उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का प्रभाव अब बहराइच के गांवों और शहरों में स्पष्ट दिख रहा है। पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में युवा, व्यापारी और समाजसेवी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी क्रम में, आजाद बिरयानी के संचालक नियाज़ अहमद और आर्य बेकर्स के संचालक इसरार सिद्दीकी ने अपनी-अपनी दुकानों के सामने पौधरोपण किया। उन्होंने समाज को पर्यावरण बचाने का प्रेरणादायक संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित पत्रकार एवं समाजसेवी आसिफ सिद्दीकी ने कहा कि पेड़ों को लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें बचाना भी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का जिक्र करते हुए आगाह किया कि यदि समय रहते अधिक पौधे नहीं लगाए गए और मौजूदा पेड़ों को नहीं बचाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन संकट में पड़ जाएगा। सिद्दीकी ने जोर देकर कहा कि चोरी-छिपे हरे-भरे पेड़ों की कटाई किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांस, पर्यावरण का संतुलन और आने वाली पीढ़ियों का जीवन है। सरकार जहां हरियाली बढ़ाने के लिए करोड़ों पौधे लगाने का अभियान चला रही है, वहीं अवैध कटाई ऐसे प्रयासों के उद्देश्य को कमजोर कर देगी। वर्तमान में धान की रोपाई का मौसम चल रहा है, लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने से किसान चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाली और वृक्षों का संरक्षण ही इस तरह की समस्याओं से निपटने में सहायक हो सकता है। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्थानीय लोगों ने भी सभी नागरिकों से अपील की कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर भविष्य मिल सके।
बहराइच में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान:युवाओं-व्यापारियों का समर्थन, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
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