श्रावस्ती जिले में नासिरगंज और लक्ष्मणपुर सेमरहानियां सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य पुल जर्जर हालत में है। हर साल आने वाली बाढ़ के कारण इस बार भी पुल पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 की बाढ़ में पुल के दाहिने किनारे की सुरक्षा दीवार (पंखी) गिर गई थी। तब से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे बाढ़ का पानी दाहिनी ओर से तेजी से आता है, जिससे पुल की नींव कमजोर होने का खतरा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, पुल के बाईं ओर पुल के भीतर ही एक बड़ा पीपल का पेड़ उग आया है। यह पेड़ धीरे-धीरे पुल की संरचना को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी रामकिशन यादव ने बताया कि यह पुल उनके गांवों को जोड़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि यह क्षतिग्रस्त हो गया तो आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। शकील अहमद ने कहा कि हर साल बाढ़ में पानी का दबाव बढ़ता है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। मुन्ना लाल ने बताया कि पुल की पंखी गिरने के बाद से मरम्मत नहीं हुई है और अब पेड़ उगने से खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कराने, सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने और उगे हुए पेड़ को हटाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
श्रावस्ती में दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला पुल जर्जर:बाढ़ और पेड़ से खतरा, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की
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