लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक संकटों के दौर में देशहित को सर्वोपरि रखते हुए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात का असर ईंधन, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए अब समय आ गया है कि देश ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देशवासियों ने जिस एकजुटता और अनुशासन का परिचय दिया था, उसी भावना के साथ वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए लोगों से कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहन, शटल बस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित कर एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सकती है।
योगी ने कहा कि भारत कभी विश्व अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत केंद्र था, क्योंकि यहां खेती, हस्तशिल्प, पर्यटन और सूक्ष्म उद्योगों का मजबूत तंत्र विकसित था। लेकिन जब देश ने अपने संसाधनों, ज्ञान और अनुसंधान पर भरोसा करना छोड़ा तो पिछड़ना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं ने सदियों तक देश को एक सूत्र में बांधे रखा।
प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता, माफियाराज, दंगों और भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था और व्यापारी पलायन कर रहे थे। लेकिन डबल इंजन सरकार बनने के बाद कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के सभी 75 जनपदों और 58 हजार ग्राम पंचायतों तक समान विकास पहुंच रहा है तथा अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, रैपिड रेल, फोरलेन सड़कों और राष्ट्रीय जलमार्गों ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे लगभग तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक और 34 सेक्टोरल नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में अब युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ रहा। सरकार नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा का इंजन बन चुका है।












