- सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं हेतु उत्तर प्रदेश सरकार एवं प्रशासन का किया अभिनंदन
- श्रावण मास के अवसर पर परमार्थ निकेतन में पाँच दिवसीय अखंड रामायण पाठ का हुआ शुभारम्भ
ऋषिकेश। श्रावण मास की आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण में आज परमार्थ निकेतन में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। परमार्थ निकेतन पहुँचने पर उन्होंने माँ गंगा के पावन तट पर विधिवत पूजन-अर्चन किया तथा गुरु परम्परा को नमन कर भारत की सनातन आध्यात्मिक परम्परा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मंत्री का रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर आत्मीय अभिनन्दन किया। माँ गंगा के सान्निध्य में दोनों के मध्य राष्ट्र, समाज, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना तथा जनकल्याण से जुड़े अनेक समसामयिक विषयों पर सार्थक एवं प्रेरणादायी चर्चा हुई।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना और शिवत्व को आत्मसात करने का महिना है। यह सेवा, संयम, स्वच्छता और सद्भाव का महापर्व है। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराना अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में राज्य सरकार एवं प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक प्रबंध, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, चिकित्सा सुविधाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु किए गए समर्पित प्रयास वास्तव में सराहनीय हैं।
स्वामी ने कहा कि जब शासन और प्रशासन श्रद्धालुओं की सेवा को अपना धर्म मानकर कार्य करते हैं, तब व्यवस्था केवल प्रशासनिक नहीं रहती, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण बन जाती है। उन्होंने कांवड़ यात्रा की सफल एवं व्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिए उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड़ सरकार, प्रशासन, पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग, सफाई कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंत्री सुरेश खन्ना ने परमार्थ निकेतन द्वारा आध्यात्मिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, योग, संस्कृति एवं मानवीय सेवा के क्षेत्रों में किए जा रहे बहुआयामी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और वैश्विक सद्भाव का सशक्त केंद्र है। श्रावण मास के शुभारम्भ के साथ परमार्थ निकेतन में पाँच दिवसीय अखंड रामायण पाठ का भी विधिवत शुभारम्भ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, श्रीरामचरितमानस के मंगलाचरण तथा भक्तिमय वातावरण के मध्य प्रारम्भ हुआ।












