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अवशेष गाटों में अंश निर्धारण एवं त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण में संशोधन हेतु 26 जून तक चलेगा अभियान-जिलाधिकारी

श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया है कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अंश निर्धारण से बचे हुए अवशेष गाटों में अंश निर्धारण एवं त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण में संशोधन की शत-प्रतिशत कार्यवाही पूर्ण कराये जाने हेतु दिनांक 22 जून, 2026 से अभियान चलाया जा रहा है, जो 26.06.2026 तक चलेगा। उक्त के क्रम में जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने तहसील के प्रत्येक राजस्व ग्राम में दिनांक 22.06.2026 से 26.06.2026 तक का विशेष अभियान चलाकर भूमि प्रबन्धक समिति एवं समस्त खातेदारों/सह खातेदारों के साथ लेखपाल की राजस्व ग्रामवार खुली बैठक का कार्यक्रम निर्धारित कराते हुए कार्यवाही पूर्ण कराई जाये।
उक्त बैठक में समस्त ग्रामवासी/सह-खातेदार आवश्यक विधिक प्रपत्र (भूमि क्रय संबंधी बैनामा इत्यादि या सक्षम न्यायालय का आदेश की प्रति) के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित हो सके, इसके लिए उक्त अभियान का पर्याप्त रूप में प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा संबंधित राजस्व ग्राम में बैठक कर कार्यवाही किये जाने के लिए निम्नवत् दो प्रकार की सूची तैयार की जायेगी-(क) प्रथम सूची-इस सूची में राजस्व ग्राम के उन खातेदारों/सहखातेदारों के गाटों का विवरण रहेगा, जिनमें अंश निर्धारण नहीं हुआ है। (ख) द्वितीय सूची-इस सूची में राजस्व ग्राम के उन खातेदारों/सहखातेदारों के गाटों का विवरण रहेगा, जिनमें अंश निर्धारण हो चुका है।
पूर्व में अंश निर्धारण हो चुके गाटों का आकार भूलेख पोर्टल से प्राप्त कर क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा बैठक में पढ़कर सुनाया जायेगा एवं संज्ञान में आये ऐसे समस्त प्रकरणों, जिनमें अंश निर्धारण त्रुटिपूर्ण हुआ है, को सूचीबद्ध किया जाएगा। त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण वाले समस्त खातेदारों/सहखातेदारों से प्रपत्र ख०पु०-3 में सही अंश दर्ज कराकर, सहमति के रूप में हस्ताक्षर/अंगूठा एवं आवश्यक विधिक प्रपत्र (भूमि कय संबंधी बैनामा इत्यादि या सक्षम न्यायालय का आदेश) प्राप्त किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि औचक निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आने पर ऐसे समस्त प्रकरणों, जिनमें अवशेष गाटों में अंश निर्धारण के संबंध में या त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण संशोधन करने के संबंध में सम्बन्धित राजस्व अधिकारी/कर्मचारी द्वारा लापरवाही/आदेशों की अवहेलना की गयी, तो संबंधित राजस्व अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
उन्होने कहा कि जनपद की तहसीलों के प्रत्येक राजस्व ग्राम में बैठक सम्पन्न होने के पश्चात संबंधित लेखपाल से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जायेगा कि उक्त राजस्व ग्राम में अब कोई भी गाटा (विवादित प्रकरणों को छोडकर) न तो अंश निर्धारण हेतु अवशेष है और न ही त्रुटि संशोधन हेतु अवशेष है।

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