प्रतापगढ़। एक ओर जहां पूरा देश और पूरी दुनिया जलवायु संरक्षण हेतु ऐसे लोगों को जन प्रेरणा के रूप में सामने ला रही है और उनको मंच प्रदान कर सम्मानित कर रही वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को पलीता लगाने में वन विभाग प्रतापगढ़ के नवागत डीएफओ कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है।आज विश्व पर्यावरण दिवस पर चिलबिला जंगल में जहां पेड़ ही पेड़ हैं वहीं पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु सरकारी लालच देकर गर्मी की छुट्टी के बावजूद तपती भीषण गर्मी में नौनिहालों के साथ ही क्षेत्रों में तैनात वन कर्मियों को जिनके ऊपर पेड़ों को बचाने का जिम्मा है उनको क्षेत्र से बुलाकर कार्यकम का औपचारिक आयोजन किया गया।कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण हेतु 25 वर्षों से समर्पित,हरियाली के लिए अपनी रोजी रोटी को छोड़कर पर्यावरण की सुरक्षा का आंदोलन छेड़ने वाले जिनको तमाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों यहां तक की उन्हें यूनेस्को द्वारा विश्व जल पुरस्कार से नवाजा गया है ऐसी पर्यावरण प्रतिभा पर्यावरण सेना के नायक ग्रीनमैन अजय क्रांतिकारी को छोड़कर सभी को आमंत्रित किया।किन्तु विश्व पर्यावरण दिवस होने के नाते पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी खुद को नहीं रोक सके और कार्यकम में हरित संदेश देने पहुंचे।किन्तु विधायक सदर,भाजपा जिलाध्यक्ष वर्तमान एवं निवर्तमान के साथ ही अन्य अधिकारी एवं तथाकथित पेड़ों की कटान और समाज के ठेकेदार समाजसेवी बंधुओं की मौजूदगी में सभी को एक एक पौधा भेंटकर बेहतर फोटो और वीडियो बनाने का कार्य किया गया।उसके बाद लच्छेदार भाषणों का भी आनंद लिया गया।विश्व पर्यावरण दिवस होने के नाते इन सभी गतिविधियों से पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी को अनदेखा कर दूर रखा गया।डर था कि कहीं ऐसा न हो कि लोग पर्यावरण संरक्षण हेतु पेड़ों को बचाने की शपथ न ले लें।यदि ऐसा हो गया और अजय क्रांतिकारी बोल पड़े तो पेड़ों को कटवाने वालों का क्या होगा।उनकी और विभाग की रोजी रोटी चली जाएगी।इसके साथ ही अजय क्रांतिकारी को पर्यावरण और पेड़ों का रखवाला बताने वाले और इतना ही नहीं यह भी मानने वाले कि जनपद ही नहीं पूरे देश प्रदेश और दुनिया में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाले जिनके हरित प्रयासों से आज जनपद प्रतापगढ़ देश प्रदेश में सबसे हरियाली वाला जिला है।उन्होंने ने भी विभाग से समझौता करने या फिर वन माफियाओं को सह देने के चक्कर में डीएफओ प्रतापगढ़ को कुछ नहीं बोल सके। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण हेतु काम करने वाले अजय क्रांतिकारी को छोड़कर सभी लोगों को इस बात के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया कि आप लोग ऐसे ही पर्यावरण को तकलीफ देते रहो और हमसे रिलीफ लेते रहो ताकि पर्यावरण को बचाने की कोई हिम्मत न कर सके।
इस घटना से पर्यावरण सैनिकों में भारी रोष है और पेड़ों की रक्षा और पर्यावरण सुरक्षा हेतु पर्यावरण सेना का आंदोलन तेज किया जाएगा।अपमान जैसे प्रदूषण को दूर करने हेतु जिम्मेदार लोगों से न्याय की आशा है।
पेड़ों की सुरक्षा करने हेतु पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी को वन विभाग ने किया अपमानित
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