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जनपद महोबा आईजीआरएस रैंकिंग में फिसला, जिलाधिकारी ने 30 कर्मचारियों का वेतन रोका

महोबा । उत्तर प्रदेश के जनपद महाेबा में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतते हुए अधिकारियों ने ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही निस्तारण करा दिया। जिससे आईजीआरएस पोर्टल पर असंतुष्ट फीडबैक बढ़ कर 50 फीसदी हो गया। महाेबा जिले की रैंक 15 पायदान खिसक कर 67वें नंबर पर पहुंच गई है। ऐसे में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने सख्त कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक जनपद स्तरीय अधिकारियों की वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। जिससे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

मंगलवार को अपर जिला अधिकारी कुंवर पंकज ने जानकारी देते हुए बताया कि आईजीआरइस रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।जिले की रैंकिंग 67 वें स्थान पर पहुंच गई है। समीक्षा बैठक में रैंकिंग खिसकने का मुख्य कारण असंतुष्ट फीडबैक सामने आया। जनपद का असंतुष्ट फीडबैक का 40 फीसदी से 60 फीसदी हो गया है। ज्यादातर अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही शिकायतों का निस्तारण कर दिया। 50 फीसदी से अधिक असंतुष्ट फीडबैक वाले 30 से अधिक अधिकारियों का वेतन रोकने के जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने आदेश जारी कर दिए हैं।

जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता जल निगम ग्रामीण और शहरी,एल.डी.एम, उपनिदेशक कृषि, अपर मुख्य अधिकारी,खान निरीक्षक, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपायुक्त उद्योग, आबकारी अधिकारी, श्रम अधिकारी, एआरएम रोडवेज, जिला विद्यालय निरीक्षक ,जि.समाज कल्याण अधिकारी, अधिशाषी अभियंता विद्युत (नगरीय/ग्रामीण) व परियोजना अधिकारी डूडा, अधिशाषी अभियंता जल निगम, सीएमएस जिला अस्पताल इव एवं जिला महिला अस्पताल,अधिशाषी अभियंता सिंचाई, अधिशाषी अभियंता लो.नि.वि.(निर्माण खंड/प्रांतीय खण्ड), पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,सीवीओ ,सहायक अभियंता लघु सिंचाई सहित तहसीलदार,सब रजिस्ट्रार, बीडीओ, एसडीओ स्तर के लगभग अधिकारियों समेत 30 से ज्यादा जनपद स्तरीय अधिकारियों के वेतन रोके जाने के निर्देश दिये हैं।

एडीएम ने बताया कि इसके साथ ही अधिकारियों को शिकायत का स्थलीय निरीक्षण करने , और निस्तारण आख्या में मौके के गवाहों के हस्ताक्षर और फोटोग्राफ संलग्न करने के जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं। बिना ठोस साक्ष्य और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के कोई भी प्रकरण बंद नहीं माना जाएगा।

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