लखनऊ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ऐशबाग स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में जिला प्रशासन के साथ अहम बैठक हुई। जिसमें मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट, नगर निगम, ईदगाह कमेटी और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अपील की कि कुर्बानी की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें। कुर्बानी करने वाले सफाई का पूरा ध्यान रखें। कहीं पर भी खुले में कुर्बानी ना की जाए। निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करें और कुर्बानी करें।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि ईद-उल-अजहा की नमाज 28 मई को ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम से ईदगाह और शहर की तमाम मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई, बिजली और पानी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। मौलाना फरंगी महली ने कहा है कि 28, 29 और 30 मई को कुर्बानी का त्योहार मनाया जाएगा। कुर्बानी के दौरान सफाई के विशेष प्रबंध किए जाएं। मौलाना ने कुर्बानी करने वालों से अपील की कि कुर्बानी की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें।
कुर्बानी करने वाले सफाई का पूरा ध्यान रखें। कहीं पर भी खुले में कुर्बानी ना की जाए। निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करें और कुर्बानी करें। मौलाना खालिद रशीद ने कहा है कि त्योहार खुशी और भाईचारे का पैगाम लेकर आता है। हमको प्रयास करना चाहिए कि इस खुशी के पर्व में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करें। सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर पर्व मनाएं। आपसी भाई चारा के साथ त्योहार मनाना गंगा-जमुनी तहज़ीब और भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। बकरीद के दिन ईदगाह में आने वाले नमाजियों के लिए सफाई, सुरक्षा और जल की विशेष व्यवस्था की मांग की गई।
डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने कहा है कि कुर्बानी के लिए जानवरों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं होगी। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। जानवरों के अवशेष और खून को नालियों में बहाने से बचा जाए। कानून का पूरी तरह पालन किया जाए। सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था रहेगी। किसी को भी शांति व्यवस्था में व्यवधान डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरीके से मुस्तैद है।












