कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में रविवार रात तनाव बढ़ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार शौकत मोल्ला पर हमले का आरोप सामने आया।
इस घटना में कई टीएमसी कार्यकर्ता घायल हो गए। शौकत मोल्ला ने इस हमले को सुनियोजित बताया है और इसके लिए इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि आईएसएफ ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान शौकत मोल्ला की जान को खतरा होने की आशंका जताई थी और किसी भी अनहोनी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। रविवार रात की घटना के बाद उनकी आशंका को बल मिला है।
जानकारी के मुताबिक, शौकत मोल्ला रविवार रात दक्षिण 24 परगना के भांगड़ इलाके में चुनाव प्रचार खत्म कर लौट रहे थे। चालताबेरिया क्षेत्र में प्रचार के बाद घर लौटते समय उन पर हमला किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने रात में सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया।
शौकत मोल्ला ने सीधे तौर पर आईएसएफ पर आरोप लगाते हुए कहा, “चुनाव से पहले जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। यह पूरी तरह से योजनाबद्ध हमला है। हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है। हमने पुलिस प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।”
वहीं, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। पार्टी का दावा है कि इलाके में तनाव फैलाने की कोशिश खुद तृणमूल की ओर से की जा रही है और चुनाव से पहले सहानुभूति पाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भांगड़ विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है और यहां पहले भी कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, क्षेत्र में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ते जा रहे हैं।












