से पेड़ काटकर रास्ता साफ किया। हालांकि, कुछ ही देर बाद थोड़ी दूरी पर दो और पेड़ गिर गए, जिससे यातायात फिर से प्रभावित हो गया। बारिश के बीच एसएसबी के दो दर्जन से अधिक जवानों ने घंटों मेहनत कर गिरे पेड़ों को हटाया, जिसके बाद मार्ग बहाल हो सका। सोमवार रात 9 बजे से मंगलवार दोपहर 2 बजे तक रास्ता साफ करने में एसएसबी के जवान मुस्तैद रहे, जबकि निशानगाड़ा रेंज के केवल दो वाचर ही मौजूद थे। इस बीच, कतर्नियाघाट जंगल इलाके में मंगलवार सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक लगातार भारी बारिश हुई। बारिश की रफ्तार धीमी होने के बाद भी इलाका जलमग्न हो गया। लोगों के खेत तालाब जैसे दिख रहे हैं और गांवों के कच्चे रास्तों पर जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। जंगलों में भी पानी भर गया है। इस बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भी फायदा पहुंचा है।
कतर्नियाघाट हाईवे पर गिरे पेड़, 17 घंटे मार्ग बंद:4 किलोमीटर में 3 जगह अवरुद्ध, यात्री फंसे
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