समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, जिले में 9 हजार से अधिक अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण आवेदन वापस कर दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक दस्तावेज पूरे किए बिना किसी भी आवेदक को पेंशन स्वीकृत नहीं की जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार, अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदक की आयु का सत्यापन केवल शैक्षिक प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि अथवा परिवार/कुटुंब रजिस्टर में अंकित जन्मतिथि के आधार पर ही किया जाएगा। जिन आवेदनों में ये दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए हैं या अपूर्ण हैं, उन्हें अमान्य मानते हुए वापस भेजा जा रहा है। जनपद स्तर पर ऐसे सभी आवेदन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें आयु प्रमाण पत्र से संबंधित कमियां पाई गई हैं। इन आवेदनों को संबंधित लाभार्थियों की लॉगिन आईडी पर वापस भेजा जा रहा है, ताकि वे आवश्यक दस्तावेज दोबारा अपलोड कर सकें। इसके अतिरिक्त, संबंधित आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है। एसएमएस में स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि आवेदन किन कारणों से वापस किया गया है और आगे की प्रक्रिया क्या होगी। विभाग ने आवेदकों से अपील की है कि वे अपनी लॉगिन आईडी पर जाकर शैक्षिक प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की वह प्रति अपलोड करें, जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से अंकित हो। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर पर भी इस मामले की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ दिलाना है। इसी कारण सत्यापन प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि, अपात्रता या फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने दोहराया कि अपूर्ण दस्तावेजों के साथ किसी भी स्थिति में वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत नहीं होगी। इसलिए जिन लाभार्थियों के आवेदन वापस किए गए हैं, वे जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
9 हजार से अधिक वृद्धावस्था पेंशन आवेदन लौटे:अपूर्ण दस्तावेजों के कारण, आयु प्रमाण पत्र अनिवार्य
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